Breaking News

रायपुर@छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला..

Share


बिना कारण पति से अलग रहने वाली महिला गुजारा भत्ता की हकदार नहीं
रायपुर,06 फरवरी 2026। अगर कोई शादीशुदा महिला बिना किसी जायज वजह से अपने पति से अलग रहती है तो वह गुजारा भत्ता की हकदार नहीं है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने यह बड़ा फैसला एक मामले की सुनवाई के बाद दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी की है कि सिर्फ शादीशुदा होना गुजारा भत्ता मांगने का आधार नहीं है बल्कि दंपति के व्यवहार को भी देखना होगा। कोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, एक महिला ने याचिका दायर कर क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ता की मांग की थी। वह शादी के चार दिन बाद से ही पति से अलग रह रही है। ससुराल छोड़ने से पहले उसने अपने पति पर दहेज उत्पीड़न और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। महिला ने दावा किया था कि ससुराल वालों ने उससे दहेज में 10 लाख रुपये और कार की डिमांड की थी। सुनवाई के दौरान उसके पति ने बताया कि उन्होंने साथ रहने की कई बार पहल की थी। फैमिली में वैवाहिक स्थिति को बहाल करने और पत्नी की वापसी के लिए उसने कानून का दरवाजा भी खटखटाया था। वक्त बीतने के बाद महिला ने बिलासपुर की फैमिली कोर्ट ने याचिका दायर गुजारा भत्ते की मांग की, जो खारिज हो गई। इसके बाद महिला ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट पहुंची। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराया। बेंच ने कहा कि जब कोई पत्नी बिना किसी उचित कारण के अपना ससुराल छोड़ देती है और पति के कानूनी प्रयासों के बावजूद वापस आने से इनकार करती है, तो उसे गुजारा भत्ता मांगने का हक नहीं है। सीआरपीसी की धारा 125 भी उन मामलों में गुजारा भत्ता देने से रोकता है, जहां पत्नी बिना किसी पर्याप्त कारण के अलग रहती है।


Share

Check Also

प्रतापपुर,@आवास मिला…लेकिन अधूरा सूरजपुर में गरीबों के सपनों पर ‘किस्त’ का ताला

Share प्रतापपुर ब्लॉक सबसे ज्यादा प्रभावित…मजदूरी भी अटकी-आदिवासी परिवारों पर दोहरी मारप्रतापपुर, 23 अप्रैल 2026 …

Leave a Reply