अंबिकापुर,02 सितम्बर 2025 (घटती-घटना)। नगर के सरस्वती महाविद्यालय सुभाष नगर अंबिकापुर में दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्री सुभाष चंद्र अग्रवाल महाविद्यालय समिति के अध्यक्ष,श्री अनिल सिंह मेजर समिति के उपाध्यक्ष,श्री छाजेड़ समिति के व्यवस्थापक,श्री करताराम गुप्ता समिति के कोषाध्यक्ष,श्री बसंत गुप्ता समिति के भूतपूर्व व्यवस्थापक, श्रीमती ज्योतसेना पालेकर समिति के सदस्य,एवं महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री ऋषि सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुरुआत सर्वप्रथम मां सरस्वती के छाया प्रति के समक्ष दीप प्रज्वलित कर दिया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं श्रीफल से किया गया। मुख्य अतिथि श्री राजरूप छाजेड़ ने नई शिक्षा नीति के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी कॉलेज में दाखिला लेते ही वह अपने करियर की पहली सीढ़ी चढ़ना प्रारंभ करते हैं। ऐसे में सही मार्गदर्शन में प्रेरणा इन छात्रों के भविष्य उज्जवल बनाने के लिए आवश्यक है। महाविद्यालय समिति के उपाध्यक्ष श्री अनिल सिंह मेजर ने कहा कि नई शिक्षा नीति से छात्र छात्राओं का विकास होगा। यह नीति सिर्फ किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सपनों, हुनर और उनकी असली पहचान को उजागर करने का माध्यम है। पहले शिक्षा का मकसद केवल डिग्री लेना और नौकरी पाना समझा जाता था,लेकिन अब शिक्षा का असली उद्देश्य है-ज्ञान, कौशल और जीवन मूल्यों का विकास करना है। इसके पश्चात महाविद्यालय के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र अग्रवाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति हमें यह सिखाती है कि हर बच्चा खास है और उसकी अपनी प्रतिभा है। शिक्षा अब केवल रटने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सोचने,समझने और समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित करेगी। 5+3+3+4 का नया ढांचा बच्चों को मजबूत नींव से लेकर व्यावहारिक जीवन तक तैयार करेगा। मातृभाषा में शिक्षा बच्चों की जड़ों से जोड़कर उनकी कल्पनाशक्ति को और भी समृद्ध बनाएगी। कौशल विकास और उद्यमिता पर जोर देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके पश्चात महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री ऋषि सिंह ने नई शिक्षा नीति के बारे में कहा कि हमें समझना होगा कि यह नीति सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज़ नहीं है,बल्कि यह हमारे लिए अवसरों का द्वार है। अगर हम इसे अपनाते हैं,तो हम केवल अच्छे विद्यार्थी ही नहीं बल्कि सृजनशील,आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक भी बनेंगे। याद रखिए- शिक्षा वही है,जो हमें केवल जीवन यापन ही नहीं सिखाती,बल्कि बेहतर जीवन जीना भी सिखाती है। तो आइए,हम सब मिलकर नई शिक्षा नीति का स्वागत करें और अपने सपनों को नई उड़ान दें। भारत का भविष्य हमारे हाथों में है, और इस नीति के साथ हम अपने देश को ज्ञान और नवाचार की शक्ति से विश्वगुरु बना सकते हैं। महाविद्यालय के एनईपी प्रभारी श्री प्रवीण शर्मा ने सभी छात्र छात्राओं को पीपीटी के माध्यम से राष्ट्रीय नई शिक्षा नीति के बारे में जानकारी दी। अंत में आभार प्रदर्शन महाविद्यालय एनएसएस प्रभारी धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन श्री कृष्ण कुमार त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक एवं छात्र छात्राएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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