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पदयात्रा निकाल कर की अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन विस्तार की मांग

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अम्बिकापुर 08 जुलाई 2025 (घटती-घटना)। अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर सरगुजा रेल संघर्ष समिति ने मंगलवार को महामाया चौक से घड़ी चौक तक पदयात्रा निकाली। इसके बाद रेल मंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप कर अंबिकापुर-रेणुकूट रेल मार्ग की मांग आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल कर, इसका जल्द निर्माण प्रारंभ करने की मांग की।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप सरगुजा क्षेत्र रेल संघर्ष समिति ने महामाया चौक से चैंबर ऑफ कॉमर्स, कैट सहित व्यापारिक संगठनों, अधिवक्ताओं और गणयमान्य नागरिकों के साथ अंबिकापुर-रेणुकूट रेल निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए शहर के मुख्य मार्ग देवीगंज रोड होकर घड़ी चौक तक पदयात्रा निकाला। इस दौरान व्यापारियों और आम नागरिकों को अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन के महत्व से संबंधित तथ्यों के साथ पंपलेट वितरण भी किया गया। अंबिकापुर रेणुकूट रेल लाइन का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट अक्टूबर 2023 में रेलवे बोर्ड को जमा कर दिया गया है। इस प्रस्तावित रेल लाइन को आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल करने के लिए रेल संघर्ष समिति चरणबद्ध कार्यक्रम संचालित कर रही है। अंबिकापुर रेणुकूट रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर लोगों में जन समर्थन और उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। पदयात्रा में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश मंत्री गोपाल अग्रवाल, व्यापारी संगठन कैट के जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, अधिवक्ता मनोज तिवारी, जनार्दन त्रिपाठी, वेदांती महाराज, अभिषेक सिंह, कांत दुबे, मंगल पांडेय, प्रभुनारायण वर्मा, अजय तिवारी, कैलाश मिश्रा, कान्हा अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अमित बंसल, ऋषि अग्रवाल, अनंगपाल दीक्षित, विजय सोनी, शिवेश सिंह, प्रकाश साहू, जितेंद्र सिंह, विनीत सेठी, मुकेश तिवारी, वेदांत तिवारी, नगीना सिंह, परमानंद तिवारी, दीपक गर्ग, सुजीत सिंह, रमेश द्विवेदी, प्रियेश अग्रहरि, राहुल त्रिपाठी, अंचल ओझा, दिनेश तिवारी, निशिकांत भगत, सुभाष गुप्ता, पंकज चौधरी, राकेश शुक्ला, राघवेंद्र सिंह, प्रदीप शुक्ला, विमलेश त्रिपाठी, सक्षम गुप्ता, मनीषा सिंह, हनी गुप्ता, पूजा पांडेय, शुभांसी पात्रा, उज्ज्वल तिवारी, मनोज भारती, कैलाश ठाकुर, रवि तिवारी, योगेश सोनी, संजय सोनी, शुभम जायसवाल, अंशुल सिंह, विवेक श्रीवास, शिवराज सिंह, राहुल गुप्ता, अमन श्रीवास्तव, मुकेश दुबे, सुनील साहू, समित मुंडा, रमेश साहू , निशांत जायसवाल, नीरज साहू, नितेश, संदीप दास, उदय साहू, विक्की साहू, राहुल साहू, ननकु मुंडा , लाला साहू, विशाल साहू, अनिल तिवारी, रामकुमार सिंह, अनिरुद्ध मिश्रा, मो एहसान, राहुल वर्मा, मोतीलाल राजवाड़े, दिलीप पटेल, चंद्रकांत साहू, पंकज सिंह, संतोष देवांगन, संजय गौतम, दशरथ कश्यप, प्रीतम सिंह, संदीप गुप्ता सहित अनेक लोग शामिल हुए।
अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन विस्तार से सरकार को दोहरी फायदा : बहुप्रतीक्षित मांग अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन की मांग को लकर सरगुज रेलवे संघर्ष समिति द्वारा पदयात्रा निकाले जाने के बाद सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान समिति के सदस्य मुकेश तिवारी ने कहा कि सरगुजा रेलवे संघर्ष समिति द्वारा रेलवे विस्तार को लेकर लंबे समय से प्रयास किया जा रहा है। अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन के लिए केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में उम्मीद थी, पर बजट में कोई विचार नहीं किया गया। इस लाइन का ट्रैफिक प्रोजेक्शन तुलनात्मक तौर पर सभी मापदंडों पर रेलवे के लिए लाभकारी है। रोजाना तकरीबन 12 हजार लोगों को इस रुट से आना-जाना होता है। इन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। सभी कोल खदान से कोयले एवं बाक्साइट का परिवहन इसके माध्यम से किया जा सकता है। वहीं अधिवक्ता मनोज तिवारी ने बताया कि सरकार के पास अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन व अंबिकापुर-बरवाडीह रेल लाइन का विकाल्प है। अंबिकापुर-बरवाडीह रेल लाइन के विस्तार से सरकार को नुकसान होगा। क्यों कि इस क्षेत्र में कोल लाक बहुत कम है। वहीं रेलवे को यात्री ट्रेन चलाने से घाटा होता है। अगर अबिकापुर-रेणुकूट से जोड़ा जाए तो छत्तीसगढ़ में पर्याप्त खनिजें हैं। इसके अलावा बनारस एजुकेशन हब है। इसके अलावा बनारस मेडिकल लाइन से जुड़ा हुआ है वहीं तिर्थ स्थल भी है।

इस रेल लाइन को विस्तार करने से सरकार को दोहरी फायदा होगी। जबकि बरवाडीह में ऐसा कोई प्रोजेक्ट नहीं है। अंबिकापुर-रेणुकूट कनेक्टिविटी टॉप मॉडल की हो जाएगी। सरगुजा रेलवे संघर्ष समिति ने कहा कि हमारे यहां के जन प्रतिनिधियों को शक्तिशाली होने की आवश्यकता है। अंबिकापुर-गढ़वा तक फोर लेन की मांग को उदहारण देते हुए समिति ने कहा कि जो कामा झारखंड से हो सकता है वह यहां से भी हो सकता है। पर यहां के जनप्रतिनिधि उदासीन हैं। सडक व रेल के लिए यहां के जनप्रतिनिधियों को आगे आने की आवश्यकता है तभी अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन संभव हो सकता है।


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