- पहले एयरपोर्ट के नाम एक ही परिवार पर थे
- हमने बदली परंपरा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी
अमरावती,01 अगस्त 2026। पीएम मोदी ने शनिवार को आंध्रप्रदेश के अमरावती में कहा, ‘देश में पहले एयरपोर्ट के नाम एक ही परिवार के नाम पर होते थे, लेकिन हमारी सरकार ने इस परंपरा को बदल दिया।’उन्होंने कहा, ‘हमने अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम बाल्मीकी के नाम से जोड़ा। पंजाब में एयरपोर्ट का नाम संत रविदासजी के नाम पर रखा। इस एयरपोर्ट का नाम श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा है।’पीएम ने यहां भोगपुरम एयरपोर्ट समेत 18 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
पीएम ने कहा…आज आंध प्रदेश में डबल स्पीड से काम हो रहा
पीएम ने कहा…आज चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के नेतृत्व में एनडीए की पूरी टीम आंध्र प्रदेश के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है। आंध्रप्रदेश में करीब 1 लाख करोड़ रुपए की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। राज्य के पूरे रेल नेटवर्क का इलेक्टि्रफिकेशन हो चुका है। यहां 70 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाया जा रहा है।
पीएम ने कहा…अल्लूरी
सीताराम ने आदिवासियों
के लिए काम किया…
मोदी ने कहा…कि ये अल्लूरी सीताराम राजू की धरती है। अल्लूरी सीताराम ने जिस धरती पर आदिवासी हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया, आज वहां पर आंध्र प्रदेश के एक नए एयरपोर्ट की शुरुआत हो रही है। ये एयरपोर्ट आंध्र और उत्तर आंध्र की ग्रोथ का रनवे है। ये आंध्र के युवाओं के बेहतर भविष्य का लॉन्चपैड है।
पीएम बोले…12 साल में एयरपोर्ट की संख्या 74 से बढ़कर 166 हुई
प्रधानमंत्री ने कहा…कुछ दिन पहले ही सरकार ने उड़ान योजना के दूसरे फेज की शुरुआत की है,इस पर भी 29 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कुछ दिन पहले काशी में स्पोक एयरपोर्ट मॉडल का शुभारंभ हुआ। आज वही मॉडल के पंजाब के अमृतसर तक पहुंच गया है। इससे अमृतसर से 25 से ज्यादा डेस्टिनेशन जुड़ जाएंगी।
मोदी बोले…पहले एक परिवार के नाम पर एयरपोर्ट होते थे…
पीएम ने कहा…पहले एयरपोर्ट ने नाम एक ही परिवार के नाम पर होते थे। हमने इस परंपरा को बदला। हमने अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम बाल्मीकी के नाम से जोड़ा। पंजाब में एयरपोर्ट का नाम संत रविदासजी के नाम पर रखा,और इस एयरपोर्ट का नाम श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा।
स्वर्ण आंध्र के विजन के लिए बहुत अहम
आंध्र प्रदेश के विकास के लिए बेहद अहम है। स्वर्ण आंध्र विजन को नई गति मिली है। शुभ अवसर पर उत्तर आंध्र की पवित्र भूमि पर आने का सौभाग्य मिला। भगवान वराहलक्ष्मीनरसिंह स्वामी, श्री कुर्मनाथस्वामी और मां पौंडितल्ली अम्मवारू को नमन। 18 हजार करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ। इनमें एयरपोर्ट, सड़क और ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। विकास के साथ भिमसा (धीमसा) नृत्य ने भी नया सांस्कृतिक रिकॉर्ड बनाया। धीमसा नृत्य ने विश्व रिकॉर्ड बनाया। 13 हजार से ज्यादा आदिवासी बहनों और बेटियों की प्रस्तुति अद्भुत रही। इसमें देश की विविधता और जनजातीय विरासत की झलक दिखी।
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