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कविता@तालमेल नहीं कर सकता …

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कोठी बंगला झोंपड़ छप्पर से तालमेल नहीं कर सकता।
शाने अमीरी प्यार गरीब से तालमेल नहीं कर सकता।
पतझड़ में बहार का खिलना तालमेल नहीं कर सकता।
बुढ़ापे में जवानी का आना तालमेल नहीं कर सकता।
मधुपान जायका कड़वाहट तालमेल नहीं कर सकता।
सज्जन से दुर्जन का संगत तालमेल नहीं कर सकता।
मेहनती जोश आलस्य से तालमेल नहीं कर सकता।
साधक राह बाधा मंजिल से तालमेल नहीं कर सकता।
स्तुति में निंदक से बदला तालमेल नहीं कर सकता।
ईमानदार को घूस खिलाना तालमेल नहीं कर सकता।
सूरज को दीपक देख अंधेरा तालमेल नहीं कर सकता।


अनिल कौशिक
क्योड़क कैथल
हरियाणा


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