राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी,अधिसूचना जारी
नई दिल्ली,01 अगस्त 2026। सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए लाया गया पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 अब कानून बन गया है। संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को इसे मंजूरी दे दी है। कानून मंत्रालय ने शुक्रवार को राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी। नए कानून के तहत पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के लिए पहले से अधिक सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य छात्रों के भविष्य की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना है।इस संशोधन विधेयक को सबसे पहले लोकसभा ने पारित किया था। दोनों सदनों से पारित होने के बाद अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ यह कानून लागू हो गया है। संशोधित कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक परीक्षा का पेपर लीक करता है या परीक्षा में अनुचित तरीके अपनाने का दोषी पाया जाता है तो उसे 5 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक जुर्माने की सजा हो सकती है। वहीं, यदि पेपर लीक किसी संगठित गिरोह या नेटवर्क की ओर से किया जाता है, तो दोषियों को कम से कम 7 साल की जेल होगी। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये या उससे अधिक का जुर्माना भी लगाया जा सकेगा।
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