- रेहर खदान में 8 हजार टन कोयला होने का दावा पर जमीनी हकीकत कुछ और।
- क्या 8 हजार टन कोयला रेहर खदान में मौजूद है और यदि है तो कहां है?
- रिकॉर्ड के अनुसार 8 हजार टन कोयला मौजूद पर खदान के पास 8 सौ टन कोयला भी नहीं?
- कोयला की बड़ी मात्रा में हेराफेरी को लेकर मुख्य सतर्कता अधिकारी से शिकायत जल्द हो सकती है जांच।
- अधिकारी आनन-फानन में पत्थर और मिट्टी मिलाकर 8 हजार टन स्टॉक पूरा करने की जुगत में आखिर कब पहुंचेगी जांच टीम?
- कोयला हेराफेरी के मामले में एक बार फिर बिश्रामपुर क्षेत्र का नाम आया सामने।
-रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 07 जुलाई 2022(घटती-घटना)। एसईसीएल क्षेत्र में अक्सर कोयले में हेराफेरी का मामला सुनने को मिलता है कहीं ज्यादा तो कहीं कम कुछ साल पहले कोयले में बड़ी मात्रा में हेराफेरी को लेकर बिश्रामपुर क्षेत्र काफी चर्चित रहा था, जिसमे कई अधिकारियों को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी, एक बार फिर बिश्रामपुर एसईसीएल क्षेत्र के रेहर खदान में बड़ी मात्रा में कोयला हेराफेरी का मामला फिर सामने आया है, जिसे लेकर मुख्य सतर्कता अधिकारी एसईसीएल बिलासपुर को शिकायत की गई है और जल्द से जल्द जांच की मांग की गई है, शिकायतकर्ता के अनुसार 8 हजार टन कोयला स्टॉक में होना बताया जा रहा है पर वास्तविक स्थिति में खदान के पास 8 हजार टन कोयला मौजूद दिख नहीं रहा, अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब प्रबंधन 8 हजार टन कोयला होना बता रही है तो आखिर यह कोयला कहां है, वही शिकायत के बाद प्रबंधन हरकत में है और जल्दी-जल्दी 8 हजार टन कोयले का स्टॉक बनाने में जुट गई है, जिसके लिए मिट्टी से लेकर पत्थर तक मिलाने का कार्य प्रबंधन बड़ी तेजी से कर रहा है, अब देखना यह है कि 8 हजार टन कोयला दिखाने से पहले जांच टीम पहुंच पाती है या फिर एसईसीएल को 8 हजार टन कोयला का स्टॉक मेंटेन करने के लिए समय देती है?

हुई बड़ी शिकायत
शिकायतकर्ता सुजीत कुमार ने महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, कोयला मंत्री, निदेशक केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, मुख्य सतर्कता आयुक्त, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो छत्तीसगढ़, निदेशक आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एसईसीएल बिलासपुर, तकनीकी निदेशक (संचालन) एसईसीएल बिलासपुर, तकनीकी निदेशक पीएंडपी एसईसीएल बिलासपुर, जिलाधीश सूरजपुर, पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को शिकायत करते हुए बतया की बिश्रामपुर क्षेत्र के रेहर खदान में 8000 टन कोयला होना बतया जा रहा है परंतु वहां की वास्तविक स्थिति में कोयला ना के बराबर मौजूद है जिसे अधिकारियों द्वारा कि हेरा फेरी को छुपाने हेतु प्रतिदिन के उत्पादन से कोयला को स्टॉक में गिराया जा रहा है जिससे उन के द्वारा किए गए हेराफेरी को छुपा या जा सके। सूत्रों के अनुसार नवपदस्थ उपक्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा स्टॉक में गड़बड़ी के कारण अब तक उसका चार्ज नहीं लिया गया है।

पत्थर और मिट्टी मिला स्टॉक मेंटेन करने की जुगत में
प्रबंधन इस मामले की शिकायत होते ही बड़ी तेजी से नीचे पत्थर बिछा उस पर कोयला उत्पादन कर बिछा रहा है और यह बताएगा की यह पूरा कोयला है जबकि वह कोयला नहीं मिट्टी व पत्थर है, आखिर 8000 टन कोयला का स्टॉक मेंटेन करने में प्रबंधन इतना परेशान है कि कुछ भी करके 8 हजार टन कोयला दिखाने का प्रयास कर रहा है, एक तरफ जहां कोयले का उत्पादन हो रहा है उस उत्पादन से कुछ कोयला कम दिखाकर उसे स्टॉक में रखा जा रहा है ताकि मिट्टी व पत्थर के साथ मिलाकर स्टॉक को मेंटेन कर लिया जाए, जमीन पर पत्थर बिछाकर उस पर कोयला व मिट्टी बिछाकर स्टॉक बताने की तैयारी में लगा है प्रबंधन।

जांच टीम को कोल स्टाक की गड़बड़ी को पकड़ने आना होगा जल्द
जहां एक तरफ पूरे देश में कोयले को लेकर बिजली उत्पादन के संकट की वजह से ट्रेनों को रद्द करने का विरोध हो रहा है, वही भारी मात्रा में कोयले का हेरा फेरी भी एक बड़ी समस्या है, जो इन दिनों बिश्रामपुर क्षेत्र के रेहर खदान से हेरा फेरी होने की जानकारी मिल रही है, वास्तविक स्थिति में रेहर खदान के पास 8 हजार टन कोयले का कोई भी स्टॉक नहीं दिख रहा पर प्रबंधन के अनुसार 8 हजार टन कोयला उनके पास मौजूद है, यदि स्टाक मौजूद है तो यह कोयला कहां है अब यह तो जांच टीम के लिए जांच का विषय है, पर जांच टीम कितना जल्दी आकर जांच करेगी और हेराफेरी के मामले को जल्द से जल्द उजागर करेगी यह तो जांच टीम ही जाने पर जांच टीम तक शिकायत हो चुकी है, किस कदर स्टॉक को मेंटेन करने का कार्य प्रबंधन कर रहा है इसकी जानकारी भी जांच टीम को दी जा चुकी है पर जांच टीम कब जांच करने पहुंचेगी? यह मामला काफी बड़ा है जिसमें अधिकारियों पर बड़ी कार्यवाही की जा सकती है।
रेहर सह क्षेत्र प्रबंधक हो गए रिटायर, वर्तमान सह प्रबंधन चार्ज लेने को तैयार नहीं
सूत्रों की मानें तो स्टॉक में गड़बड़ी होने की वजह से वर्तमान में आए नए सह प्रबंधक स्टॉक का चार्ज लेने को तैयार नहीं है क्योंकि उन्हें स्टॉक में गड़बड़ी दिख रही है और वह अपने आप को बचाने के लिए स्टाफ का चार्ज लेने को तैयार नहीं है उनका कहना है स्टॉक मेंटेन करके दोगे तभी मैं चार्ज लूंगा, ऐसे में बिश्रामपुर क्षेत्र की समस्या काफी बड़ी हुई है जल्द से जल्द स्टॉक मेंटेन करने की तैयारी चल रही है।
बैंकर खाली होने के बावजूद कोयला गिराया जा रहा बाहर क्यों?
रेहर खदान से रोड सेल के माध्यम से कोयला बाहर जाता है, यहां पर बैंकरों से ट्रकों में कोयला लोड होता है बैंकर भरने के बाद ही कोयले को बैंकर से बाहर गिराया जाता है पर यहां बैंकर खाली होने के बावजूद खदान से निकलने वाले कोयले को पुलाव लगाकर बाहर गिराना संदेह उत्पन्न करता है, आखिर बैंकर में उत्पादन वाला कोयला ना गिराकर बाहर क्यों गिराया जा रहा है, यह एक बड़ा सवाल है इस सवाल के पीछे स्टॉक मेंटेन करने की बड़ी कहानी है।
इन से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है शिकायत गलत आई है हमारे यहां जितना स्टाक होना चाहिए उतना स्टाक उपलब्ध है।
फिरोज अंसारी खान
खान प्रबंधक रेहर
इस संबंध में जब इन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं चार्ज ले लिया हूं पर स्टॉक कितना है यह मैं अभी नहीं बता सकता, मैं देख कर ही बता पाऊंगा, चार्ज लेने के बाद भी इनके पास स्टॉक की जानकारी ना होना ही बड़ा सवाल है।
अनिरुद्ध सिंह
क्षेत्र प्रबंधक रेहर
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur