Breaking News

सूरजपुर@ भैयाथान में 316 गर्भवती माताओं की हुई स्वास्थ्य जांच

Share


प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर आयोजित,38 महिलाओं की सोनोग्राफी और 26 हाई रिस्क प्रेगनेंसी के रूप में चिन्हित
-संवाददाता-
सूरजपुर,10 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकासखंड भैयाथान में विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान आयोजित किया गया, कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की जांच कर उनके स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन किया गया। स्वास्थ्य शिविर में कुल 316 गर्भवती माताओं एवं महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई, जांच के दौरान चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर 38 गर्भवती महिलाओं की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैयाथान में सोनोग्राफी कराई गई,इसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भस्थ शिशुओं के स्वास्थ्य की आवश्यक जांच की गई।
26 महिलाएं हाई रिस्क प्रेगनेंसी के रूप में चिन्हित-स्वास्थ्य जांच के दौरान 26 गर्भवती माताओं को हाई रिस्क प्रेगनेंसी के रूप में चिन्हांकित कर पंजीकृत किया गया,इन महिलाओं को विशेष चिकित्सकीय निगरानी में रखने के साथ आवश्यक परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है,स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मामलों में नियमित फॉलोअप और चिकित्सकीय निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि गर्भावस्था के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
समय पर जांच और जोखिम की पहचान पर जोर-प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच,आवश्यक परीक्षण, जोखिम की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है,शिविर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया। साथ ही उन्हें गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए जागरूक किया गया, अभियान के तहत हाई रिस्क के रूप में चिन्हित महिलाओं को सामान्य गर्भवती महिलाओं की तुलना में अधिक सतर्क चिकित्सकीय निगरानी में रखने की व्यवस्था की गई है।
इससे किसी भी संभावित स्वास्थ्य जोखिम की समय रहते पहचान और प्रबंधन में मदद मिल सकेगी,जिले में इस तरह के स्वास्थ्य अभियानों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।


Share

Check Also

अम्बिकापुर@ टेट अनिवार्यता के कारण पदोन्नति से वंचित हो रहे शिक्षकों की राहत की मांग

Share -संवाददाता-अम्बिकापुर,10 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक/शिक्षक संवर्ग में कार्यरत …

Leave a Reply