अंबिकापुर,21 सितम्बर 2025 (घटती-घटना)। अंबिकापुर में आस्था का पर्व शारदीय नवरात्रि इस वर्ष विशेष उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार से शुरू हो रहे नवरात्रि पर्व को लेकर मां महामाया मंदिर सहित शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष नौ दिनों की पूर्ण नवरात्रि का योग बन रहा है, जिसके चलते भक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। शहर के प्रतिष्ठित मां महामाया मंदिर में इस बार एक नया कीर्तिमान रचने की तैयारी है। मंदिर समिति के अनुसार,यहां घी के 2000 और तेल के 4000, कुल मिलाकर 6000 से अधिक ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। यह दृश्य श्रद्धा,भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा। मंदिर के पुजारी ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन प्रातः 6 बजे से पूजा का शुभ मुहूर्त है,जिसके बाद मां महामाया के विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। प्राण प्रतिष्ठा का कार्य परंपरागत रूप से राजपुरोहितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना के साथ संपन्न होगा। मां महामाया मंदिर के अतिरिक्त शहर के अन्य प्रसिद्ध देवी मंदिर जैसे गांधी चौक स्थित दुर्गा मंदिर शक्तिपीठ,गायत्री मंदिर,कुदरगढ़ मंदिर, लुचकी घाट का काली मंदिर,केनापारा मंदिर, पुलिस लाइन का गौरी मंदिर और संत हरकेवाल दुर्गा मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ की संभावना है। गांधी चौक स्थित दुर्गा मंदिर में भी लगभग 4000 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
विदेशों से भी उमड़ी श्रद्धा : अंबिकापुर की धार्मिक पहचान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गूंज रही है। शहर के मूल निवासी जो ऑस्ट्रेलिया,अमेरिका, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों में रह रहे हैं, वे भी मां महामाया मंदिर से अपनी भावनात्मक आस्था को जोडकर रखे हुए हैं। इन श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन रसीद कटवाकर ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करवाने की परंपरा जारी रखी है। अमेरिका निवासी दीया पटेल और मलेशिया के निक्कू तिवारी परिवार के नाम से भी इस वर्ष मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। ये श्रद्धालु प्रतिवर्ष शारदीय व चैत्र नवरात्र में अपनी आस्था प्रकट करते आ रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि मां महामाया मंदिर की धार्मिक महत्ता न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।
शुभ कार्यों की होगी शुरुआत
पितृपक्ष समाप्त होने के साथ ही अब मांगलिक कार्यों पर लगे विराम को भी विराम मिलेगा। नवरात्रि के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। विवाह, नामकरण,गृह प्रवेश जैसे संस्कार फिर से शुरू होंगे, जिससे लोगों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर अंबिकापुर का धार्मिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पूरी तरह भक्तिरस में डूबा हुआ है। मां महामाया की दिव्यता, ज्योति कलशों की आभा, और देश-विदेश से उमड़ती श्रद्धा इस पर्व को विशेष बना रही है।
मां दुर्गा के पंडालों में सजेगा भक्ति का दरबार
शहर में नवरात्रि के लिए पंडालों की भी खास तैयारी की गई है। जगह-जगह मां जगदम्बा की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। पूजा समितियों ने बड़े धूमधाम से रैलियों के माध्यम से प्रतिमाएं लाकर पंडालों में स्थापित की हैं। हर गली और चौराहे पर भक्ति और भव्यता का माहौल है। भक्तों के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में रंग चुका है।
filter: 0; jpegRotation: 0; fileterIntensity: 0.000000; filterMask: 0;
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur