@ इनमें डायबिटीज, ब्लड प्रेशर की गोलियां शामिल
नई दिल्ली, 26 सितंबर 2024 (ए)। भारत की केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने हाल ही में 53 दवाओं की गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट जारी की है। इन दवाओं में बुखार में इस्तेमाल होने वाली सामान्य पैरासिटामोल से लेकर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की गोलियां शामिल हैं। सीडीएससीओ की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दवाओं का परीक्षण गुणवत्ता मानकों पर किया गया, लेकिन ये अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरीं।
कई बड़ी कंपनियों की दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल
परीक्षण में शामिल कई दवाएं भारत की प्रमुख फार्मास्युटिकल कंपनियों द्वारा निर्मित की गई थीं। इनमें हेटेरो ड्रग्स, एलकेम लेबोरोटरीज और हिन्दुस्तान एंटीबॉयोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) जैसी जानी-मानी कंपनियों की दवाएं शामिल हैं। इन कंपनियों द्वारा निर्मित कैल्शियम और विटामिन डी-3 सप्लीमेंट, डायबिटीज की गोलियां और ब्लड प्रेशर की दवाओं को गुणवत्ता परीक्षण में फेल बताया गया है। यह रिपोर्ट उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है।
पेट संक्रमण की दवा भी फेल
हिन्दुस्तान एंटीबॉयोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा निर्मित मेट्रोनिडाजोल, जो पेट संक्रमण में प्रयोग की जाने वाली एक सामान्य दवा है, भी इस गुणवत्ता परीक्षण में विफल रही। यह दवा पेट से संबंधित संक्रमण के लिए आमतौर पर उपयोग की जाती है। सीडीएससीओ की रिपोर्ट में बताया गया कि यह दवा अपने निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी।
बच्चों की दवा भी गुणवत्ता परीक्षण में असफल
सीडीएससीओ की इस रिपोर्ट में बच्चों को बैक्टीरियल इंफेक्शन में दी जाने वाली दवा सिपोडेम एक्सपी ५० ड्राई सस्पेंशन को भी घटिया गुणवत्ता का पाया गया। इस दवा का निर्माण हैदराबाद की हेटेरो ड्रग्स करता है। यह दवा आम तौर पर बच्चों को बैक्टेरियल इंफेक्शन होने पर प्रेसक्राइब की जाती है। बच्चों के कान, गले फेफड़े और चमड़े का इनफेक्शन होने पर यह दवा दी जाती है। इस दवा में दो मेडिकल कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा फिक्सड डोज दवा की कैटेगरी में आती है।
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