बस्तर से लाल आतंक खत्म,हथियार उठाने वालों को बख्शेंगे नहीं : शाह
नई दिल्ली,30 मार्च 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में ‘नक्सल मुक्त भारत’ मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार की तरफ से जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सालों से भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा गया। शाह ने कहा…मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि आजादी के बाद 75 साल में 60 साल तो आपने राज किया। फिर आदिवासी विकास से क्यों बच गए। आपने 60 साल के दौरान आदिवासियों तक घर,स्कूल,मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हो। अपने गिरेबान में झांककर देखिए। शाह ने कहा- 1970 से 2026 तक चले नक्सलवाद के घटनाक्रम की आज संसद में चर्चा हो रही है। जो लोग नक्सलवाद की वकालात करते हैं, उनसे पूछना चाहता हूं ये सब 1970 से अब तक क्यों नहीं हुआ था। संसद में आज नक्सलवाद पर चर्चा सरकार की तरफ से दी गई डेडलाइन खत्म होने से एक दिन पहले हो रही है। शाह कई बार 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा कर चुके हैं।
शाह ने कहा…आदिवासियों के जरिए सत्ता हासिल करना नक्सल विचारधारा का मकसद
शाह ने कहा…ये जो बड़ी घटना देश में आकार लेने जा रही है उसका श्रेय सीएपीएफ खासकर कोबरा,सीआरपीएफ के जवान और छत्तीसगढ़ पुलिस और वहां के स्थानीय आदिवासी बाशिंदों को जाता है। यहां पर वामपंथी उग्रवाद समाप्ता होने जा रहा है। इसमें वहां की जनता का भी बहुत बड़ा हाथ है। जो हजारों युवा मारे गए, जो जवान शहीद हो गए उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। गृह मंत्री ने कहा…नक्सलियों की विचारधारा का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। जब हम आजाद हुए हमने कहा ‘सत्यमेव जयते’। सत्य की हमेशा विजय हो। इनका ध्रुव वाक्य है- सत्ता बंदूक की नली से निकलती है। यहां सत्ता शब्द का संबंध अपनी विचारधारा की विजय के लिए है। विचारधारा को आदिवासियों में फैलाकर सत्ता हासिल करने के लिए है।
शाह बोले- आदिवासियों को 60 साल तक घर-स्कूल और मोबाइल टॉवर क्यों नहीं मिला
अमित शाह ने कहा- मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि 75 साल में 60 साल तो राज आपने किया तो आदिवासी विकास से क्यों बच गए। 60 साल तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हो। अपने गिरेबान में झांककर देखिए।
लोकसभा में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल पास
लोकसभा में आज इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल, 2025 को पारित करा लिया गया है। वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड (ढ्ढख्ष्ट) देश के बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति में सुधार लाने में प्रमुख और अत्यंत महत्वपूर्ण फैक्टर रही है, जिसमें नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की वसूली भी शामिल है। लोकसभा में ढ्ढख्ष्ट में संशोधन करने वाले विधेयक को पेश करते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन्सॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस से बाहर आने के बाद कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है और उनकी कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रैक्सिट में भी सुधार हुआ है।
अनुराग ठाकुर बोले- शाह आज अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर आए हैं
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा- भारत माता के सबसे दर्दनाक घावों में एक नक्सलवाद है। देश को यह घाव कांग्रेस ने दिया। हमारे नेता ने संकल्प लिया था कि नकस्लवाद को 31 मार्च, 2026 तक खत्म कर देंगे और वे आज अपना रिपोर्टकार्ड लेकर आए हैं। इसके कहते हैं- संकल्प से सिद्धि तक की यात्रा।
महुआ बोलीं- हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त बनाया
महुआ मोइत्रा ने नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान कहा कि आज देश राइटविंग आतंकवाद से त्रस्त है। एनर्जी क्राइसिस से निपटने के लिए किसी रोडमैप की कोई बात नहीं हो रही है। आज आपने अचानक नक्सलवाद पर चर्चा शुरू करा दी। कितने महान हैं अमित शाह जी, सबको ठोक कर ठंडा कर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद 1969 में सिलीगुड़ी के पास नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ और बाकी जगह फैला। लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म कानून-व्यवस्था की परेशानी नहीं थी। आज बीजेपी दावा कर रही है कि हमने इस समस्या का समाधान कर दिया। मनरेगा, फॉरेस्ट राइट्स एक्ट जैसे कदमों का इसमें बड़ा योगदान रहा। 2019 से 2025 के बीच किलिंग बढ़ी, गिरफ्तारियां कम हुईं। सिक्योरिटी रिलेटेड फंड्स 44 परसेंट खर्च नहीं हुए इस वित्तीय वर्ष में। महुआ मोइत्रा ने 2011 से 2017 के बीच नक्सलियों के सरेंडर के आंकड़े बताए और कहा कि हमने मिलिट्री पावर यूज नहीं की। हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त बनाया।
लोकसभा में इन्सॉल्वेंसी एंड
बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल पास
लोकसभा ने सोमवार को ध्वनि मत से हितधारकों के बीच व्याख्या संबंधी मुद्दों को सुलझाने के लिए लाया गया दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक-2025 पारित कर दिया। इस विधेयक का उद्देश्य दिवाला और दिवालियापन संहिता-2016 में और संशोधन करना है। लोकसभा ने आज ध्वनि मत से‘इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक-2025’ पारित कर दिया। यह विधेयक शुरू में एक प्रवर समिति के पास भेजा गया था। इसे इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड 2016 में और संशोधन करने के लिए पेश किया गया है,ताकि कंपनियों और व्यक्तियों के बीच प्रक्रियागत देरी और व्याख्या संबंधी मुद्दों का समाधान किया जा सके। लोकसभा में दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक,2025’ पर हुई विस्तृत चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि दिवाला और दिवालियापन संहिता का उद्देश्य कभी भी केवल ऋण वसूली के तंत्र के रूप में काम करना नहीं था,बल्कि इसका उद्देश्य व्यवहार्य व्यवसायों को बचाने,वित्तीय संकट को हल करने और उद्यम के मूल्य को बनाए रखने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करना था। सीतारमण ने चर्चा के दौरान कहा कि दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) संशोधन विधेयक में कुल 12 संशोधन हैं, जिनमें से 11 चयन समिति के सुझाए गए हैं और एक सरकार ने पेश किया है।
इस विधेयक के बारे में उन्होंने कहा कि दिवाला और दिवालियापन संहिता देश के बैंकिंग क्षेत्र की सेहत सुधारने में खासकर स्ट्रेस्ड एसेट्स (तनावग्रस्त संपत्तियों) को सुलझाने में, एक अहम कारक रहा है। सीतारमण ने लोकसभा में दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025’ पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए बताया कि दिसंबर, 2025 तक दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) ने 1,376 कंपनियों के समाधान में मदद की है, जिससे लेनदारों को 4.11 लाख करोड़ रुपये की वसूली हो पाई है। उन्होंने आगे कहा कि इस कानून का मकसद कभी भी सिफऱ् कजऱ् वसूली के एक ज़रिया के तौर पर काम करना नहीं था। वित्त मंत्री ने चर्चा के दौरान सदन को बताया यह विधयेक उस कम इस्तेमाल होने वाली ‘फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया’ की जगह लेगा, जो असल में छोटे व्यवसायों के लिए कम समय-सीमा वाला एक सीआईआरपी ही था। उन्होंने कहा कि पिछली व्यवस्था का पूरी तरह से उपयोग नहीं हो पाया था। अब इसकी जगह एक नई, लेनदार-द्वारा-शुरू की जाने वाली दिवालियापन व्यवस्था लाई जा रही है, जिसमें अदालत के बाहर समझौते, ‘देनदार के पास नियंत्रण’ (कब्जेदार ऋणी) और ‘लेनदार के पास नियंत्रण’ (नियंत्रणकर्ता लेनदार) जैसे मॉडल शामिल हैं।
महुआ बोलीं- हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त बनाया
महुआ मोइत्रा ने नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान कहा कि आज देश राइटविंग आतंकवाद से त्रस्त है। एनर्जी क्राइसिस से निपटने के लिए किसी रोडमैप की कोई बात नहीं हो रही है। आज आपने अचानक नक्सलवाद पर चर्चा शुरू करा दी। कितने महान हैं अमित शाह जी, सबको ठोक कर ठंडा कर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद 1969 में सिलीगुड़ी के पास नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ और बाकी जगह फैला। लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म कानून-व्यवस्था की परेशानी नहीं थी। आज बीजेपी दावा कर रही है कि हमने इस समस्या का समाधान कर दिया। मनरेगा,फॉरेस्ट राइट्स एक्ट जैसे कदमों का इसमें बड़ा योगदान रहा। 2019 से 2025 के बीच किलिंग बढ़ी,गिरफ्तारियां कम हुईं। सिक्योरिटी रिलेटेड फंड्स 44 परसेंट खर्च नहीं हुए इस वित्तीय वर्ष में। महुआ मोइत्रा ने 2011 से 2017 के बीच नक्सलियों के सरेंडर के आंकड़े बताए और कहा कि हमने मिलिट्री पावर यूज नहीं की। हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त बनाया।
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur