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रायपुर@इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक कांड का मास्टर माइंड निकला प्रोफेसर,6 गिरफ्तार

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रायपुर,22 अगस्त 2026। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में पुलिस ने 36 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले का मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। 20 अगस्त को बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष द्वितीय सेमेस्टर की एजीसीएच-221 (कीटशास्त्र) परीक्षा आयोजित होनी थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की सूचना सामने आई। इसके बाद थाना तेलीबांधा में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने रायपुर,दुर्ग, कबीरधाम, बिलासपुर और आसपास के जिलों में दबिश देकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने प्रश्नपत्र के लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण से छोटा छेद कर मोबाइल कैमरे के जरिए प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की। इसके बाद प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर उसने अपने कॉलेज के छात्रों को 11 हजार रुपये में बेचने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, प्रश्नपत्र आगे अजय नायक के माध्यम से त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचा। पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, मोबाइल कनेक्टर,सुई,सूजा,कॉपी और फेविकोल जब्त किया है। पुलिस ने बताया कि मामले में 2 अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 360/26 के तहत छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 4, 5 एवं 10 तथा धारा 316 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।
परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे पहले वॉट्सऐप पर मिला था पेपर
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर के एंटोमोलॉजी यानी कीट विज्ञान का पेपर परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले वॉट्सऐप पर लीक हुआ था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर की तस्वीरें और सवाल विद्यार्थियों के बीच वॉट्सऐप पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि पेपर किसी अन्य सोर्स से फॉरवर्ड होकर विद्यार्थियों तक पहुंचा था।
6 घंटे में पेपर लीक का खुलासा
पेपर वॉट्सऐप पर वायरल होने के बाद इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस को दी। पुलिस ने तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर दुर्ग निवासी अनुज मिंज को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इसके बाद कबीरधाम,रायपुर,दुर्ग और बिलासपुर समेत कई जिलों में अलग-अलग टीमें भेजी गईं। करीब 36 घंटे की लगातार जांच के बाद पुलिस ने पेपर लीक के पूरे मामले का खुलासा किया।


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