Breaking News

कविता@मया लागे …

Share


मया पिरित के नाता जोड़के
संग रहिबो के रद्दा देखाएस
जिनगी जिबो जियत मरत ले
किरिया कसम मोला खवाएस
मिले के आस म बाट जोहत
रद्दा निहारत सांझ ले पहाएस
मोर खातिर तैंय आस लगाके
सुसक सुसक के आंसू बोहाएस
जियत भर ले मोला मया करबे
दगा देके अपन ले झन अलगाबे
सोनु सरिक मयारु नई मिलही
अईसन युवा कवि कहां पाबे!!


Share

Check Also

संपादकीय@ समान नागरिक संहिता : संवैधानिक संकल्प सामाजिक संवाद और राजनीतिक चुनौती

Share छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड-यूसीसी) का प्रारूप तैयार करने के …

Leave a Reply