- बाघिन के मौत की वजह पता करने रायपुर से रवाना हुई टीम
- पीएम के बाद होगा मौत का खुलासा।
- भैंस मालिक पर विभाग को संदेश हो रही पूछताछ
- कही मालिक तो नहीं बाघिन का हत्यारा।
बैकुण्ठपुर 06 जून 2022 (घटती-घटना)। गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में बाघ, तेंदुआ, हाथी, चीतल, वनभैंसा समेत काफी संख्या में जानवर व पशु पक्षी विचरण करते हैं। यहां कई बार जंगली जानवरों का शिकार करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गुरुघासी दास राष्ट्रीय उद्यान के रामगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम सलगवांकला में मादा बाघिन का शव मिलने से हडक़ंप मच गया है। सूचना मिलते ही वन विभाग के आला अधिकारी समेत कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा, बाघ की मौत से क्षेत्र में मचा हडक़ंप, वन विभाग के आला अधिकारी समेत भारी संख्या में कर्मचारी मौके पर मौजूद। वही रायपुर से भी विशेषज्ञ दल रवाना हो चुका है जो बाघिन के मौत को लेकर जांच करेगा और इसके पीएम में मौजूद रहेगा और यह पता करेगा कि आखिर बाघिन की मौत कब और कैसे हुई।
मिलिजानकारी के अनुसार गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में बाघिन के मारे जाने की खबर से हडक़ंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार मामले में 2 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दरअसल 4 जून को बाघिन ने एक भैंसे का शिकार किया था। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इससे आक्रोशित भैंस मालिक ने भैंस के शव पर कीटनाशक (जहर) का छिडक़ाव कर दिया था। रात में जब बाधिन ने भैंस का मांस खाया तो संभवत: उसकी मौत हो गई। सुबह बाघिन का शव भैंस के शव के आस-पास ही देखा गया। फिलहाल बाघिन के शव का पीएम किया जा रहा है। पीएम के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा।
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