बैकुण्ठपुर@राम कथा के छठवें दिन श्री राम वन गमन एवं केवट प्रसंग पर लोग झूमे

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माता जानकी विदाई के मार्मिक प्रसंग से आंखे हुई नम

बैकुण्ठपुर 5 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। पवनपुत्र महा आरती सेवा समिति के द्वारा दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर प्रांगण आयोजित संगीतमयी राम कथा के छठवें दिन माता जानकी के विदाई कथा को जीवंत करते हुये कथा का रसपान करने आये श्रद्धालुओं के आंखे नम कर दिये। विदाई के पष्चात व्यास विक्रम दुबे महराज द्वारा राम गमन एवं केवट प्रसंग पर लोगों को कथा से बांधे रखा।
कथा के छठवें दिन श्री राम वन गमन एवं केवट प्रसंग में व्यास विक्रम दुबे जी ने अयोध्याकांड के अंतर्गत राम चन्द्र जी माता सीता जी के विवाह और विदाई का समां बांध कर लक्ष्मण जी के साथ वन के लिए गमन, राम केवट संवाद से लेकर प्रयागराज तक पहुंचने की कथा को विस्तार से आधुनिक परिवेश को समाहित करते हुए समझाया। व्यास विक्रम दुबे महराज ने कथा श्रवण कराते हुये कहा कि राम जिसकी नजरो में मोहन समाये, वो नजर फिर भटकती नही है, ये तो प्रेम की…..पार उतरने के बाद भगवान श्रीराम उतराई देने लगते है तो केवट मना करते हुए कहता है कि प्रभु एक नाविक दूसरे से उतराई नही लेता है। आज मैंने आपको उतारा है कल आप मुझको भवसागर से पार उतार दीजिएगा। इस प्रसंग पर श्रोताओं ने शब्द चित्रण करते हुये पूरा घटनाक्रम को अपने मन की आंखो से देखा।

सामरी विधायक ने किया राम कथा का रसपान

छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव व सामरी विधायक चिंतामणी महराज हनुमान मंदिर प्रांगण आयोजित संगीतमयी राम कथा के छठवे पधारे और बड़ी सहजता के साथ दर्री पर नीचे बैठकर सपत्नीक श्री राम कथा का आनंद लिया।


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