बैकुण्ठपुर@तहसीलदार,पटवारी की संयुक्त कार्यवाही में जब्त किए गए घर से नए बारदाने

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धान खरीदी हेतु किसानों को मिलने वाले बारदाने के घर से बरामद होने पर उठ रहे सवाल

बिना खेती किसान ने धान बेचने कटाया था टोकन,भौतिक सत्यापन में खेत भी मिला परती

रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 9 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। जिले के तरगवां धान खरीदी केंद्र में आज एक किसान के द्वारा 200 मि्ंटल धान बिक्री का टोकन कटवाकर धान विक्रय हेतु लाया गया था। किसान इसके पूर्व भी एकबार टोकन कटाकर धान विक्रय कर चुका था और दोबारा टोकन काटकर फिर से धान लेकर पहुंचने पर समिति के लोगों को संदेह हुआ और उन्होंने राजस्व विभाग को इसकी सूचना दी और किसान के जमीन जिसकी फसल बताकर किसान धान दोबारा बेचने पहुंचा था उसका भौतिक सत्यापन करने राजस्व अमले का दल रवाना हुआ। नायब तहसीलदार पटना आरआई सहित पटवारी किसान की जमीन और धान का खेत का भौतिक सत्यापन करने पहुंचे तो उन्होंने पाया कि किसान के खेत मे धान की फसल लगाई ही नहीं गई है और खेत खाली पड़ा हुआ है। भौतिक सत्यापन पश्चात किसान के धान विक्रय का दूसरा टोकन रद्द कर दिया गया और धान विक्रय का रकबा भी समर्पित करा लिया गया।

राजस्व अमले को मिले किसान के घर से नए सरकारी बारदाने

भौतिक सत्यापन करने किसान के खेत बाद में घर पहुंचे राजस्व अमले को किसान के घर से शासन द्वारा किसानों को धान विक्रय के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले नए बारदाने मिले जो राजस्व अमले ने बरामद कर लिया, लगभग 150 बारदाने किसान के घर से जब्त हुए ऐसा सूत्रों का कहना है।

बारदाने घर मे मिलना है अपराध

किसानों को धान विक्रय के लिए जो बारदाने प्रदान किये जाते हैं वह बारदाने उन्हें सहकारी समिति में ही मिलना होता है किसान उसे घर नहीं ले जा सकते और सहकारी समिति में अपने बारदाने में धान लाकर समिति में ही वह नए बारदानों में जो समिति प्रदान करती है में धान पलटी करना होता है। इस मामले में किसान के घर से बारदानों का बरामद होना अपराध की श्रेणी में आता है।

बारदाने किसान को कहां से मिले यह जांच का विषय

किसान को सरकारी बारदाने घर ले जाने के लिए कहां से मिले यह जांच का विषय है। किसान से इस मामले में शायद पूछताछ भी होगी और किसान को जिस समिति से बारदाने मिले हैं उस समिति के संबंधित पर कार्यवाही भी संभव है।

जिलेभर के किसान बारदाने के लिए हैं परेशान

जिले सहित प्रदेश भर के किसान बारदाने के लिए परेशान बने रहते हैं यह खबर प्रतिदिन सुनने को मिलती रहती है ऐसे में एक किसान को क्यों इतनी सुविधा दी जा रही है जो उसको बारदाने घर तक ले जाने की अनुमति दे दी जाती है जांच का विषय होना भी चाहिए।

किसान की खाली पड़ी जमीन का पंजीयन कर गलत तरीके से धान विक्रय करने का मामला भी गम्भीर

जिस किसान के संबंध में आज भौतिक सत्यापन उसके जमीन का करते हुए उसका धान विक्रय का रकबा जब्त किया गया उस किसान की जमीन का पंजीयन धान विक्रय के लिए कराकर गलत तरीके से धान बेचकर लाभ कमाने का यह मामला गम्भीर मामला है। जिस जमीन पर धान लगाई ही नहीं जाती उस जमीन का पंजीयन कराकर धान बेचने का प्रयास गम्भीर प्रवृति के अपराध की श्रेणी में आता है और इसको लेकर कठोर कार्यवाही के प्रावधान हैं।

किसान की भूमि का पंजीयन व्यावसायिक दृश्टिकोण से एक सहकारी समिति के अधिकारी की ही मिलीभगत से संभव

किसान की जिस जमीन का भौतिक सत्यापन कर राजस्व अमले ने यह पाया कि उसमे धान की फसल लगाई ही नही गई मामले में यह भी बात सामने आ रही है कि किसान की जमीन का पंजीयन एक सहकारी समिति के प्रबंधक द्वारा ही कराया गया है और यह कई वर्षों से पंजीयन है और जिसमे गलत तरीके से धान बेचा जाता आ रहा है। तरगवां धान खरीदी केंद्र अंतर्गत आने वाले ग्राम शिवपुर पसला का यह मामला है जहां राजस्व अमले ने कार्यवाही की है।

भौतिक सत्यापन किया गया है संदेह है मामला जांच का है जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा।
भीष्म पटेल
नायाब तहसीलदार पटना


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