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काठमांडू@नेपाल में अब तक 682 मौतें,3000 लापता

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ग्लेशियर टूटने से तबाही आई..800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर गिरा
काठमांडू,29 अगस्त 2026। नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक बाढ़ आई थी। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया। वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं। अचानक ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता नजर आता है। हिमस्खलन के बाद धूल और मलबा पूरे इलाके में फैल जाता है। वीडियो में नीचे की ओर बहता पानी और मलबा भी दिखाई दे रहा है। ग्रुप जब नीचे उतरा तो रास्ते बंद मिले। इसके बाद उन्हें पता चला कि ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद इलाके में आई बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। नेपाल में इस आपदा से 6८२ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तिब्बत में 7 लोगों की मौत की पुष्टी की गई है। करीब ३०00 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय भी शामिल हैं। 400 भारतीय अभी तिब्बत में फंसे हुए हैं।
बाढ़ ने प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल उठाए
हिमालयी क्षेत्र में भूस्खलन, हिमस्खलन और ग्लेशियल झील फटने जैसी घटनाओं का खतरा रहता है। जलवायु परिवर्तन के साथ इन जोखिमों के बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। बाढ़ के बाद अब सवाल उठ रहा है कि नेपाल में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट कहां बनाए जाएं और उन्हें ऐसे प्राकृतिक खतरों से बचाने के लिए किस तरह डिजाइन किया जाए। विशेषज्ञ छोटे प्रोजेक्टों की मजबूती और बड़े जलाशयों की जरूरत पर भी चर्चा कर रहे हैं।
नेपाल बाढ़ पीडि़तों के लिए पुरी बीच पर खास संदेश
ओडिशा के पुरी बीच पर रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने नेपाल बाढ़ के पीडि़तों के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने नेपाली झंडे और प्रे फॉर नेपाल’ संदेश के साथ रेत की कलाकृति बनाकर प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना की।
नेपाल की हाइड्रोपावर इंडस्ट्री पर बाढ़ का खतरा
नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने देश की हाइड्रोपावर इंडस्ट्री पर बड़ा असर डाला है। भोटेकोशी और त्रिशूली घाटियों में बाढ़ से 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। इनमें 6 निर्माणाधीन प्रोजेक्ट भी शामिल हैं। नेपाल इलेक्टि्रसिटी अथॉरिटी के मुताबिक, बाढ़ के बाद 431 रूङ्ख बिजली उत्पादन क्षमता बंद हो गई। यह देश की कुल उत्पादन क्षमता का 12′ से ज्यादा है। निर्माणाधीन प्रोजेक्टों को भी जोड़ने पर प्रभावित क्षमता करीब दोगुनी हो जाती है।
पनबिजली सुरंगों में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका
नेपाली सेना ने कुछ स्थलों से श्रमिकों को बचाया, लेकिन त्रिशुली गलियारे में स्थित परियोजनाओं में पहुंच अभी भी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। भोटेकोशी बाढ़ के बाद पनबिजली सुरंगों में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है। नेपाली सेना के जवान भोटेकोशी बाढ़ के बाद रसुवा में एक जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को बचा रहे हैं।


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