बैकुण्ठपुर@बैकुंठपुर में कांग्रेस अध्यक्ष भी नहीं बना पाई

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मुस्लिम वोटों में भी लगी सेंध,कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने 4 लोगों को दिखाया पार्टी से बाहर का रास्ता


कांग्रेस से बाहर जाने वालों ने कहा हांथी घोड़ा किसी दल में रह लेंगे,अब कांग्रेस से हुआ मोह भंग

रवि सिंह –
बैकुण्ठपुर ०2 जनवरी 2022 (घटती-घटना)। पूर्ण बहुमत के बावजूद बैकुंठपुर नगरपालिका में सत्ताधारी कांग्रेस अपना अध्यक्ष नहीं बना सकी। अध्यक्ष पद से हांथ तो कांग्रेस ने धोया ही वहीं अब बैकुंठपुर विधानसभा में एक बहोत बड़े वोट बैंक को लेकर भी विधानसभा चुनाव के पूर्व पार्टी के लिए बुरी खबर है जो विधानसभा चुनावों में पार्टी का शायद ही साथ दे यह भी तय नजर आ रहा है। बैकुंठपुर में मुस्लिम समुदाय के आफ़ताब अहमद, सहित दो मुस्लिम पार्षदों व एक अन्य को आज कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाते हुए 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया और इसका परिणाम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा जो अभी से नजर आ रहा है।
बैकुंठपुर नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए कई महिला उम्मीदवारों के बीच एक मुस्लिम महिला भी उम्मीदवार बतौर अपना दावा प्रस्तुत कर रहीं थीं और यह दावा उनके पति जो कि दो बार से बैकुंठपुर में कांग्रेस के पार्षद स्वयं रह चुके हैं और इस चुनाव में वह दो-दो वार्डों में अपनी पत्नी और अपने भतीजे के रूप में जीत दर्ज कर दो पार्षदों के साथ अपना दावा प्रस्तुत कर रहे थे और उनका दावा मजबूत भी था और जिसे स्वीकार नहीं किये जाने की स्थिति में उन्होंने सीधे सीधे बगावत कर दी और अपने दोनों पार्षदों सहित उन्होंने ऐलान कर दिया कि वह कांग्रेस के अध्यक्ष पद प्रत्यासी को मत नहीं देंगे वहीं वह अब कांग्रेस में रहेंगे भी नहीं। आफ़ताब अहमद की इस घोषणा के बाद नगरपालिका बैकुंठपुर में अध्यक्ष पद का चुनाव भले ही भाजपा जीत गई लेकिन अध्यक्ष पद पर भाजपा की जीत का पूरा श्रेय आफ़ताब अहमद ले गए और उनके समर्थन में बहोत बड़ा हुजूम जुटा हुआ नजर आया। आफताब अहमद ने यह भी घोषणा कर दी कि वह हांथी घोड़ा किसी भी दल में जाएंगे लेकिन अब कांग्रेस में नहीं रहेगें यह अब तय है। कांग्रेस ने आफताब अहमद सहित 3 लोगों को भले ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया लेकिन इसका नुकसान कांग्रेस को ही होना है यह भी अब तय है क्योंकि यह मुस्लिम कार्यकर्ताओं का निष्कासन है और मुस्लिम पार्षद को अध्यक्ष नहीं बनाए जाने को लेकर विरोध का असर है। कांग्रेस की गलत नीतियों जो कि नगरपालिका बैकुंठपुर चुनाव में अपनाई गई उससे एक बात और तय हो गई कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बैकुंठपुर में कम से कम मुस्लिम मतदाताओं की नाराजगी कांग्रेस के हिस्से आएगी और भाजपा को सीधा फायदा होगा यह भी निश्चित हो गया है।


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