कहा- 41 करोड़ से अधिक लोग निकले बाहर
नयी दिल्ली, 12 दिसंबर 2022(ए)। सरकार ने सोमवार को कहा कि साल 2005-06 से साल 2019-21 के बीच 40 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाल गया। सरकार ने इसके लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक का हवाला दिया। योजना मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी एमपीआई 2021 की बेसलाइन रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 25.01 प्रतिशत आबादी को बहुआयामी रूप से गरीब है।
सिंह ने कहा, भारत में आक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनिशिएटिव और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा जारी वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक 2022 रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2005-06 से 2019-21 के बीच 41 करोड़ 50 लाख लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।’ मालूम हो कि एमपीआई डेटा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण -5 पर आधारित था, जो महामारी के कारण हुई देरी के बाद 17 जून 2019 से 30 अप्रैल 2021 तक दो वर्षों में आयोजित किया गया था।
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