टेक्नोलॉजी हमारी भावी साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली,15 जून 2026। भारत और स्लोवाकिया ने अपने संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ का दर्जा देने का फैसला किया है। दोनों देशों ने इसके अलावा आतंकवाद-विरोधी संयुक्त कार्य समूह और वाणिज्य दूतावास संवाद की स्थापना की भी घोषणा की है। दोनों देशों के बीच ब्रातिस्लावा में 11 समझौता ज्ञापन और आशय पत्रों पर हस्ताक्षर हुए हैं। दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने वाला आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। कोसिसे तकनीकी विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में आईसीसीआर की पहली चेयर की स्थापित की जाएगी। श्रम प्रवासन,पर्यटन,विज्ञान,डिजिटल प्रौद्योगिकी,उच्च शिक्षा और अनुसंधान, ऑडियो-विजुअल निर्माण,क्वांटम संचार और महत्वपूर्ण अवसंरचना संरक्षण, प्राकृतिक चिकित्सा और आयुष, छात्र विनिमय कार्यक्रम व छात्रवृत्तियों और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने सोमवार को ब्रातिस्लावा में आमने-सामने और प्रतिनिधिमंडल स्तर के प्रारूपों में बातचीत की। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और व्यापार एवं निवेश, रक्षा व सुरक्षा, टेक्नोलॉजी व इनोवेशन, अंतरिक्ष व परमाणु ऊर्जा, शिक्षा व संस्कृति और टैलेंट मोबिलिटी व लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशे। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। इनमें संयुक्त राष्ट्र में सुधार का मुद्दा भी शामिल था। विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत को स्लोवाकिया द्वारा दी गई एकजुटता और समर्थन के लिए प्रधानमंत्री फिको को धन्यवाद दिया। यह आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने के लिए दोनों देशों की दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। दोनों नेताओं ने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने बहुपक्षवाद और वैश्विक शासन संस्थानों के सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री फिको ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में भोज का आयोजन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मेजबान को आपसी सहमति से तय की गई तारीख पर भारत आने का निमंत्रण दिया। वार्ता से पूर्व आज प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री फिको के साथ स्लोवाकिया के बच्चों की बनाई पेंटिंग्स की एक प्रदर्शनी देखी। यह पंचतंत्र और जातक कथाओं से प्रेरित थीं। प्रवक्ता ने कहा कि ये कलाकृतियां भारत और स्लोवाकिया के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि, इंडिया-ईयू, एफटीए को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया से मिले सहयोग के लिए मैं प्रधानमंत्री जी का विशेष आभार व्यक्त करता हूं। हम इसके जल्द से जल्द इम्प्लीमेंटेशन के लिए काम करेंगे ताकि दोनों देशों के उद्योग, स्टार्टअप्स और ट्रेडर्स इसका अधिकतम लाभ उठा सकें। टेक्नोलॉजी हमारी भावी साझेदारी का महत्वपूर्ण स्तंभ है। डिजिटल टेक्नोलॉजी पर आज किए गए समझौते इसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग की नई संभावनाएं बनाएंगे। मुझे खुशी है कि स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में एआई के विषय पर इंडिया चेयर स्थापित की जा रही है। एआई मानवता की सेवा और प्रगति का सशक्त माध्यम बने, यही हमारी साचा सोच है। हमारा मानना है कि एआई का भविष्य केवल इनोवेशन से नहीं बल्कि ट्रस्ट, रिस्पॉन्सिबिलिटी और ह्यूमन डिग्निटी पर आधारित होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, सिविल न्यूक्लियर एनर्जी भी दोनों देशों के लिए मुख्य प्राथमिकता का क्षेत्र है। हमने इस क्षेत्र में दोनों देशों की इंडस्ट्रीज और एक्सपर्ट्स के बीच सहयोग बढ़ाने पर बल दिया।
रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और स्ट्रेटेजिक कन्वर्जेंस का प्रमाण है। मुझे खुशी है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आज हमने ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ साइन किया। इससे साझा विकास, साझा उत्पादन और डिफेंस इंडस्ट्रीज के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी। वैश्विक मंच पर भी भारत और स्लोवाकिया करीबी सामंजस्य से आगे बढ़ रहे हैं।
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