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अम्बिकापुर@फरार गैंगस्टर के बहाने भाजपा ने पुलिस पर उठाए सवाल

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बाहरी लोगों के सत्यापन और स्थानीय नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग

-संवाददाता-
अम्बिकापुर,04 जुलाई 2026 (घटती-घटना)। झारखंड पुलिस की कार्रवाई के दौरान लंबे समय से फरार गैंगस्टर शब्बीर आलम उर्फ साबिर के अंबिकापुर में रहने और गिरफ्तारी से पहले फरार हो जाने के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सरगुजा की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर जिले में बाहरी एवं संदिग्ध व्यक्तियों के अनिवार्य सत्यापन,मुसाफिरी पंजी को प्रभावी बनाने तथा अपराधियों को संरक्षण देने वाले स्थानीय नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा का कहना है कि यदि वर्ष 2001 से फरार एक आरोपी लंबे समय तक शहर में रह सकता है तो यह स्थानीय निगरानी व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि ऐसे अपराधियों को स्थानीय स्तर पर संरक्षण और सहयोग मिलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई है कि जिले के सभी थानों में मुसाफिरी पंजी (मुसाफिर रजिस्टर) को अनिवार्य रूप से संचालित किया जाए,किराएदारों,लॉज,होटल,ढाबों एवं निजी प्रतिष्ठानों में रहने या काम करने वाले बाहरी लोगों का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाए। भाजपा ने बस संचालन, गैरेज और परिवहन व्यवसाय से जुड़े संदिग्ध तत्वों की निगरानी बढ़ाने, शहर में सीसीटीवी नेटवर्क मजबूत करने और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर सघन जांच अभियान चलाने की भी मांग रखी। साथ ही अपराधियों की मदद करने वाले स्थानीय सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई। हालांकि इस पूरे मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि फरार आरोपी लंबे समय से अंबिकापुर में रह रहा था तो उसकी मौजूदगी स्थानीय पुलिस की जानकारी से कैसे बाहर रही। क्या किराएदार सत्यापन की व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है? क्या शहर में बाहरी व्यक्तियों की नियमित निगरानी की कोई प्रभावी प्रणाली मौजूद है? यह घटना पुलिस की खुफिया व्यवस्था और स्थानीय सूचना तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े करती है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं होना चाहिए,बल्कि अपराधियों को शरण देने वाले पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसके खिलाफ कार्रवाई करना भी उतना ही आवश्यक है। पार्टी ने उम्मीद जताई कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाएगी। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला महामंत्री विनोद हर्ष, जिला उपाध्यक्ष मधुसूदन शुक्ला, निलेश सिंह, दिनेश शुक्ला, पीयूष त्रिपाठी, जन्मेजय पांडे, धनंजय मिश्रा, मनोज कंसारी, अभिमन्यु श्रीवास्तव, जतिन परमार, अमोघ कश्यप, सुधांशु चौबे, रवि विश्वकर्मा, सतीश विश्वकर्मा सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता शामिल रहे।


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