बैकुण्ठपुर @नपा चुनाव में हार मिलते ही कोरिया कांग्रेस में दिखने लगा अनुशासन

175
Share

50 से भी ज्यादा लोगों में विधायक,जिलाध्यक्ष,पदाधिकारियों सहित पार्षदों ने दिया बयान,बंद कमरे की बातें हुईं लिफाफों में बंद,नहीं खुली बयानों की पोल

बंद लिफाफे में दर्ज बयानों को बंद कर पर्यवेक्षक लौटे राजधानी…क्या हार का ही था इन्तजार…हार से सबक लेती नजर आई कोरिया कांग्रेस

रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 07 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। नगरपालिका चुनाव में हार मिलते ही कोरिया कांग्रेस में दिखने लगा अनुशासन। बंद कमरे की बातें हुईं लिफ़ाफ़ों में बंद, नहीं खुली बयानों की पोल। क्या नगरपालिका चुनावों में हार से कांग्रेस को मिली अनुशासित रहने की युक्ति। क्या हार का ही था इन्तेजार, हार से सबक लेती नजर आई कोरिया कांग्रेस। प्रदेश कांग्रेस कमेटी से नियुक्त पर्यवेक्षकों ने बैकुंठपुर राजीव भवन पहुँच बयान किया दर्ज। 50 से भी ज्यादा लोगों में विधायक, जिलाध्यक्ष, पदाधिकारियों सहित पार्षदों ने दिए बयान। बंद लिफाफे में दर्ज बयानों को बंद कर पर्यवेक्षक लौटे राजधानी। प्रदेश नेतृत्व बयानों के आधार पर तय करेगा किसकी गलतियों से चुनाव में मिली हार। हार के कारणों को जानकर दोषियों पर कार्यवाही तय करने प्रदेश नेतृत्व है तैयार। जिले की नगरपालिकाओं में बहुमत के बाद अध्यक्ष सहित उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस को मिली है हार।
कभी कभी किसी हार की वजह से भी कुछ सीखने को मिल जाता है और वह बड़ी सीख होती है और वह भविष्य के लिए भी जरूरी हो जाती है कि फिर से किसी हार की वजह वही गलती न बन जाये जिस गलती से अभी हार हुई है ऐसा ही अब कोरिया जिले के कांग्रेस पार्टी में भी नजर आ रहा है। नगरपालिका चुनावों में बहुमत के बावजूद हार का मुंह देखने वाली सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में नगरपालिका चुनावों के परिणामों के बाद व्यापक परिवर्तन देखा जा रहा है और यह भी महसूस होने लगा है कि कोरिया कांग्रेस हार के बाद से अनुशासित हुई है और अब बंद कमरों की बात और पार्टी के अंदर जारी किसी भी जिरह को बाहर प्रसारित करने की या तो मनाही हो चुकी है या कांग्रेस पार्टी के लोग जान चुके हैं हैं कि उनकी यही गलतियां जो बंद कमरों की बातें बार बार बाहर निकल रहीं थीं कि ही वजह से जीती बाजी सत्ताधारी दल कांग्रेस हार गई और जिसके वजह से प्रदेश प्रभारी, मुख्यमंत्री सहित प्रदेश अध्यक्ष तक कि नाराजगी कोरिया कांग्रेस के लोगों पर फुट पड़ी। अब यह अनुशासन खुद से जिले के कांग्रेसियों ने अपने भीतर लाने का प्रयास किया है अनुशासन का डंडा प्रदेश का चला है इसको लेकर कुछ स्पस्ट कह पाना मुश्किल है लेकिन अनुशासन नजर आने लगा है।

क्या अनुशासन कायम करने के लिए ही था हार का इन्तजार

कोरया जिले के कांग्रेस पार्टी में सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा था खासकर बैकुंठपुर विधानसभा में स्थित ज्यादा खराब पार्टी की थी और अनुशासन नाम की चीज नजर नहीं आ रही थी और अब नगरपालिका चुनावों के विपरीत परिणामों के पश्चात अचानक जैसे ही अनुशासन पार्टी में नजर आने लगा एक ही बात कही जा सकती है की लगता है की कांग्रेस को इसी हार का इंतेजार था और हार से पार्टी ने सीख ली और अब अनुशासन नजर आने लगा है।

हार की समीक्षा करने पर्यवेक्षकों ने बंद कमरे में किया बयान दर्ज

कोरिया जिले में बैकुंठपुर नगरपालिका में कांग्रेस बहुमत से ज्यादा कांग्रेसी पार्षदों के जीतकर आने के बाद भी अध्यक्ष जैसा महत्वपूर्ण पद खुलकर कांग्रेसी पार्षदों के विरोध की वजह से गवां बैठी वहीं शिवपुर चरचा नगरपालिका में उपाध्यक्ष पद पर भी कांग्रेस को भितरघात का सामना करना पड़ा और वहां उपाध्यक्ष पद से हांथ धोना पड़ा।दोनों निकायों में मिली हार से प्रदेश कांग्रेस प्रभारी, मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तीन सदस्यीय पर्यवेक्षकों का दल दोनों नगरीय निकायों में मिली हार की समीक्षा के लिए कोरिया जिला मुख्यालय के लिए रवाना किया जो गुरुवार 6 जनवरी को दिनभर कांग्रेसी पार्षदों सहित पार्टी पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं व बताया जा रहा है विधायक का भी बयान अलग अलग एक एक करके बंद कमरे में बुलाकर दर्ज करता रहा और अंत मे बंद कमरे में ही बयानों को सीलबंद कर पर्यवेक्षकों का दल राजधानी रायपुर रवाना हो गया जहां यह बंद लिफाफा खोला जाएगा और बयानों के आधार पर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।

घण्टों बयान दर्ज करता रहा पर्यवेक्षकों का दल

प्रदेश कांग्रेस कमेटी से नगरपालिका चुनाव के परिणामो को लेकर समीक्षा व हार के कारणों का पता लगाने पहुंचे तीन सदस्यीय पर्यवेक्षकों के दल ने बड़ी सजगता से और गम्भीरता से कांग्रेसी पार्षदों सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित कार्यकर्ताओं से बातचीत की और एक एक करके सभी को बंद कमरे में बुलाकर उनका बयान दर्ज किया जिसमें कई घण्टे लग गए और देर रात तक यह प्रक्रिया जारी रही।

दोषियों पर कार्यवाही तय नजर आने लगी

प्रदेश कांग्रेस कमेटी से गठित तीन सदस्यीय पर्यवेक्षकों के दल के पहुंचने और सभी का बयान दर्ज कर ले जाने से अब यह तय नजर आने लगा है कि इस मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी चुप नहीं रहने वाली और कार्यवाही बिल्कुल होगी और बड़ी कार्यवाही होगी यह तय नजर आने लगा है।


Share