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नई दिल्ली@संसद परिसर में एनडीए-कांग्रेस सांसद आमने-सामने आए

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बीजेपी सांसद ने पूछा-राहुल झारखंड क्यों नहीं गए, प्रियंका बोलीं-वे छात्रों से मिल चुके


नई दिल्ली,11 अगस्त 2026। संसद परिसर में एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया। एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने भी आ गए। प्रियंका गांधी के संसद पहुंचने पर बीजेपी सांसद राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाने लगे। बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने पूछा कि राहुल झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों से क्यों नहीं मिल रहे हैं। प्रियंका मुस्कुराती हुई उनके पास गईं और कहा- राहुल झारखंड गए हैं और छात्रों से मिल चुके हैं। लोकसभा और राज्यसभा में भी हंगामा हुआ। लोकसभा की कार्यवाही पहले 11 बजे तक स्थगित की गई। दोपहर 2 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद ही हंगामे के चलते कार्यवाही बुधवार तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की कार्यवाही जारी है। 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र का 13 अगस्त को आखिरी दिन है। तीन हफ्तों के दौरान संसद की कार्यवाही लगातार हंगामे के कारण प्रभावित रही है। विपक्ष दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री के जवाब की मांग कर रहा है। सरकार ने सोमवार को कहा कि अमित शाह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। हालांकि, राहुल ने कहा कि हमें शाह की राय नहीं सुननी बल्कि यह जानना है कि छात्रों पर पुलिस एक्शन का आदेश किसने दिया था।
हंगामे के बीच लोकसभा में 2 बिल पास : विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा ने केरल का नाम केरलम करने और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से जुड़े दो बिल बिना चर्चा के पास कर दिए। लोकसभा अब तक 11 बिल पास कर चुकी है, जिनमें सिर्फ 2 पर चर्चा हुई है।
सरकार सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर चर्चा के लिए तैयार : केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, सरकार गृह मंत्री के बयान और सुरक्षाबलों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं खनिज, खदान और ट्रिब्यूनल से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा के लिए 2-3 घंटे का समय तय किया गया है।
रिजिजू बोले- केरलम नाम वाले बिल पर वेणुगोपाल नहीं बोल सके, इसका दुखः केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि केरलम के पुराने नाम को बरकरार रखने वाला बिल बेहद महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, केरलम एक खूबसूरत राज्य है और केसी वेणुगोपाल कांग्रेस के सीनियर सांसद हैं। मुझे दुख है कि बिल पास होने के दौरान वे अपनी बात नहीं रख सके।
हंगामे के बीच लोकसभा में दो बिल पास
हंगामे के बीच लोकसभा में दो बिल बिना चर्चा के पास हो गए। इनमें केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) बिल, 2026 शामिल है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल का नाम बदलने वाला बिल पेश किया। नारेबाजी के बीच इसे बिना बहस के ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके तुरंत बाद सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) बिल, 2026 पेश किया। लगातार हंगामे के बीच यह बिल भी बिना बहस के पारित हो गया। लोकसभा अब तक 11 बिल पारित कर चुकी है। इनमें केवल दो बिलों पर बहस हुई है, जबकि बाकी बिल विपक्ष के विरोध के बीच बिना चर्चा के पारित किए गए हैं।
रामदास आठवले बोले- राहुल गांधी को सदन चलने देना चाहिए
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा, ‘राहुल गांधी डरे हुए हैं और यही वजह है कि उन्हें चुनावों में हार का सामना करना पड़ता है। जब अमित शाह सदन में बोलने के लिए तैयार हैं, तो राहुल गांधी को सदन चलने देना चाहिए।’
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- छात्रों के मामले पर झूठ फैला रही है कांग्रेस
पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- ‘कांग्रेस छात्रों के हितों को लेकर लगातार झूठ फैला रही है। राहुल के पास तथ्यों की कमी है। विपक्ष के नेता न तो संसद में आना चाहते हैं और न ही सरकार के जवाब सुनना चाहते हैं। उनका मकसद सिर्फ झूठ फैलाना और घडि़याली आंसू बहाना है।’
गोगोई बोले- राहुल ने झारखंड में लाठीचार्ज की तुरंत निंदा की
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सोमवार को लाठीचार्ज के बाद शाम में ही घटना की निंदा की थी। उन्होंने पीएम मोदी की तरह दो हफ्ते बाद सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने का इंतजार नहीं किया।
संसद परिसर में एनडीए और कांग्रेस सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया
संसद परिसर में एनडीए सांसदों के विरोध मार्च के दौरान विपक्षी दलों ने भी प्रदर्शन किया। इस दौरान एनडीए और कांग्रेस के सांसद एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस सांसदों ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कंगना बोलीं- राहुल संसद को एक दिन भी काम नहीं करने दे रहे
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा- राहुल गांधी ने चर्चा करने से इनकार कर दिया है। शुरू में उन्होंने कॉकरोच प्रोटेस्ट पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन जब उन्हें इसके लिए बुलाया गया, तो उन्होंने मना कर दिया। वे देश के साथ धोखा कर रहे हैं। वे संसद को एक दिन भी काम नहीं करने दे रहे हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने वंदे मातरम् बिल को दी मंजूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को ‘वंदे मातरम्’ बिल को मंजूरी दे दी। यह बिल 24 जुलाई को राज्यसभा में पेश किया गया था। वहां से पारित होने के बाद राष्ट्रपति के पास गया था। इस बिल के कानून बनने के बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर कानूनी सुरक्षा मिल गई है। यह कानून 1971 के राष्ट्रीय सम्मान के अपमान से रोकने वाले कानून में संशोधन करता है। इसके तहत ‘वंदे मातरम्’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालना, किसी सभा को इसे गाने से रोकना या इसका कानून के दायरे में आने वाला अपमान करना अपराध होगा। ऐसे मामलों में 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। दूसरे या बाद के दोषसिद्ध मामलों में कम से कम एक साल की जेल का प्रावधान भी है।
केरल का नाम केरलम किए जाने वाला विधेयक लोकसभा से पारित
लोकसभा में मंगलवार को केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ किए जाने से जुड़ा विधेयक शोर-शराबे के बीच बिना किसी चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने आज सदन में शोर-शराबे के बीच केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 चर्चा हेतु पेश किया और संक्षिप्त में जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधेयक के पारित किए जाने के कुछ कांग्रेस सांसदों ने विरोध किया है। दूसरी संसदीय कार्यमंत्री ने किरेन रिजिजू ने विधेयक पारित होने के बाद दुख जताया कि विधेयक पर वरिष्ठ सदस्य केसी वेणुगोपाल को बोलने का अवसर नहीं मिला। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में पिछले दो सप्ताह से जारी व्यवधान आज भी जारी रहा। शोर-शराबे बीच सरकार लगातार दोनों सदनों में कुछ आवश्यक विधायी कार्य पूरा करा रही है। इसी क्रम में आज केरल राज्य का नाम बदले जाने से जुड़ा विधेयक बिना किसी चर्चा के पारित कर दिया गया। मलयालम भाषा में राज्य को पारंपरिक रूप से ‘केरलम’ ही कहा जाता है। विधेयक इसी सांस्कृतिक पहचान को आधिकारिक दर्जा देने के लिए लाया गया है। इसके तहत भारतीय संविधान की पहली अनुसूची में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। नाम परिवर्तन के साथ-साथ राज्य से संबंधित अन्य संवैधानिक तथा प्रशासनिक दस्तावेजों में आवश्यक परिणामी संशोधन भी शामिल होंगे। केरल विधानसभा ने 24 जून, 2024 को सर्वसम्मति से एक संकल्प पारित किया था।


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