40 साल से जमीन पर काबिज ग्रामीण ने उच्चस्तरीय जांच और एफआईआर की मांग की…
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,10 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। सरगुजा जिले के ग्राम रनपुरखुर्द में करोड़ों रुपए मूल्य की शासकीय/निजी भूमि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़पने की कोशिश का आरोप सामने आया है। ग्राम निवासी रामाधार राजवाड़े ने इस संबंध में शासन-प्रशासन, मुख्यमंत्री,आईजी और एसपी सहित अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत के अनुसार रनपुरखुर्द स्थित खसरा नंबर 93/4 की 0.745 हेक्टेयर भूमि पर रामाधार राजवाड़े करीब 40 वर्षों से काबिज होकर खेती कर रहे हैं। शिकायत में बताया गया है कि उक्त भूमि स्वर्गीय महेन्द्र प्रसाद, पिता नानसाय कंवर के नाम थी। महेन्द्र प्रसाद की वर्ष 2003 में अविवाहित और निःसंतान मृत्यु हो गई थी। रामाधार राजवाड़े का आरोप है कि भूमि पर कब्जा करने के लिए मो. आफताब शाह और मो. इकबाल शाह की कथित मिलीभगत से अमरसाय सिंह, मानकुंवर सहित अन्य लोगों के परिजनों को महेन्द्र प्रसाद का वारिस बताते हुए फर्जी वंशावली और दस्तावेज तैयार किए गए। शिकायत में ग्रामीणों और ग्राम पंचायत पुहपुटरा के पंचनामा का हवाला देते हुए कहा गया है कि गांव में महेन्द्र प्रताप नाम का कोई व्यक्ति नहीं था और अमरसाय को कभी महेन्द्र नाम से नहीं जाना गया।
जांच में हेरफेर का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुलिस और प्रशासनिक जांच में साक्ष्य सामने आने के बावजूद निचले स्तर के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों से कथित सांठगांठ कर जांच प्रतिवेदन की फाइलों में हेरफेर किया गया। इसका उद्देश्य कथित भू-माफियाओं और फर्जी वारिसों को लाभ पहुंचाना बताया गया है। रामाधार राजवाड़े ने पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने,फर्जी वंशावली और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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