Breaking News

सक्ती@पावर प्लांट हादसा : मृतकों की संख्या 21 हुई

Share


सरकार ने वेदांता ब्लास्ट की कमिश्नर जांच के लिए तय किये बिंदु…
सक्ती,17 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई में स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को भीषण विस्फोट हुआ था। उस दिन 14 लोगों की जान गई थी। दूसरे दिन यह आंकड़ा बढ़ कर 20 पहुंच गया था। 17 अप्रैल को एक और मौत के बाद आंकड़ा 21 जा पहुंचा है। खबर है कि इस बार मध्यप्रदेश के सिंगरौली निवासी किस्मत अली की सांस थम गई है। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा था। इस तरह अब पांच राज्यों के बाद घटना में छठवें राज्य का भी नाम जुड़ गया है। 20 श्रमिक मूलतः पांच राज्यों छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, झारखंड और बिहार के हैं। इनमें से सबसे ज्यादा पांच श्रमिक पश्चिम बंगाल के मारे गए हैं, जबकि छत्तीसगढ़ के पांच श्रमिकों की जान जा चुकी है। अब भी रायगढ़ और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में 15 श्रमिकों का उपचार जारी है। इनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। वेदांता प्रबंधन ने इन जख्मी श्रमिकों की सेहत पर विशेष रूप से नजर रख रहा है।
बिलासपुर आयुक्त सुनील जैन करेंगे वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच
राज्य सरकार ने सक्ती जिले के डभरा तहसील अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे की जांच के आदेश जारी किए हैं। बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे 30 दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर अपना प्रतिवेदन राज्य शासन को प्रस्तुत करें।
चेयरमैन समेत 19 लोगों पर एफआईआर दर्ज
वेदांता हादसे को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में कंपनी के चेयरमैन समेत कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घटना को गंभीर मानते हुए सरकार ने पहले ही जांच के आदेश दे दिए थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हादसे के तुरंत बाद ही स्पष्ट कर दिया गया था कि मामले की गहन जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और हादसा बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत जवाब देना होगा। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि एफआईआर ऑनलाइन उपलब्ध है और यदि उन्हें जानकारी चाहिए तो लिंक देखकर पूरी जानकारी ले सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। हादसे को लेकर पूरे राज्य में चिंता का माहौल है और लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


Share

Check Also

बलरामपुर@ नागरिकों से कलेक्टर ने किया सहयोग की अपील

Share ..स्व-गणना की प्रक्रिया 16 से 30 अप्रैल तकबलरामपुर,17 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ राज्य में …

Leave a Reply