शहर के विभिन्न मोहल्लों से निकला जुलूस कला केंद्र मैदान पहुंचा, सर्वधर्म गुरुओं ने पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन और आदर्शों पर रखे विचार


-संवाददाता-
अम्बिकापुर,26 अगस्त 2026 (घटती-घटना)। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन के अवसर पर बुधवार को अंबिकापुर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी पूरी शिद्दत,श्रद्धा,शालीनता और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न मोहल्लों से निकला जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए कला केंद्र मैदान पहुंचा,जहां सीरतुन्नबी कमेटी अंबिकापुर की ओर से भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की खासियत यह रही कि इसमें मुस्लिम समाज के साथ शहर के विभिन्न धर्मों एवं समुदायों के धर्मगुरु,जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए। मंच से सर्वधर्म समभाव और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।
सर्वधर्म गुरुओं ने बताया
मोहम्मद साहब का जीवन-दर्शन
कार्यक्रम को ईसाई समाज के धर्मगुरु बिशप स्वामी डॉ. एंथोनी बड़ा,सिख समाज के वक्ता हर्षदीप सिंह जिंदल, हिंदू समाज के वक्ता अंजनी कुमार पांडेय तथा मुस्लिम समाज के धर्मगुरु मौलाना सगीर मिस्बाही एवं मौलाना हमीद रजा ने संबोधित किया। वक्ताओं ने पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन, उनके आदर्शों और मानवता के प्रति उनके संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संदेश प्रेम,करुणा, न्याय,भाईचारे,अनुशासन,ईमानदारी और जरूरतमंदों की मदद की प्रेरणा देता है। वक्ताओं ने सभी धर्मों के सम्मान,सामाजिक सौहार्द और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में जब भी नफरत और विभाजन की परिस्थितियां पैदा हों,तब इंसानियत और भाईचारे को प्राथमिकता देना ही सच्चा रास्ता है। वक्ताओं ने देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी जोर देते हुए लोगों से जिस समाज और देश में रहते हैं, उसके प्रति ईमानदारी से अपना दायित्व निभाने का आह्वान किया।
सिंहदेव बोले…सांप्रदायिक
सद्भाव की मिसाल है आयोजन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सरगुजा के पूर्व उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि सीरतुन्नबी कमेटी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला यह कार्यक्रम अंबिकापुर की गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल है। विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी भाईचारे एवं सामाजिक समरसता को मजबूत करने की पहल सराहनीय है।
मेधावी विद्यार्थियों और खिलाडि़यों का सम्मान : समारोह में शिक्षा, खेल, प्रतियोगी परीक्षाओं और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। वहीं बॉक्सिंग, हैंडबॉल, शूटिंग, कुश्ती और कैरम सहित विभिन्न खेलों में जिला एवं राज्य स्तर पर अंबिकापुर का नाम रोशन करने वाले खिलाडि़यों का भी सम्मान हुआ। UPSC एवं CGPSC में सफलता हासिल करने वाले जिले के होनहार युवाओं को भी सम्मानित किया गया।
समाजसेवी संस्थाओं और मदरसा विद्यार्थियों को सम्मान : समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली रजा यूनिटी फाउंडेशन,गौ सेवा मंडल और मुस्लिम युवा मंच सहित अन्य संस्थाओं को सम्मानित किया गया। शहर के विभिन्न मदरसों के चयनित प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कमेटी के कार्यक्रमों को लंबे समय से सफल बनाने में योगदान देने वाले मसूद आलम एवं फैजान अहमद को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके अलावा विभिन्न मोहल्लों में आकर्षक सजावट करने वाली कमेटियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के आधार पर पुरस्कृत किया गया।
अध्यक्ष ने किया स्वागत,कार्यकारी अध्यक्ष ने जताया आभार : कार्यक्रम का स्वागत भाषण सीरतुन्नबी कमेटी के अध्यक्ष मेराज गुड्डू ने दिया। संचालन फैजान अहमद ने किया, जबकि कार्यकारी अध्यक्ष नियाजउद्दीन खान निक्की ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में हाजी रहमत खान, यासीन अंसारी,पार्षद हसन खान,अख्तर सिद्दीकी, बाबर इदरीशी,शादाब आलम रिजवी,हाजी अख्तर,मोहम्मद जाकिर,सादिक खान,कमाल खान,गुलशेर खान,साबिर मुन्ना,अशफाक कमर,सलमान इंजीनियर,हाजी रिजवान, मोहम्मद वसीम सहित कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। इस अवसर पर शफी अहमद,मोहम्मद इस्लाम,इरफान सिद्दीकी,जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक,अशफाक अली,रशीद अंसारी,दानिश रफीक,नगर निगम सभापति हरविंदर सिंह टिनी,विद्यानंद मिश्रा,संजय अंबष्ट मिश्र,द्वितेंद्र मिश्रा,आलोक दुबे,संजय मित्तल सहित बड़ी संख्या में विभिन्न समाजों के नागरिक एवं मुस्लिम समाज के प्रमुखजन उपस्थित रहे।
जुलूस से लेकर मंच तक दिखी सामाजिक एकता
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकले जुलूस और कला केंद्र मैदान में आयोजित कार्यक्रम ने शहर में धार्मिक सौहार्द और सामाजिक एकता का संदेश दिया। आयोजन में विभिन्न समुदायों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि अंबिकापुर की पहचान केवल त्योहार मनाने से नहीं, बल्कि एक-दूसरे के त्योहारों और भावनाओं का सम्मान करने से भी मजबूत होती है।
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