@डेट ऑफ बर्थ के प्रमाण के रूप में मानने से किया इंकार
नई दिल्ली,26 अक्टूबर 2024 (ए)। भारत के नागरिकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, वोटर आईडी, पैन कार्ड, आधार कार्ड जैसे दस्तावेज जीवन के एक अहम हिस्सा बन गए है। इनमें आधार कार्ड सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला दस्तावेज है, जो लगभग 90त्न भारतीय नागरिकों के पास मौजूद है। आधार कार्ड का प्रयोग पहचान, पते और विभिन्न सरकारी कामों में सहायक दस्तावेज के रूप में किया जाता है। इसके अलावा,कई लोग इसे जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में भी इस्तेमाल करने लगे हैं। लेकिन इस पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है।@
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए आधार कार्ड को जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में मान्यता देने से इनकार कर दिया है। यह मामला एक मृत व्यक्ति के परिवार को मुआवजा देने से जुड़ा था, जिसमें पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आधार को जन्म तिथि का प्रमाण माना था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजय करोल और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने इस निर्णय को खारिज कर दिया, और आधार को जन्म तिथि का प्रमाण मानने से मना कर दिया।
यूआईडीएआई की जानकारी
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने पिछले साल अक्टूबर में एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि आधार कार्ड का उपयोग केवल पहचान पत्र के रूप में किया जा सकता है, न कि जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में।
इस फैसले से स्पष्ट होता है कि आधार कार्ड को जन्म तिथि का प्रमाण मानना गलत है, और इसे केवल पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
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