- मायावी प्रधान आरक्षक से सिर्फ कोरिया जिले के ही लोग परेशान थे अब तो पूरे संभाग में परेशानी आ गई है
- मायावी प्रधान आरक्षक के तार महादेव सट्टा सहित का ऑनलाइन सटोरियों से जुड़े हुए हैं
- जशपुर में बैठकर मायावी प्रधान आरक्षक अंबिकापुर में गुमनाम शिकायत करवा रहा…पर इसके विरुद्ध की शिकायत पर कौन जांच करेगा?


-न्यूज डेस्क-
सरगुजा,06 अगस्त 2025 (घटती-घटना)। कोरिया जिले में एक मायावी प्रधान आरक्षक था जो इस समय कहीं और अपनी माया दिखाने चला गया है,इस मायावी इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह इतना मायावी है कि इसकी बातों में कोई भी आ जाता है,इसकी बातें लोभ-लुभावने वाली होती है, अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक इसके मायावी बातों में आ जाते हैं पर जैसे ही इसके मायावी बातों का जाल टूटता है और लोग होश में आते हैं तब तक पता चलता है कि वह किसी मुसीबत में फंस चुके हैं,क्योंकि इसकी मायावी बातों से भले ही लोगों को लगता है कि वह इसका हितेषी है पर इसकी मायावी बातें किसी को भी अपने चपेट में लेकर उसे नुकसान पहुंचा देती है,चाहे वह अधिकारी हो या फिर कर्मचारी यही वजह है कि इसकी मायावी बातों से कोरिया जिले में कई कर्मचारी पीडि़त रह चुके हैं और अब स्थानांतरण के बाद यह पीड़ा पूरे संभाग में फैलाने के लिए मायावी प्रधान आरक्षक अपनी जाल बिछा रखा है,सूत्रों का यह भी कहना है कि इसके जाल में फंसकर एक आरक्षक भी जिंदगी व मौत की लड़ाई लड़ रहा है वही एक एएसआई सहित कई कर्मचारी गुमनाम शिकायत की जांच में उलझे हुए हैं, बताया जा रहा है कि अभी प्रधान आरक्षक की एक टीम बहुत शातिराना तरीके से पुलिस विभाग को उलझा कर रख दिया है।
जेल अवरुद्ध आरोपियों को मिल रहा है वीआईपी ट्रीटमेंट,स्वास्थ्य खराब होने का बहाना बनाकर जेल से अस्पताल लाना ले जाना किया जा रहा है…
वैसे महादेव सट्टा व ऑनलाइन सट्टा में जिस आरक्षक का नाम वीडियो में लिया गया है वह वीडियो बनाने वाला भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है अभी तक वह भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है,वही जो लोग पुलिस के हत्थे चढ़े हैं उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट देकर स्वास्थ्य खराब होना बताकर जेल से अस्पताल किया जा रहा है,इस षड्यंत्र में भी मायावी प्रधान आरक्षक का नाम आ रहा है,वही जिस आरक्षक का नाम आया था वह जहर सेवन की वजह से जिंदगी वह मौत की लड़ाई लड़ रहा है,भले से वह अभी तक जीवित है पर उसकी स्थिति बहुत बेहतर नहीं है।
ऑनलाइन सट्टा के मामले को जड़ से मिटने एक निष्पक्ष कर्मचारी वाले टीम गठित करना जरुरी…
सट्टा के मामले में एक निष्पक्ष कर्मचारी वाले टीम गठित करना होगा, तभी जो फरार है वह भी पुलिस के गिरफ्त में आएंगे और पूरे मामले का खुलासा होगा,पुलिस को ऐसे कारोबारी को पकड़ने के लिए उंगली टेढ़ी करनी पड़ेगी वह भी ईमानदारी के साथ,बेईमानी से यदि उंगली टेढ़ी करेंगे तो हाथ कुछ नहीं आएगा,सिर्फ बदनामी ही आएगी जो अभी तक मिलते आई है, भाजपा सरकार में ही यह उम्मीद लगाए जा रहा है की सरगुजा संभाग से ऑनलाइन सट्टे का बाजार उठाया जा सकता है, जय छत्तीसगढ़ जय छत्तीसगढ़ पुलिस और जय छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के ईमानदार अधिकारी जिसे है इस मायावी प्रधान आरक्षक से बचने व लोगों को बचाने की जिम्मेदारी।
कार्यालय में उथल-पुथल मचाने का श्रेय मायावी प्रधान आरक्षक ले रहा
वही यह भी बताया जा रहा है कि आईजी कार्यालय में बैठे कर्मचारी को हटाने में सफलता पा गए है और वह खुद इसकी बखान हर जिले में जाकर कर रहे हैं और कहते फिर रहे है की मैं वही प्रधान आरक्षक हूँ जो मेरे से टकराएगा उसका यही हश्र होगा,अब यह मायावी प्रधान आरक्षक का क्या हश्र होगा यह तो समय बताएगा? कोई तो बीएस ध्रुव जैसा अधिकारी आएगा और इस प्रधान आरक्षक की लंका लगाएगा? अंत में यही उम्मीद किया जा रहा है कि वर्तमान अधिकारी ईमानदारी से इस मायावी प्रधान आरक्षक की कुंडली खंगाल लें तो पूरा पुलिस विभाग बदनामी से बच जाएगा और जनता की नजर में पुलिस का किरदार किसी फिल्म के हीरो के किरदार से काम नहीं होगा।
मायावी प्रधान आरक्षक का शिकायती खेल
जैसे ही इनका स्थानांतरण कोरिया जिले से बाहर हुआ यह बौखला गए, इसका दोषी कई लोगों को मानने लगे बहुत प्रयास के बाद भी अपना स्थानांतरण रुकवा नहीं पाए,जशपुर जाने के बाद अब यह अपनी मायावी शक्तियों का उपयोग करते हुए अंबिकापुर के कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर षड्यंत्र करने में जुटे हुए है,वह भी पुलिसकर्मियों के ही खिलाफ, इसलिए क्योंकि उसे लगता है कि इसकी वजह से उसे अपने पट्टा लिखाए जिले से बाहर जाना पड़ा, कोरिया से लेकर सूरजपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर के कर्मचारियों की दर्जनों शिकायत गुमनाम होने की जानकारी सूत्रों के हवाले से आ रही है,सूरजपुर के स्टेनो के विरुद्ध आठ शिकायत होने की जानकारी है,वही अंबिकापुर के एएसआई के विरुद्ध भी शिकायत है सूरजपुर के टीआई विरुद्ध भी शिकायत है,पर आश्चर्य की बात तो यह है कि यह शिकायतें तब आई जब कोरिया के मायावी प्रधान आरक्षक अंबिकापुर में अपनी पैठ जमाने में लगे रहा। यदि पुलिस के आलाधिकारी कोरिया जिले में इस मायावी प्रधान आरक्षक की शिकायतों की जांच कर दें निष्पक्षता से तो प्रमाणित हो जाएगा,क्योंकि वहां पर नामजद शिकायतें हुई हैं,पर जहां पर नामजद शिकायत नहीं है वहां पर मायावी प्रधान आरक्षक अपनी दुश्मनी भुलाने के लिए गुमनाम शिकायत करवा के ऊपर से दबाव बनवाकर उसे पर जांच करवा रहा है,ऐसा विशेष सूत्रों का दावा है।
मायावी प्रधान आरक्षक का अवैध कारोबारी से है पुराना नाता
वैसे इस मायावी प्रधान आरक्षक का अवैध कारोबार से बहुत पुराना नाता रहा है महादेव ऑनलाइन सट्टा सहित अंबिकापुर के सटोरियों से इसकी घनिष्ठता रही है, सरगुजा संभाग में जो वीडियो वायरल हुआ था उसे वीडियो में जिस आरक्षक का नाम लिया गया था उसे आरक्षक के साथ भी इस प्रधान आरक्षक की काफी गहरी दोस्ती है,यह दोस्ती इतनी गहरी है कि कारोबार में भी इनकी सहभागिता रहती है यह पुलिस कर्मियों के बीच ही दुश्मनी पैदा करके पुलिसकर्मियों को ही आम जनता के बीच दोषी बना देते हैं,यही वजह है कि ऐसे पुलिसकर्मियों के कारण ही आम जनता का भरोसा पुलिस से उठता जा रहा है, सिर्फ यदि किसी को पुलिसकर्मियों पर भरोसा है तो वह अवैध कारोबारी को और अवैध कारोबारी ऐसे ही मायावी प्रधान आरक्षक जैसी टीम चाहते हैं, यही वजह है कि अंबिकापुर में जो बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टा का कारोबार हो रहा था उसमें इस मायावी प्रधान आरक्षक की भी भूमिका थी, पर यह मायावी प्रधान आरक्षक इतना शातिर है की सरगुजा में सभी पुलिसकर्मियों का शिकायत करवा कर खुद अपने आप को पाक साफ बता रहा है, और पुलिस को बदनाम कर रहा है।
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