राजनीतिक गलियारो मे चर्चाए
भाषा के अनुसार, भाजपा के प्रवक्ता सबित पात्रा ने पत्रकारो से कहा कि अपनी सरकार की खामियो को छुपाने और आम आदमी पार्टी की हिन्दू विरोधी मानसिकता से लोगो का ध्यान भटकाने के लिए केजरीवाल राजनीतिक ड्रामा कर रहे है। केजरीवाल ने सवाददाता सम्मेलन मे जो कुछ कहा, वह उनकी यू-टर्न राजनीति का ही हिस्सा है। इसमे उनका पाखड नजर आता है।
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2022। देश मे प्रचलित सभी नोटो पर महात्मागाधी के साथ अन्य महापुरुषो या देवी-देवताओ की फोटो लगाने की माग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलो मे बहस छिड़ गई है। इस बीच आम आदमी पार्टी प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमत्री अरविद केजरीवाल की अपील ने नोटो पर किसकी हो फोटो? की बहस छेड़ दी है। एक के बाद एक राजनेताओ की प्रतिक्रियाए और विचार सामने आ रहे है। कोई चाहता है कि इसपर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीर लगे। वही किसी की इच्छा नोट पर शिवाजी को देखने की है।
सीएम केजरीवाल ने कहा कि केद्र सरकार से अपील है। गाधी जी के साथ करेसी पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की तस्वीर हो, देश की बिगड़ती अर्थ व्यवस्था को आशीर्वाद मिलेगा—कई कदम उठाने चाहिए, उसमे से ये भी एक है। दिवाली पर हम सबने समृद्धि के लिए लक्ष्मी जी और विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा की।
इसके लिए उन्होने इडोनेशिया का उदाहरण भी दिया और प्रधानमत्री नरेद्र मोदी से अपील की। उन्होने कहा, ‘इडोनेशिया एक मुस्लिम देश है। वहा 85 प्रतिशत मुस्लिम है और केवल 2 फीसदी ही हिदू है, लेकिन करेसी पर श्री गणेश जी की तस्वीर है। मै प्रधानमत्री से अपील करता हू कि माता लक्ष्मी और श्री गणेश जी की तस्वीरो को नए नोटो पर होना चाहिए।
दिल्ली के उपमुख्यमत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मा लक्ष्मी और भगवान गणेश सपन्नता और समृद्धि के प्रतीक है। उनके आशीर्वाद से देश समृद्ध होकर आगे बढ़ेगा और नबर 1 बनेगा। भारत की करसी पर महात्मा गाधी जी के साथ-साथ माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की तस्वीर लगाना पूरे देश के लिए मगलमयी साबित होगा।
इसके बाद से ही उम्मीदवारो की सूची सी जारी हो गई। महाराष्ट्र मे भारतीय जनता पार्टी से विधायक नीतेश राणे ने भी छत्रपति शिवाजी की फोटो लगाने का सुझाव दिया। इसके लिए उन्होने ट्विटर पर 200 रुपये का नोट भी पोस्ट कर दिया और उसे परफेक्ट बताया।
अब काग्रेस सासद मनीष तिवारी ने भी सुझाव दिया है। उन्होने पूछा कि नोट पर बाबासाहेब की तस्वीर क्यो नही हो सकती। उन्होने ट्वीट किया कि करेसी नोट की नई सीरीज पर डॉक्टर बाबासाहेब आबेडकर की फोटो क्यो नही हो सकती? एक तरफ महान महात्मा और दूसरी तरफ डॉक्टर आबेडकर। अहिसा, सविधानवाद और समतावाद के साथ आने से आधुनिक भारत को जोड़ेगा।
कुछ दिनो पहले अखिल भारत हिदू महासभा ने भी महात्मा गाधी की फोटो की जगह नेताजी सुभाष चद्र बोस की तस्वीर शामिल करने की माग उठाई थी।
पश्चिम बगाल के कार्यकारी अध्यक्ष चद्रचूर गोस्वामी ने कहा था कि हमे लगता है कि भारत की आजादी के सघर्ष मे नेताजी का योगदान महात्मा गाधी से कम नही है। भारत के महानतम स्वतत्रता सग्राम सेनानी के सम्मान का सबसे अच्छा तरीका करेसी नोट पर उनकी तस्वीर होगी। गाधी जी की तस्वीर को नेताजी के साथ बदल देना चाहिए।
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