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सूरजपुर@पत्नी की गैर इरादतन हत्या के मामले में पति को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा

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  • सूरजपुर एफटीसी न्यायालय का फैसला — धारा 302 से घटाकर धारा 304 (भाग-1) में दोषी ठहराया, 500 रुपये अर्थदंड भी लगाया
  • घर के किचन में मिली थी महिला की लाश,पति था फरार


-संवाददाता-
सूरजपुर,07 फरवरी 2026 (घटती-घटना)। जिले में वर्ष 2023 में सामने आए एक चर्चित हत्या प्रकरण में माननीय न्यायालय ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार 20 जनवरी 2023 को कॉलेज रोड सूरजपुर निवासी बबिता ने थाना सूरजपुर में सूचना दी थी कि वह सुबह धनरासो उर्फ निशा सिंह के घर सुपा मांगने गई थी। घर के बाहर से आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिलने पर वह अंदर गई,जहां किचन कमरे में महिला कंबल से ढकी हुई मिली। कंबल हटाने पर महिला मृत अवस्था में पाई गई,जबकि उसका पति रामरतन देवांगन घर में मौजूद नहीं था।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को किया था गिरफ्तार
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर अपराध क्रमांक 39/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के अंतर्गत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान आरोपी रामरतन देवांगन (30 वर्ष), निवासी ग्राम सुरता छातापारा, थाना रामानुजनगर को गिरफ्तार किया गया। मामले की विवेचना तत्कालीन विवेचक एसआई दिनेश राजवाड़े द्वारा की गई, जिन्होंने साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) न्यायालय सूरजपुर में प्रस्तुत किया।
सुनवाई के बाद न्यायालय ने बदली धारा,गैर इरादतन हत्या माना अपराध
प्रकरण की सुनवाई माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) श्री मानवेन्द्र सिंह की अदालत में हुई। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों,परिस्थितियों और मृतिका को लगी चोटों की प्रकृति का परीक्षण करने के बाद यह पाया कि मामला हत्या (धारा 302) का नहीं बल्कि गैर इरादतन हत्या (धारा 304 भाग-1) का बनता है।
10 वर्ष की कठोर कारावास और अर्थदंड
दिनांक 31 जनवरी 2026 को सुनाए गए निर्णय में न्यायालय ने आरोपी रामरतन देवांगन को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (प्रथम भाग) के तहत दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
न्यायालय के फैसले से मामले का पटाक्षेप
करीब तीन वर्ष तक चले इस मामले में न्यायालय के फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। पुलिस और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जिससे लंबे समय से चल रहे इस प्रकरण का न्यायिक निष्कर्ष सामने आया।


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