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कोरिया @कलेक्टर रोक्तिमा यादव पहुंचीं स्कूल, ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाया गणित,शिक्षकों को सौंपी बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी

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औचक निरीक्षण में शैक्षणिक गुणवत्ता का लिया जायजा, अनुपस्थित विद्यार्थियों पर जताई नाराजगी
-रवि सिंह-
कोरिया,19 जून 2026 (घटती-घटना)।
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने शुक्रवार को बैकुंठपुर विकासखंड के विभिन्न शासकीय प्राथमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया, उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता का मूल्यांकन किया तथा शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ब्लैकबोर्ड पर लिखकर समझाया गणित
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने स्वयं ब्लैकबोर्ड संभाला और विद्यार्थियों को गणित के प्रश्न लिखकर सरल एवं रोचक तरीके से समझाया,उन्होंने बच्चों से सवाल पूछकर उनकी समझ का परीक्षण किया और उन्हें नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया,कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि एवं सीखने की ललक विकसित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है,इसके लिए केवल पाठ्य-पुस्तकों तक सीमित न रहकर नवाचारी एवं रोचक शिक्षण पद्धतियों का उपयोग किया जाना चाहिए।
मनसुख विद्यालय में अनुपस्थित विद्यार्थियों पर जताई नाराजगी
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनसुख के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों की उपस्थिति की जानकारी ली,बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की अनुपस्थिति पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और प्राचार्य सहित शिक्षकों से जवाब मांगा,उन्होंने कहा कि विद्यालय खुलने के बाद भी बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं होना गंभीर विषय है,पालकों से संपर्क कर बच्चों को विद्यालय लाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाने चाहिए,इस लापरवाही पर उन्होंने प्राचार्य को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की सबसे बड़ी भूमिका
कलेक्टर ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं है,बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को दसवीं और बारहवीं कक्षा के बाद करियर विकल्पों, विषय चयन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के संबंध में भी मार्गदर्शन दें,जिस समर्पण के साथ वे अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर,अधिकारी या प्रोफेसर बनाना चाहते हैं, उसी भावना से विद्यालय के प्रत्येक बच्चे के भविष्य को संवारने का प्रयास करें।
बीईओ और डीईओ को दिया नियमित निरीक्षण कानिर्देश
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने,शिक्षण कार्य का मूल्यांकन करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए,उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बच्चे मिट्टी की तरह, सही मार्गदर्शन से मिलेगा बेहतर आकार
प्राथमिक शाला बंजारीडांड में कलेक्टर ने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की स्थिति का अवलोकन किया,उन्होंने एक-एक विद्यार्थी से बातचीत कर उनकी सीखने की क्षमता और शैक्षणिक स्तर का आकलन किया,अध्ययन स्तर संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने प्रधान पाठक को फटकार लगाई और कहा कि बच्चे मिट्टी के समान होते हैं, जिन्हें उचित मार्गदर्शन और परिश्रम से बेहतर आकार दिया जा सकता है,उन्होंने बच्चों की दक्षता और क्षमता विकास के लिए विशेष प्रयास करने तथा कक्षा अनुसार बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हर शनिवार होगी सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी
कलेक्टर ने शिक्षकों को प्रत्येक शनिवार सामान्य ज्ञान आधारित प्रश्नोत्तरी आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है,जिसे पहचानकर निखारना आवश्यक है,उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व केवल नौकरी करना नहीं,बल्कि बच्चों की नींव मजबूत करना,उनमें आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।
पाठ्यपुस्तकों का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश
कलेक्टर ने सभी विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन कार्य तत्काल प्रारंभ करने तथा सभी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए,जिन विद्यार्थियों को नई पुस्तकें नहीं मिली हैं,उन्हें अस्थायी रूप से पुरानी पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए कहा गया ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
पालकों से की विशेष अपील
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती यादव ने पालकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें, उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी संभव है जब विद्यालय, शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करें।
विद्यार्थियों से पूछा सपना, बच्चों ने बताए अपने लक्ष्य
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में भी चर्चा की, कई विद्यार्थियों ने डॉक्टर,शिक्षक, पुलिस अधिकारी और सैनिक बनने की इच्छा व्यक्त की, इस पर कलेक्टर ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कोई भी सपना कठिन परिश्रम,अनुशासन और निरंतर अध्ययन के बल पर ही साकार किया जा सकता है तथा इसमें शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत
विद्यालय निरीक्षण के दौरान कक्षा छठवीं और नवमीं में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर और मिष्ठान खिलाकर स्वागत किया गया, कलेक्टर ने बच्चों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं और मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा दी।
मध्याह्न भोजन और साफ-सफाई व्यवस्था की भी जांच
कलेक्टर ने विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना का भी निरीक्षण किया,उन्होंने रसोईघर पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता, सब्जियों, दाल, चावल तथा अन्य खाद्य सामग्री का परीक्षण किया,उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन से पूर्व हाथ धोने की आदत विकसित की जाए, साथ ही विद्यालय परिसर, शौचालय और पेयजल व्यवस्था की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।


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