नई दिल्ली,07 अक्टूबर2024 (ए)। जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा समयबद्ध तरीके से बहाल करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के 10 महीने बाद भी जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया गया है जिससे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के अधिकारों पर गंभीर असर पड़ रहा है और संघवाद की भावना का भी उल्लंघन हो रहा है।इसमें कहा गया है कि राज्य का दर्जा बहाल होने से पहले विधानसभा का गठन जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार की शक्ति को गंभीर रूप से कम कर देगा, जिससे संघवाद की भावना का गंभीर उल्लंघन होगा जो संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद तीन चरणों में विधानसभा चुनाव हुए। नतीजे मंगलवार को घोषित किए जाने हैं।संविधान के अनुच्छेद 370 के संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के बयान पर भरोसा करते हुए यह सवाल खुला छोड़ दिया था कि क्या संसद किसी राज्य को एक या अधिक केंद्र शासित प्रदेशों में बदलकर राज्य का दर्जा को खत्म कर सकती है।
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