Breaking News

बेंगलुरु@इसरो ने चंद्रयान-4 के लिए लैंडिंग साइट तलाशी

Share


चंद्रमा के साउथ पोल पर मॉन्स माउटन पहाड़ पर उतरेगा,मिट्टी और चट्टान के टुकड़े लाए जाएंगे…
बेंगलुरु,09 फरवरी 2026। इसरो ने चंद्रयान-4 मिशन के लिए चंद्रमा के साउथ पोल के पास एक लैंडिंग साइट तलाश ली है। चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से मिली तस्वीरों के आधार पर वैज्ञानिकों ने मॉन्स माउटन (एमएम-4) क्षेत्र को लैंडिंग के लिए सबसे सही बताया है।
मॉन्स माउटन, चंद्रमा के साउथ पोल के पास स्थित करीब 6,000 मीटर ऊंचा पहाड़ है। इसकी चोटी काफी हद तक सपाट है, जो लैंडिंग के लिए अनुकूल है। हालांकि, लैंडिंग साइट को लेकर अंतिम फैसला लॉन्च के करीब लिया जाएगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह इलाका इसलिए भी अहम है, क्योंकि यहां लंबे समय तक सूर्य की रोशनी मिलती है। इसके अलावा इस क्षेत्र में वॉटर आइस मौजूद होने की संभावना भी जताई जाती है।
चंद्रयान-2 की तस्वीरों से मिली मदद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिकों ने इस स्टडी को लूनर एंड प्लैनेटरी साइंस कॉन्फ्रेंस में पेश किया गया। लैंडिंग साइट तय करने के लिए चंद्रयान-2 ऑर्बिटर पर लगे ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरे की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। यह कैमरा चंद्र सतह को करीब 32 सेंटीमीटर प्रति पिक्सल के रेजोल्यूशन में दिखाता है। इससे छोटे क्रेटर,पत्थर, ढलान और सतह की बनावट साफ नजर आती है,जिससे लैंडिंग के लिए खतरनाक इलाकों की पहचान पहले ही हो जाती है।
एमएम-4 को लैंडिग के लिए क्यों चुना गया : स्टडी में मॉन्स माउटन क्षेत्र की चार अलग-अलग लैंडिंग साइट्स का आकलन किया गया। इनमें एमएम-4 साइट को सबसे सुरक्षित माना गया। इस साइट पर औसतन ढलान करीब 5 डिग्री है, जबकि लैंडर 10 डिग्री तक के ढलान पर उतरने में सक्षम है। यहां बड़े पत्थर कम हैं और ज्यादातर बोल्डर 0.3 मीटर से छोटे पाए गए हैं, जिससे लैंडिंग का जोखिम कम हो जाता है। एमएम-4 साइट पर लगातार 11 से 12 दिन तक सूर्य की रोशनी मिलने की संभावना है।


Share

Check Also

उज्जैन@ उज्जैन में मॉडल हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास

Share अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी,पिंडदान के साथ त्यागा पिछला जीवनउज्जैन,19 …

Leave a Reply