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बलरामपुर@ बसों में मनमाना किराया वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई,किराया सूची चस्पा करना अनिवार्य

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बैठक में सख्त निर्देश,अब यात्रियों से तय दर से अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई,सवाल…नियम पहले से थे तो निगरानी अब क्यों?
-संवाददाता-
बलरामपुर,10 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)।
यात्री बसों में निर्धारित किराए से अधिक वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच पुलिस और प्रशासन ने बस संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी की है। गुरुवार को यातायात शाखा बलरामपुर में आयोजित बैठक में बस मालिकों और चालकों को शासन द्वारा निर्धारित किराया दरों की जानकारी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया कि यात्रियों से तय दर से अधिक किराया नहीं लिया जाए। साथ ही प्रत्येक बस में किराया सूची प्रमुखता से चस्पा करना अनिवार्य किया गया है। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा एवं बलरामपुर-रामानुजगंज पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में जिला परिवहन अधिकारी यशवंत यादव और यातायात प्रभारी विमलेश कुमार देवांगन ने बस संचालकों को नई निर्धारित किराया दरों की जानकारी दी।
किराया तय,लेकिन वसूली पर निगरानी कितनी?शासन द्वारा निर्धारित किराया दर के अनुसार साधारण बस में शुरुआती 5 किलोमीटर तक 8 प्रति यात्री तथा इसके बाद 1 प्रति यात्री प्रति किलोमीटर किराया निर्धारित है। वहीं डीलक्स और स्लीपर कोच में शुरुआती 5 किलोमीटर तक 8 तथा इसके बाद 3 प्रति यात्री प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित की गई है। इसके बावजूद यदि यात्रियों से अधिक किराया वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं तो सबसे बड़ा सवाल नियमों के अस्तित्व से ज्यादा उनके पालन की निगरानी को लेकर है। किराया सूची बसों में चस्पा करने का निर्देश निश्चित रूप से यात्रियों के लिए उपयोगी है, लेकिन क्या परिवहन विभाग नियमित रूप से बसों की जांच करेगा? क्या शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई होगी या औचक जांच की व्यवस्था भी की जाएगी?
सूची लगाना जरूरी,यात्रियों को जानकारी देना उससे भी जरूरी : किराया सूची चस्पा होने से यात्रियों को यह पता चल सकेगा कि उन्हें किस दूरी के लिए कितना भुगतान करना है। इससे मनमानी वसूली पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है। लेकिन ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सफर करने वाले कई यात्रियों को निर्धारित दरों की जानकारी ही नहीं होती।ऐसे में केवल बस के अंदर किराया सूची लगा देना पर्याप्त नहीं होगा। यात्रियों को यह भी स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि अधिक किराया वसूले जाने पर शिकायत कहां और किस माध्यम से की जा सकती है। शिकायत के बाद कितने समय में कार्रवाई होगी और कार्रवाई की जानकारी यात्री को कैसे मिलेगी—इसकी व्यवस्था भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
बस स्टॉप और यातायात नियमों पर भी सख्ती जरूरी
बैठक में बस चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित बस स्टॉप पर ही वाहन रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यह निर्देश भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि कई मार्गों पर बसों द्वारा मनमाने स्थानों पर सवारी उतारने-चढ़ाने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बस संचालकों ने बैठक में संचालन से जुड़ी अपनी व्यावहारिक समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं, जिन पर चर्चा की गई। अंत में संचालकों ने शासन के नियमों और निर्धारित किराया दरों का पालन करने का भरोसा दिलाया।
कार्रवाई सिर्फ चेतावनी तक सीमित न रहे
अधिक किराया वसूली पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी स्वागत योग्य है, लेकिन यात्रियों के हित में इसका वास्तविक असर जमीनी जांच और कार्रवाई से ही दिखाई देगा। परिवहन विभाग यदि नियमित औचक निरीक्षण करे, बसों में किराया सूची की जांच करे और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे तो मनमानी वसूली पर प्रभावी रोक लग सकती है। अब देखना यह है कि बैठक में दिए गए सख्त निर्देश बसों की सीटों और किराया सूची तक सीमित रहते हैं या वास्तव में यात्रियों की जेब पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ पर भी कार्रवाई होती है।


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