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अम्बिकापुर/सूरजपुर@ 6 महीने वाले व्यापार में इतना मुनाफा कैसे की करोड़ की संपत्ती हो गई अर्जित?

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–ओंकार पाण्डेय –
अम्बिकापुर/सूरजपुर 20 अप्रैल 2024 (घटती-घटना)।
प्रदेश में कोई सुर्खियों में है तो वह है शिव साहू व फेक उल्लाह,शिव साहू पर कार्यवाही हो चुकी है पर सरगुजा संभाग के फेक उल्लाह पर कार्यवाही का इंतजार अभी भी है,फेक उल्लाह पर कार्यवाही से उसे कौन सी ताकत बचा रही है यह तो एक पहेली बनकर खड़ी है, फेक उल्लाह के कारोबार से सभी परिचित है और सभी को पता है कि उनका कारोबार कैसा है फिर भी यदि कोई उनके कारोबार से अनजान है तो वह है जांच एजेंसियां! फेक उल्लाह पत्रकार की शिकायत कर क्या अपने व्यापार के पर्दे को उठने से बचना चाहते हैं? फेक उल्लाह के व्यापार को उजागर करने के लिए लगातार दैनिक घटती-घटना प्रयासरत है और जागरूकता के साथ खबर प्रकाशित कर अपनी भूमिका निभा रहा है ताकि इस अवैध कारोबार पर कार्यवाही हो और लोग अवैध कारोबार से दूर रहें पर फेक उल्लाह पत्रकार की शिकायत और उसके ऊपर धमकी व अवैध उगाही का आरोप लगा रहे हैं वहीं सवाल यह उठता है की यदि वह इतने ही पाक साफ हैं तो क्या पाक साफ लोगों से भी उगाही होती है? उनका व्यवसाय यदि सही है और उनका व्यवसाय पूर्ण रूप से जायज है अवैध साथ ही गलत नहीं है तो कोई पत्रकार की अवैध उगाही की मांग या धमकी से वह क्यों डर रहे हैं? वहीं उन्हे पुलिस से इसकी शिकायत करनी क्यों पड़ रही है? वैसे उनकी पुलिस को की गई शिकायत से ही यह स्पष्ट है की उनका व्यवसाय निश्चित रूप से अवैध है और उनके व्यवसाय को लेकर जरूर सच सामने आने पर वह परेशानी में फंस सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक व जन चर्चाओं की बात की जाए तो सरगुजा संभाग के सूरजपुर जिले के एक गांव के व्यापारी जिन्होंने 6 महीना पहले व्यापार की दुनिया में अपना कदम रखा और अपना प्रतिष्ठान हार्डवेयर दुकान खोली, इस दुकान को खोलने में भी उन्होंने करोड़ लगाए पर यह पैसे कहां से आए यह भी जांच का विषय है? चलिए यदि हम बात करते हैं तो करोड़ों रुपए लगाने के बाद इन्होंने व्यापार शुरू किया और फिर आखिर इस व्यापार में ऐसा कौन सा ऐसा लाभ है कि 6 महीने में ही वह आय से ज्यादा की संपçा अर्जित करने लगे? सूरजपुर जिले में 40 साल से अधिक समय से व्यापार करने वाले भी इस कदर नहीं उड़ाते हैं पैसा जिस कदर 6 महीना पहले अपना व्यापार शुरू करने वाले उड़ा रहे हैं पैसा, 40 साल से जो प्रतिष्ठित व्यापारी हैं वह भी बीएमडल्यू में नहीं घूम पा रहे हैं व्यवसाय करके मेहनत करके सिर्फ अपनी आंख से उस बीएमडब्ल्यू को देखकर ही संतोष कर लेते हैं पर वही 6 महीने में ऐसा कौन सा व्यापार में मुनाफा हो रहा की एक नहीं चार-चार पांच-पांच गाडि़यां खरीदी जा रही है? व्यापार को लेकर तमाम तरह के सवाल हैं पर वही चर्चाओं में यह भी बात है की हार्डवेयर दुकान तो सिर्फ दिखावा है उसके पीछे तो लोगों का पैसा दुगना कर खुद दुगना पैसा कमा रहे हैं और लोगों को महंगी गाडि़यां खरीदवा रहे हैं, 6 महीना पहले व्यापार के उद्घाटन में भी जो आयोजन हुआ था वह भी किसी आलीशान आयोजन से कम नहीं था, लगभग उसका खर्चा भी 60 लाख रुपए बताया जा रहा था। सवाल यही पर खत्म नहीं होता सवाल तो शुरू होता है कि आखिर इनकी आय इतनी ज्यादा कैसे हो रही है? उनके शौक को देखकर तो पूरे जिले में लोग भी अचंभित हैं, सूरजपुर जिले में यदि सबसे अमीर व्यक्ति में किसी की गिनती आती है तो वह एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की आती है पर उनके शौक भी दिखावा जैसे नहीं होते जो आज तकरीबन इस मुकाम पर पहुंचने के लिए 40 साल से ज्यादा की मेहनत कर चुके हैं तब इस मुकाम को उन्होंने हासिल किया है पर वही 6 महीने पहले व्यापार की दुनिया में कदम रखने वाले अच्छे-अच्छे लोगों को टक्कर दे रहे हैं और अपने व्यापार का लोहा मनवा रहे हैं अब यह व्यापार मेहनत पर है या फिर अवैध काम के महल पर टिकी है यह तो जांच का विषय है पर लोगों की माने तो पूरा कारोबार ही अवैध है बस जांच करने वालों को थोड़ी सी हिम्मत जुटाने की जरूरत है जो वह नहीं जुटा पा रहे हैं।

क्या फेक उल्लाह के आय से ज्यादा संपत्ती के मामले की होगी जांच…फेक उल्लाह की संपत्ती कम समय में काफी बढ़ी कैसे?
उसकी शादी के भी खर्चे से पता चलता है की एक छः माह पुराना मात्र व्यवसाई कैसे व्यवसाय में इतना सफल हो गया की वह कई लाखों केवल शादी में ही लूटा दिया। उसके महंगे शौक और उसके पैसे दुगने करने की गारंटी की सच्चाई क्या है जिससे लोग उसके चंगुल में फंस रहे हैं यह जांच तत्काल जरूरी है जिससे लोगों का पैसा डूबने से बचाया जा सके। लोग लालच में पैसा उसके पास दुगना करने दे रहे हैं और वह उस पैसे से अपने शौक पूरे कर रहा है जो भविष्य में लोगों को वापस मिलेंगे की नहीं यह बड़ा सवाल है। अब ऐसे में क्या उसकी आय से अधिक संपत्ती मामले की जांच होती है की नहीं जांच होती है भी तो जांच कौन करता है यह देखने वाली बात होगी। फेक उल्लाह के मामले जांच जल्द हो इसकी मांग अब उठने लगी है जिसे देखते हुए जांच जल्द करनी चहिए वरना वह लोगों को चूना लगाकर फरार हो जायेगा।
इनके जीएसटी की होगी जांच तो भी खुलेंगे कई राज
फेक उल्लाह के जीएसटी की जांच होगी तब भी खुलेंगे कई राज। उसके व्यवसाय की सच्चाई ही समाने आ जायेगी। जीएसटी की जांच वाणिज्यकर विभाग को करते हुए यह स्पष्ट करना चाहिए की आखिर वह किस व्यवसाय से जल्द इतना पैसा कमा ले गया वहीं उसके जीएसटी में उसका असल व्यवसाय क्या है?
फेक उल्लाह के पूरे परिवार के अकाउंट की होनी चाहिए जांच
फेक उल्लाह अपनी काली कमाई जो वह लोगों को धोखे में रखकर उन्हें पैसा दोगुना करने का लालच देकर कमाया है कमा रहा है को अब अपने पास कम रखता है ऐसा सूत्रों का मानना है, सूत्रों का कहना है की उसके कारोबार की सच्चाई कभी भी समाने आ सकती है जिससे वह भयभीत है और वह अब अपना पैसा अपने परिवार के सदस्यों सहित रिश्तेदारों के खाते में रखने लगा है। यह एक संभावना है वहीं वह अधिकांश पैसा नकद ही रखता है वहीं संपत्ती अर्जित कर भी पैसा खर्च करता है ऐसे में उसके सहित उसके परिवार के सदस्यों सहित उसके रिश्तेदारों के भी बैंक खातों की जांच होनी चाहिए वहीं जांच में सभी की हालिया अर्जित संपत्ती की भी जांच होनी चाहिए। वैसे फेक उल्लाह अपने अलावा परिवार के नाम से इसलिए भी निवेश कर रहा है जैसा बताया जा रहा है की जिससे भविष्य में जब अवैध व्यवसाय उसका ठप्प हो जाए वह देनदारी से बच जाए।
कहां-कहां पर है फेक उल्लाह व अनके परिवार के है लोन?
फेक उल्लाह व उनके परिवार का किस किस बैंक से कितना कर्ज है इसकी जानकारी भी लेनी चाहिए। फेक उल्लाह की ऋण सीमा की भी जानकारी पता लगाई जानी जरूरी है। कहीं वह भी बैंको से ऋण लेकर फरार न हो जाए,गलत तथ्य के आधार पर उसने कितना ऋण लिया है जो वह डूबा सकता है इसकी जानकारी निकालना जरूरी है। यदि बैंक ऋण ज्यादा हुआ तो वह ऋण राशि को डूबा सकता है जिससे बैंक को भी घाटा होगा जिसकी संभावना बताई जा रही है।
कितने गाडि़यों के मालिक है फेक उल्लाह
फेक उल्लाह कई विदेशी महंगी गाडियां अपने पास रखे हुए हैं। विदेशी गाडि़यों के अलावा उनके पास भारत में निर्मित महंगी गाडियां भी हैं। अब उनके पास कुल कितनी गाडि़यां हैं उनकी कीमत क्या है यह भी जानकारी जुटाई जानी जरूरी है। महंगी गाडियां क्या केवल उन्हीं के नाम से हैं या उनके परिवार के लोगों के रिश्तेदारों के नाम से भी गाडियां हैं यह देखना जरूरी है जांच जरूरी है।
विदेश यात्रा की भी होनी चाहिए जांच
फेक उल्लाह की विदेश यात्रा की भी जांच होनी चाहिए। क्या वह विदेश जा चुके हैं क्या वह विदेश में किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं जो भारत विरोधी गतिविधि में शामिल है यह जानकारी जुटाना जरूरी है। जांच एजेंसियों को जल्द इस मामले में तत्परता दिखाने की जरूरत है।विदेश जाना और वहां मिलने वाले कौन लोग हैं उनसे यह जानकारी इसलिए जरूरी है क्योंकि फेक उल्लाह का व्यवसाय जिस तेजी से बढ़ रहा है वह कई सवाल खड़ा कर रहा है।
सीडीआर निकालकर उनके व्यापार की भी निकाली जा सकती है कई महत्वपूर्ण जानकारियां
फेक उल्लाह मामले में उसकी सीडीआर निकालकर भी जांच की जानी चाहिए जिससे उसके व्यवसाय की सच्चाई सामने आ सके। वह किन लोगों के संपर्क में है।उसके किन लोगों से ज्यादा संपर्क हैं और वह लोग किन व्यवसाय से जुड़े लोग हैं यह जानना अब जांच एजेंसियों के लिए जरूरी हो गया है।फेक उल्लाह की सीडीआर ही कई राज उगल देगी वहीं सीडीआर से जांच एजेंसियों को सहूलियत होगी। सीडीआर से यह स्पष्ट होगा की वह किन लोगो के संपर्क में ज्यादा है,वैसे जांच एजेंसियां क्यों विलंब कर रही हैं मामले में यह बड़ा सवाल है क्योंकि फेक उल्लाह की संपत्ती जिस तर्ज पर बढ़ रही है वह कतई एक नंबर का मामला नहीं है यह कहना गलत नही होगा।
आय से अधिक संपत्ती के मामलों की जांच सीबीआई केंद्रीय जांच ब्यूरो और आयकर विभाग द्वारा की जाती है
फेक उल्लाह की संपत्ती आज आय से अधिक की है यह कहना गलत नहीं होगा, अब उनकी संपत्ती पूरी उनके नाम से है या परिवार के नाम से भी उन्होंने अर्जित की है यह तो अलग विषय है लेकिन कम ही समय में उन्होंने जिस तरह अधिक संपत्ती अर्जित की है वह पूरे संभाग में चर्चा का विषय है। महंगी गाडियां विदेशी गाडियां वहीं महंगे शौक उनके यह जाहिर करता है की संपत्ती उनकी आय से अधिक है जो वह सम्हाल नहीं पा रहे हैं इसलिए वह उसे ऐसे ही उड़ा रहे हैं। आय से अधिक संपत्ती के मामले में जांच कौन करता है और कौन तय करता है की आय से संपत्ती ज्यादा है इसको लेकर कई जांच एजेंसियां हैं जिसमे सीबीआई,आयकर विभाग सहित सतर्कता विभाग शामिल हैं जो जांच करती हैं। फेक उल्लाह की संपत्ती जिस तेज गति से बढ़ी है माना जा सकता है की इसमें विदेशी कोई निवेश भी हो सकता है जिसकी जांच जरूरी है, वहीं सट्टा बाजार जैसे व्यवसाय से भी फेक उल्लाह जुड़ा हो सकता है ऐसा माना जा रहा है ऐसे में जिम्मेदार जांच एजेंसियां जल्द जांच कर फेक उल्लाह की आय की सच्चाई सामने लाएं यह अब जरूरी हो गया है वरना कोई बड़ी घटना जिसमे लोगों का पैसा डूबना साथ ही कोई बड़ी अन्य वारदात होता है तो इसका जिम्मा ऐसे जांच एजेंसियों पर ही होगा जिन्होंने समय रहते ध्यान नहीं दिया।
पत्रकार ही अब बनेगा शिकायतकर्ता, शिकायतकर्ता कोई नहीं है कहकर पल्ला झाड़ रहे जांच के जिम्मेदार…
फेक उल्लाह के मामले में अब पत्रकार ही जांच की मांग आवेदन देकर करने वाला है। जांच की मांग कोई नहीं करता कोई शिकायत फेक उल्लाह की नही है इसलिए जांच नहीं हो सकती यह जांच के लिए जिम्मेदार लोग कहकर बच रहे हैं जांच से अब जब खुद पत्रकार ही जांच की मांग लिखित रूप से करेगा तब जांच एजेंसियां जांच करती हैं की नहीं यह देखने वाली बात होगी। पत्रकार मामले में जल्द आवेदन देने वाला है और जांच की मांग करने वाला है की फेक उल्लाह की संपçा कैसे जल्द से जल्द बढ़ती जा रही है इसकी जांच कर अवगत कराया जाए लोगों को। वैसे जांच एजेंसियों के लिए यह बड़े विचार का विषय है की वह सबकुछ जानकर इसलिए मौन हैं क्योंकि वह जांच कराने से बचना चाहती हैं और वह ऐसा क्यों करना चाहती हैं सभी जानते हैं।


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