रामानुजगंज@न्यायाधीशों ने किया विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

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रामानुजगंज 09 जनवरी 2022 (घटती घटना) जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलरामपुर-रामानुजगंज सिराजुद्दीन कुरैशी के निर्देशन में श्रीमती वंदना दीपक देवांगन, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) एवं श्रीमती रेशमा बैरागी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रामानुजगंज के द्वारा शासकीय हाई स्कूल विश्रामनगर एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तातापानी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त विधिक जागरूकता शिविर में उपस्थित समस्त छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुये श्रीमती वंदना दीपक देवांगन ने कोरोना वायरस के बढते प्रभाव को देखते हुये समस्त छात्र-छात्राओं को मास्क एवं सेनेटाईजर का प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया, साथ ही समस्त छात्र-छात्राओं को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के संदर्भ में उपभोक्ताओं को ऐसे सामानों के खरीदी के प्रति सचेत किया गया जो बीआईएस मानकों के अनुरूप नही है। साथ ही उन्होने पॉक्सो एक्ट के बारे में बताते हुए कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सेक्सुअल मंशा से शरीर के सेक्सुअल हिस्से को स्पर्श करना भी पॉक्सो एक्ट का मामला है। यह नहीं कहा जा सकता कि कपड़े के उपर से बच्चे का स्पर्श यौन शोषण नहीं है। अब कानून में बदलाव होने के बाद कोई भी 12 साल तक की बच्ची के साथ दुष्कर्म के दोषी को मौत की सजा का प्रावधान किया गया है। पॉक्सो के पहले के प्रावधान की बात की जाए तो इसके मुताबिक दोषियों के लिए अधिकतम सजा उम्रकैद और न्यूनतम सजा 7 साल जेल थी। इस कानून के दायरे में 18 साल से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का यौन व्यवहार शामिल है। वहीं श्रीमती रेशमा बैरागी ने कहा कि बगैर लाइसेंस के वाहन चलाना,अयोग्य व्यक्ति द्वारा वाहन चलाना,ओवर स्पीड में वाहन चलाना,शराब पीकर वाहन चलाना, रेसिंग करना,लाइसेंस नियमो का पालन न करना, ओवरलोडिग वाहन चलाना,सीट बेल्ट नहीं लगाना, दो पहिया वाहन पर दो से अधिक व्यक्ति को बिठाना, बगैर हेलमेट वाहन चलाना तथा एंबुलेंस आदि को रास्ता न देना सभी मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आते हैं। इन सभी मोटर व्हीकल एक्ट नियमों का उलंघन करने पर 1000 से 10000 रुपये तक का जुर्माना एवं जेल का भी प्रावधान है। छात्र-छात्राओं को चाइल्ड हेल्प लाईन नम्बर 1098, नालसा हेल्प लाईन नम्बर 15100, टोनही प्रताडना निवारण अधिनियम, महिलाओं के गिरफ्तारी से संबंधित अधिकार, अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण संबंध में पाम्पलेट भी वितरण किया गया।


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