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कोरिया@ कोरिया में डिजिटल क्रांति की शुरुआत, 14 अटल सुविधा केन्द्रों का लोकार्पण

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  • अब गांव भी होंगे ऑनलाइन,70 लाख से बने डिजिटल सुविधा केन्द्र शुरू
  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी सौगात…कोरिया को मिले 14 डिजिटल केन्द्र
  • गांव-गांव पहुंचेगी ई-गवर्नेंस,कोरिया में डिजिटल सेवाओं का विस्तार
  • सड़क के साथ डिजिटल विकास,कोरिया में दोहरी रफ्तार से बढ़ता विकास
  • अब नहीं जाना पड़ेगा शहर,गांव में ही मिलेंगी सभी ऑनलाइन सेवाएं
  • ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत,एक ही जगह मिलेंगी सभी सरकारी सेवाएं
  • डिजिटल इंडिया की ओर मजबूत कदम,कोरिया में सुविधा केन्द्रों का शुभारंभ
  • रोजगार और सुविधा दोनों,कोरिया में खुले 14 अटल डिजिटल केन्द्र

-संवावदाता-
कोरिया,17 अप्रैल 2026 (घटती-घटना)। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी बहुल इलाकों में विकास की रफ्तार को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोरिया जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात दी है,शुक्रवार को जशपुर से आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत विभिन्न सड़कों के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ-साथ जिले में निर्मित 14 अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों का शुभारंभ किया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और शासन की सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
70 लाख की लागत से तैयार हुए आधुनिक डिजिटल केन्द्र
कोरिया जिले में स्थापित इन 14 अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों का निर्माण वर्ष 2024-25 की स्वीकृत योजनाओं के तहत लगभग 70 लाख रुपये की लागत से किया गया है, यह सभी केन्द्र अब पूरी तरह से तैयार हैं और ग्रामीणों को डिजिटल सेवाएं प्रदान करने के लिए शुरू कर दिए गए हैं,इन केन्द्रों का निर्माण योजनाबद्ध तरीके से किया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी सुविधाओं की कमी को दूर किया जा सके। प्रत्येक केन्द्र को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि वहां इंटरनेट कनेक्टिविटी,कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध हों,जिससे ग्रामीणों को बिना किसी परेशानी के सरकारी और निजी सेवाओं का लाभ मिल सके।
बैकुण्ठपुर और सोनहत में केन्द्रों की स्थापना
इन डिजिटल सुविधा केन्द्रों की स्थापना जिले के दो प्रमुख जनपद पंचायतों—बैकुण्ठपुर और सोनहत—में की गई है, बैकुण्ठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत जिन ग्राम पंचायतों में केन्द्र स्थापित किए गए हैं,उनमें जमगहना,नगर,सलबा,मुरमा,मनसुख,तेन्दुआ और डुमरिया शामिल हैं,वहीं सोनहत जनपद पंचायत के अंतर्गत अकलासरई,पुसला, सोनहत,कुशहा,सुन्दरपुर,रामगढ़ और आनंदपुर ग्राम पंचायतों में ये केन्द्र स्थापित किए गए हैं, इन केन्द्रों के माध्यम से दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को अब डिजिटल सेवाओं के लिए शहरों या तहसील मुख्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
ग्रामीणों को मिलेंगी एक ही छत के नीचे कई सेवाएं
अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों के माध्यम से ग्रामीणों को अब विभिन्न प्रकार की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इनमें प्रमुख रूप से जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन,विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया,डिजिटल भुगतान और बैंकिंग सेवाएं, पेंशन,राशन और मनरेगा से संबंधित जानकारी,ई-गवर्नेंस सेवाओं की उपलब्धता, अब ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए शहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
इन केन्द्रों का शुभारंभ केवल सेवाओं की उपलब्धता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण समाज को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, डिजिटल साक्षरता के माध्यम से ग्रामीणों को तकनीक के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, इससे वे न केवल सरकारी योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे,बल्कि ऑनलाइन शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय के नए अवसरों से भी जुड़ सकेंगे,विशेष रूप से युवाओं के लिए यह केन्द्र अवसरों के नए द्वार खोलेंगे, स्थानीय स्तर पर इन केन्द्रों के संचालन के लिए मानव संसाधन की आवश्यकता होगी,जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
सड़क और डिजिटल सुविधाः विकास के दो मजबूत पहिए
मुख्यमंत्री द्वारा एक ही मंच से सड़कों के लोकार्पण और डिजिटल केन्द्रों के शुभारंभ को विकास के दो महत्वपूर्ण पहलुओं के रूप में देखा जा रहा है, एक ओर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है,जिससे आवागमन आसान हो रहा है,वहीं दूसरी ओर डिजिटल सुविधा केन्द्रों के माध्यम से गांवों को तकनीकी रूप से जोड़ा जा रहा है, यह दोहरा विकास मॉडल ग्रामीण जीवन को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डिजिटल इंडिया के सपने को मिल रही मजबूती
भारत सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल का मुख्य उद्देश्य देश के हर नागरिक को डिजिटल सेवाओं से जोड़ना है,कोरिया जिले में स्थापित ये केन्द्र इस लक्ष्य को जमीनी स्तर पर साकार करने का कार्य करेंगे,अब गांवों में रहने वाला व्यक्ति भी शहरों की तरह ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकेगा। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की डिजिटल खाई कम होगी।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सराहनीय पहल
इस परियोजना को सफल बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, योजनाओं का सही क्रियान्वयन और समय पर कार्य पूर्ण करना इस बात का संकेत है कि जिले में विकास कार्यों को गंभीरता से लिया जा रहा है,स्थानीय स्तर पर भी लोगों में इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यह केन्द्र उनके जीवन को आसान बनाने में मदद करेंगे।
भविष्य में और विस्तार की संभावना
अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों की सफलता को देखते हुए भविष्य में इनका और विस्तार किया जा सकता है,जिले के अन्य ग्राम पंचायतों में भी ऐसे केन्द्र स्थापित करने की योजना बनाई जा सकती है,जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें,इसके साथ ही इन केन्द्रों में नई-नई सेवाओं को जोड़कर इन्हें और अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है।
ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल
कोरिया जिले में 14 अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों का शुभारंभ ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल है,यह न केवल डिजिटल सेवाओं की पहुंच को बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीणों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी मदद करेगा, इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क और डिजिटल सुविधा जैसे दो मजबूत स्तंभों के सहारे कोरिया जिला अब तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, आने वाले समय में यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है,जहां विकास और तकनीक का संतुलित समावेश ग्रामीण जीवन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
क्षमता विकास और ग्राम स्वराज अभियान का मिला सहयोग
इन अटल डिजिटल सुविधा केन्द्रों के निर्माण में विभिन्न योजनाओं का समन्वय किया गया है, अधिकांश केन्द्र ‘क्षमता विकास योजना’ के तहत बनाए गए हैं, जबकि कुछ केन्द्रों का निर्माण ‘राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान’ के अंतर्गत किया गया है, इस समन्वित प्रयास से यह सुनिश्चित किया गया है कि विकास केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका सीधा लाभ ग्रामीणों तक पहुंचे। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का यह उदाहरण प्रशासनिक दक्षता को भी दर्शाता है।
महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा विशेष लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर महिलाएं और बुजुर्ग तकनीकी सेवाओं से दूर रह जाते हैं, अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र इस दूरी को कम करने का काम करेंगे, महिलाएं अब स्वयं अपने दस्तावेजों के लिए आवेदन कर सकेंगी और योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगी, वहीं बुजुर्गों को पेंशन और अन्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, यह पहल सामाजिक समावेशन को भी बढ़ावा देगी, जहां हर वर्ग को समान रूप से लाभ मिलेगा।


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