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@रक्तदान दिवस@

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कविता


रक्तदान का शुभ दिन आया मत करना विचार ।
बूंद-बूंद जनहित भरी तलब घायल उपचार ।
दया-भाव उदार चरित अगणित खुशियां भंडार।
रक्तदान शिविर सजे प्रतीक्षारत दानी लगे कतार।
लाल रंग का लाल खून करता खूब कमाल।
जरूरत मंद को मिल जाए जीवन मरण निहाल।
सीमाओं के प्रहरी सैनिक जननी मां के लाल।
दुश्मन का मुंह तोड़ रहे सीने पर गोली उछाल।
बूंद-बूंद तन रक्त बहाया बढ़े मां तेरी शान।
कुर्बान हुए रक्षा में तेरी तिरंगा राष्ट्र की आन।
रक्तदान सबसे महान अनमोल जीवन दुश्वार।
मरते को जीवन मिले यही लौकिक उपकार।
अनिल कौशिक
क्योड़क कैथल हरियाणा


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