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जकार्ता@भारत-इंडोनेशिया के बीच हुए 20 समझौते,नरेंद्र मोदी बोले…सर्वोच्च सम्मान मिलना सौभाग्य

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भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया
ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल अस्त्र मिसाइल की भी डील


जकार्ता,07 जुलाई 2026। भारत-इंडोनेशिया के बीच मंगलवार को जकार्ता में 20 समझौते हुए। भारत इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देगा। इसी के साथ फिलीपींस, वियतनाम के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। इंडोनेशिया ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल भारतीय ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है। वहीं भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन विकसित करने में भी मदद करेगा। राष्ट्रपति प्रबोवो ने उन्हें इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया। इसके बाद पीएम ने इंडोनेशियाई संसद को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यहां सर्वोच्च सम्मान मिलना सौभाग्य है।
रामायण और महाभारत से जुड़े हैं
भारत-इंडोनेशिया : पीएम मोदी

भारत और इंडोनेशिया सिर्फ समुद्र से ही नहीं, बल्कि साझा इतिहास से भी जुड़े हैं। हमारे रिश्तों की जड़ें रामायण और महाभारत की विरासत में हैं। बोरोबुदुर और प्रांबानन जैसे भव्य स्मारक हमें जोड़ते हैं। इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक गरुड़ भी हमारे सांस्कृतिक संबंधों की पहचान है। बाली जात्रा जैसे उत्सव हमारी साझा परंपराओं को दर्शाते हैं। स्वाद की बात करें तो यह कहना मुश्किल है कि ‘क्रुपुक’ ज्यादा कुरकुरा है या ‘पापड़’। सदियों पहले गुजरात से व्यापारी और सूफी संत समुद्र के रास्ते इंडोनेशिया आए थे। वे अपने साथ इस्लाम के विचार और इस्लामी जीवन मूल्यों को भी लेकर आए थे।
पीएम मोदी ने कहा…भारत-इंडोनेशिया के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे…
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था ने तेजी से विकास किया है। भारत भी आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। मुझे विश्वास है कि हम भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। अपने-अपने लक्ष्यों को हासिल करने में दोनों देश एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापार बढ़कर 25 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। आज पूरी दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की क्षमता को मानती है। इस क्षेत्र में भारत,इंडोनेशिया को अपना अहम साझेदार मानता है। इंडोनेशिया लंबे समय से भारत का सहयोगी रहा है और भारत भी उसके कई सैटेलाइट लॉन्च कर चुका है। पीएम ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है,मदर ऑफ डेमोक्रेसी है, और इंडोनेशिया दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी डेमोक्रेसी है।
विकसित भारत-2047 के
लक्ष्य साथ हासिल करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया ने आजादी का सफर साथ शुरू किया था। दोनों देश आजादी के 100 साल भी लगभग साथ ही पूरे करेंगे। इंडोनेशिया 2045 विजन पर काम कर रहा है, जबकि भारत विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे में दोनों देश अपने-अपने लक्ष्य हासिल करने में एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं। हम दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में हैं। हमारी अर्थव्यवस्थाएं दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। हम प्रमुख समुद्री शक्तियां भी हैं। हम प्राचीन सभ्यताएं हैं और भविष्य के स्वाभाविक साझेदार भी। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ उनकी बातचीत भी इसी सोच पर केंद्रित रही। हमारा लक्ष्य साफ है कि भारत और इंडोनेशिया के बीच भरोसे और सद्भाव को दोनों देशों के नागरिकों के लिए नए अवसरों में बदला जाए।
पीएम मोदी बोले…भारत और
इंडोनेशिया के लिए समुद्र एक सेतु है…

हमारी राजधानियां भले ही हजारों किमी दूर हों,लेकिन समुद्र में हमारे बीच 150 किमी की ही दूरी है। दूसरे देशो में भले ही समुद्र दूरी का कारण रहा है,लिए भारत इंडोनेशिया के लिए समुद्र एक सेतु है। उन्होंने कहा कि आज भारत और इंडोनेशिया एक साथ खड़े हैं। आने वाले 25 साल हम दोंनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं। हजारों साल तक हमारे जहाज व्यापार और संस्कृति को दूर-दूर तक लेकर गए हैं। हमारे पास समुद्र से जुड़ी भविष्य की अनेक संभावनाएं हैं। हमारा संबंध रामायण और महाभारत की विरासत से जुड़ा है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ मेडल ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। यह इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
मोदी बोले- गुजरात का पटोला वस्त्र इंडोनेशिया में सम्मान का प्रतीक
भारत के पश्चिमी छोर स्थित गुजरात मेरा गृहराज्य है। सदियों पहले गुजरात से कुछ गुजराती और सूफी संत समुद्र के रास्ते ही इंडोनेशिया आए थे। आज भी गुजरात के पटोला वस्त्र यहां सम्मान और प्रतिष्ठा के प्रतीक हैं। इंडोनेशिया और भारत के लोग रक्त और संस्कृति से संबंधों से जुड़े हैं। हम लोगों ने लंबे समय तक विदेशी शासन का सामना किया है। हम दोनों ही राष्ट्र लगभग एक ही समय स्वतंत्र हुए। जब स्वतंत्र राष्ट्र के तौर पर संप्रुभता की बात आई तो भारत यूएन में इंडोनेशिया की संप्रुभता के लिए मजबूत आवाज बना। एक और बात जो हमें एक-दूसरे के करीब लाती है। वह है लोकंत्र और लोकतंत्र में विभिन्नता। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है।
मोदी बोले- दुनिया में उथल-पुथल, हम शांति के समर्थन में
दुनिया में मची उथल-पुथल के इस दौर में भारत का मानना ??है कि बातचीत और कूटनीति की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है। फिलिस्तीन के मुद्दे पर, हम ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ (दो-देश समाधान) और लंबे समय तक शांति का समर्थन करते हैं। हमारे दोनों देशों के लिए एक सुनहरा दौर आने वाला है। हमारे इतिहास में एक जैसी संस्कृति, वर्तमान में आपसी भरोसा और भविष्य में साझा समृद्धि है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम मिलकर ‘इंडोनेशिया एमास’ (स्वर्ण इंडोनेशिया) और एक विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे। लोकतांत्रिक मूल्य और विविधता में एकता, भारत और इंडोनेशिया दोनों की साझा ताकत रही है। हम दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच रूश के जरिए अपने लोकतांत्रिक सहयोग को और मजबूत करने जा रहे हैं। वैश्विक मुद्दों पर भी भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इंडो-पैसिफिक को लेकर भी हमारे नजरिए में तालमेल है। भारत ने हमेशा आसियान (्रस्श्व्रहृ) की केंद्रीय भूमिका को खास अहमियत दी है।
मोदी बोले- भारत-इंडोनेशिया में सप्लाई चेन को मजबूत करना जरूरी
पीएम मोदी ने कहा- तकनीक के दौर में सप्लाई चेन मजबूत करना बेहद जरूरी है। भारत और इंडोनेशिया ने क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील सेक्टर की सप्लाई चेन को मजबूत करने पर अहम समझौता किया है। साथ ही स्टेनलेस स्टील और रेयर अर्थ मैग्नेट के क्षेत्र में दोनों देशों की कंपनियां नई साझेदारी करेंगी। भारत का क्कढ्ढ जल्द ही इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगा। इससे दोनों देशों के बीच कारोबार करना और यात्रा करना आसान होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे बुधवार को राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रांबानन मंदिर जाएंगे। एक हजार साल से अधिक पुराना यह मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
मोदी बोले- इंडोनेशिया से सम्मान मिला, यहां की सरकार का शुक्रिया
मोदी ने द्विपक्षीय मीटिंग के बाद कहा, आज सुबह मुझे बहुत प्यार और सम्मान के साथ इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान करोड़ों भारतीयों का है। यह इंडोनेशिया के लोगों की भावनाओं और हमारे दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, गहरे संबंधों को दर्शाता है। मैं राष्ट्रपति प्रबोवो, इंडोनेशिया सरकार और यहां के लोगों का दिल से धन्यवाद करता हूं। ‘ हाल के साल में, भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और गहराई आई है। 2018 में शुरू हुई हमारी ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ अब नई ऊंचाइयों को छू रही है। हम विकास, सुरक्षा, तकनीक, संस्कृति और शिक्षा जैसे सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। ‘
आतंकवाद के खिलाफ भारत-इंडोनेशिया साथ खड़े हैं- पीएम मोदी
इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत और इंडोनेशिया हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इंडोनेशिया ने मजबूती से भारत का समर्थन किया था। पीएम मोदी ने इसके लिए इंडोनेशिया का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश संयुक्त कार्य समूह (जॉइंट वर्किंग ग्रुप) के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं और इस सहयोग को आगे भी मजबूत किया जाएगा।
मोदी ने कहा…भारत-इंडोनेशिया में कुछ-कुछ होता है…
पीएम मोदी ने मंगलवार शाम को जकार्ता में भारतीय लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यहां भारत का गाना ‘कुछ-कुछ होता है’ बहुत लोकप्रिय है। जब भारत-इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं तो कुछ-कुछ से भी आगे बढ़कर बहुत कुछ होता है। पीएम बोले- राष्ट्रपति प्रबोवो ने कहा था कि उनके अंदर भारत का डीएनए है। उनकी इस बात ने भारतीयों के दिलों को छू लिया था। भारत-इंडोनेशिया का डीएनए म्युचअल ट्रस्ट से बना है। इससे पहले इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा, ‘मैं आपका करियर कॉपी करता हूं।’ उनके इतना कहते ही तालियां बजने लगीं। उन्होंने कहा,‘मोदी सरकार की कई योजनाएं सफल रही हैं। इसलिए वे इन्हें अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। अच्छा हुआ इन योजनाओं पर ‘कॉपीराइट’ नहीं है।’
आतंकवाद के खिलाफ भारत-इंडोनेशिया
साथ खड़े हैं : पीएम मोदी

इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत और इंडोनेशिया हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद इंडोनेशिया ने मजबूती से भारत का समर्थन किया था। पीएम मोदी ने इसके लिए इंडोनेशिया का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश संयुक्त कार्य समूह (जॉइंट वर्किंग ग्रुप) के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं और इस सहयोग को आगे भी मजबूत किया जाएगा।
मोदी बोले…दुनिया में उथल-पुथल,हम शांति के समर्थन में…
दुनिया में मची उथल-पुथल के इस दौर में भारत का मानना है कि बातचीत और कूटनीति की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है। फिलिस्तीन के मुद्दे पर, हम ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ (दो-देश समाधान) और लंबे समय तक शांति का समर्थन करते हैं। हमारे दोनों देशों के लिए एक सुनहरा दौर आने वाला है। हमारे इतिहास में एक जैसी संस्कृति, वर्तमान में आपसी भरोसा और भविष्य में साझा समृद्धि है। मुझे पूरा भरोसा है कि हम मिलकर ‘इंडोनेशिया एमास’ (स्वर्ण इंडोनेशिया) और एक विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे। लोकतांत्रिक मूल्य और विविधता में एकता, भारत और इंडोनेशिया दोनों की साझा ताकत रही है। हम दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच एमओयू के जरिए अपने लोकतांत्रिक सहयोग को और मजबूत करने जा रहे हैं। वैश्विक मुद्दों पर भी भारत और इंडोनेशिया के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इंडो-पैसिफिक को लेकर भी हमारे नजरिए में तालमेल है। भारत ने हमेशा आसियान की केंद्रीय भूमिका को खास अहमियत दी है।


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