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नई दिल्ली@सरकार परिसीमन बिल पर विशेष सत्र नहीं लाएगी : रिजिजू

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प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई व अन्य मुद्दों पर विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन
नई दिल्ली,05 अगस्त 2026। सरकार परिसीमन पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र नहीं ला रही है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को इन खबरों को खारिज कर दिया। रिजिजू ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘महिलाओं के आरक्षण और परिसीमन बिल पर 16 से 18 अगस्त के बीच कोई स्पेशल सेशन बुलाने का प्रस्ताव नहीं है।’ सरकार मौजूदा मानसून सत्र में ही संविधान संशोधन बिल पास कराने की नई कोशिश कर रही है। इसके लिए रिजिजू ने राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस सांसदों से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, राहुल ने समर्थन से साफ इनकार कर दिया। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि किरेन रिजिजू ने परिसीमन के मुद्दे पर उनसे बात की। हम इस पर विचार करके उन्हें जवाब देंगे। कांग्रेस और विपक्ष का रुख पहले जैसा ही है। संसद परिसर में कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर चढ़ावा चोरी तथा अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा और गृहमंत्री अमित शाह से संसद में जवाब देने की मांग की।
इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर स्थित गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक विरोध मार्च भी निकाला। प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल तथा अन्य विपक्षी दलों के सांसद बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग किया गया और इस पूरे मामले की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। विपक्षी सांसदों ने मांग की कि गृहमंत्री संसद में आकर इन मुद्दों पर अपना पक्ष रखें। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि छात्रों पर गोली, पैलेट गन, आंसू गैस या लाठीचार्ज का इस्तेमाल हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी किसी न किसी की अवश्य होगी। ऐसे आदेश किसी अधिकारी या सरकार के स्तर से ही दिए जाते हैं, इसलिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। देश की लोकतांत्रिक परंपरा यही रही है कि ऐसी घटनाओं के लिए जवाबदेही स्वीकार की जाए।
लोकसभा में बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल पास, 135 साल पुराने कानून बदलेंगे
लोकसभा ने बुधवार को बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026 को मंजूरी दे दी। यह नया कानून 1891 के ब्रिटिश शासन के समय बने पुराने कानून की जगह लेगा। इस बिल का मकसद यह है कि बैंकों के डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक, वर्चुअल और क्लाउड में रखे गए रिकॉर्ड भी अदालत में वैध सबूत (एविडेंस) माने जाएं। लोकसभा में शोर-शराबे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिल पेश किया। हंगामा नहीं थमने पर बिना चर्चा के ध्वनिमत (वॉइस वोट) से बिल पास कर दिया गया।


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