सुपरमैन’ रंजीत गुप्ता की लगातार कार्रवाई… हर मामले में सप्लायर तक पहुंच रही टीम
फिर भी हर कार्रवाई के बाद सामने आ रहा नया नाम…बड़े नेटवर्क पर सवाल बरकरार
-संवाददाता-
अम्बिकापुर,31 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत नशीले इंजेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। शुक्रवार को टीम ने 24 घंटे के भीतर पहले अंबिकापुर से कथित विक्रेता अविनाश पैकरा और फिर बलरामपुर जिले के अनपारा क्षेत्र से उसके बताए कथित सप्लायर अमर विश्वकर्मा उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विभाग इसे ऑपरेशन क्लीन की बड़ी सफलता बता रहा है,लेकिन लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों के बावजूद यह सवाल और गहरा होता जा रहा है कि आखिर इस पूरे अवैध कारोबार की सबसे ऊपरी कड़ी कब बेनकाब होगी। आबकारी विभाग के अनुसार 30 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर शांतिपारा स्थित किराए के मकान में दबिश देकर अविनाश पैकरा को गिरफ्तार किया गया। उसके बैग से 15-15 नग रेक्सोजेसिक और एविल इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ में उसने बताया कि वह इंजेक्शन बलरामपुर जिले के अनपारा निवासी अमर विश्वकर्मा उर्फ बिट्टू से खरीदकर लाता है। इसके बाद 31 जुलाई को उड़नदस्ता टीम ने बलरामपुर पहुंचकर विमलापुर के जंगल से बिट्टू को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 50-50 नग रेक्सोजेसिक और एविल इंजेक्शन बरामद किए गए। दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता का दावा है कि ऑपरेशन क्लीन के कारण अंबिकापुर के लगभग 90 प्रतिशत नशीले इंजेक्शन विक्रेता जेल पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि अब कुछ लोग बलरामपुर और सूरजपुर से माल लाकर बेचने का प्रयास कर रहे हैं और विभाग की नजर उन पर भी है।
लगातार एक ही पैटर्न,हर बार अगली कड़ी तक पहुंचने का दावा : पिछले कुछ माह में आबकारी उड़नदस्ता की कार्रवाई का लगभग एक जैसा पैटर्न सामने आया है। पहले वाहिद अंसारी की गिरफ्तारी के बाद मोशीम अंसारी तक टीम पहुंची। इसके बाद श्याम लॉज से पकड़े गए साहिल तिर्की के बयान पर नितीश गुप्ता गिरफ्तार हुआ। सीतापुर में सजाद अली से पूछताछ के बाद महबूब खान तक कार्रवाई पहुंची। ब्रह्मपारा में आशा पांडेय की गिरफ्तारी के बाद उसके बताए कथित सप्लायर राजेश मंदिलवार उर्फ बुटन को जेल भेजा गया। अब अविनाश पैकरा से पूछताछ के बाद अमर विश्वकर्मा उर्फ बिट्टू की गिरफ्तारी हुई है। इससे स्पष्ट है कि टीम केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहकर सप्लाई चेन की अगली कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
महुआ शराब से लेकर नशीले इंजेक्शन तक लगातार दबिश
ऑपरेशन क्लीन के दौरान केवल नशीले इंजेक्शनों पर ही नहीं,बल्कि अवैध महुआ शराब के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है। हाल ही में गंगापुर के नालापारा में विजय गिरी के घर दबिश देकर 15 लीटर हाथ भट्ठी महुआ शराब, 200 किलोग्राम महुआ लाहन और चलती भट्ठी बरामद की गई थी। इससे पहले हजारों नशीले कैप्सूल और अन्य मादक पदार्थ भी जब्त किए जा चुके हैं। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से विभाग की सक्रियता तो दिखाई देती है,लेकिन यह भी साफ है कि अवैध कारोबार अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
90 प्रतिशत विक्रेता जेल में…फिर भी बाजार में कैसे पहुंच रहे इंजेक्शन?
सुपरमैन आबकारी अधिकारी का दावा है कि अंबिकापुर के 90 प्रतिशत नशीले इंजेक्शन विक्रेता जेल भेजे जा चुके हैं। यदि यह दावा सही है तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसके बावजूद नए विक्रेता और नए सप्लायर लगातार कैसे सामने आ रहे हैं? क्या नेटवर्क ने केवल अपना ठिकाना बदल लिया है या इसके पीछे कोई ऐसी बड़ी आपूर्ति श्रृंखला काम कर रही है, जो अभी तक जांच की पहुंच से बाहर है?
अब असली परीक्षा नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की…
लगातार सफल कार्रवाई निश्चित रूप से विभाग की सक्रियता को दर्शाती है, लेकिन हर गिरफ्तारी के बाद एक नया सप्लायर सामने आना यह भी संकेत देता है कि नशे का कारोबार अभी कई स्तरों पर सक्रिय है। आम लोगों की अपेक्षा अब केवल फुटकर विक्रेताओं की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश है जहां से जिले और संभाग में नशीले इंजेक्शन एवं अन्य मादक पदार्थों की आपूर्ति हो रही है। यदि जांच उस शीर्ष स्तर तक पहुंचती है, तभी ऑपरेशन क्लीन को वास्तविक और स्थायी सफलता माना जाएगा।
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