बैकुण्ठपुर@प्रतिबंधित रेत खदान में खुलेआम हो रही गुंडा टैक्स की वसूली

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शासन के राजस्व का भी कोई हिसाब नहीं,अब सादा पर्ची में रकम डाल ठेकेदार के गुर्गे कर रहे वसूली

रवि सिंह-
बैकुण्ठपुर 20 दिसम्बर 2021(घटती-घटना)। कोरिया कलेक्टर के खनिज शाखा ने 29 नवम्बर से आगामी आदेष तक ग्राम पंचायत पिपरा स्थित रेत खदान से रेत ठेकेदारों को रेत का उत्खनन व रेत परिवहन प्रतिबंधित करने का आदेश दिया था। इसके बाद भी रेत ठेकेदार के गुर्गे अपनी दादागिरी से रंग-बिरंगी पर्ची जारी कर वाहन मालिकों से पीटपास के नाम पर अपनी मनमानी कर रहे है। इस अवैध वसुली को वाहन चालकों ने गुंडा टैक्स का नाम भी दे डाला। इन पर्ची से ली जाने वाली राषि न तो शासन के खजाने में जा रही है और न ही आगामी आदेष तक ठेकेदार जारी आदेश मानने को तैयार है।
ज्ञात हो कि युवक कांग्रेस कोरिया की शिकायत पर खनिज विभगा द्वारा कार्यवाही की गयी थी और जिस सम्बन्ध में मुख्य लीज धारक रायगढ़ निवासी अविनाश गर्ग सहित अविनाश गर्ग द्वारा घोषित मुख्यतियार आम जिसे लीज धारक ने रेत उत्खनन हेतु अभी हाल में ही अपना अधिकार हस्तांतरण किया था को सूचना प्रेषित कर भी कर दी गई थी। इसके बावजुद रेत ठेकेदारों की आपसी प्रतिस्पर्धा से यह मामला खटाई में पड़ गयी। और अब प्रषासन के आदेश को दर किनार कर रेत ठेकेदार अपने गुर्गो से रेत खदान में अपनी मनमानी कर रहे है। मनमानी भी ऐसी की उनके मन में जो आता है वैसा कर रहे है इन्हें रोकने वाला कोई नहीं। 29 नवम्बर के बाद सप्ताह भर पीटपास कटने बंद हो गये थे पर रंग-बिरंगी पर्ची का खेल फिर शुरू हो गया। आलम यह है कि रेत गुर्गो को अब कॉपी के पन्ने में रेत की रकम डाल कर रसीद का स्वरूप दे रहे है।

रसीद कटाने के बाद भी खनिज विभाग से वाहन नहीं सुरक्षित

युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष सुजीत सोनी ने बताया कि पिपरा रेत खदान में अब गुंडा टैक्स देना पड़ रहा है। रसीद का पता नहीं पर सामान्य कॉपी के पन्ने में रेत ठेकेदार के गुर्गो द्वारा रकम डाल कर वाहन मालिकों से रेत पीटपास के नाम से राषि वसुली जा रही है। यह राषि देने के बाद भी वाहनों को खनिज विभाग द्वारा इनमें कार्यवाही कर दी जा रही है। ऐसा ही मामला 15 दिसम्बर को देखने को मिला जहां वाहन चालक ने रेत गुर्गो से बिना राषि अंकित हुआ रसीद कटवाया और राशि भी दिया रेत भर कर जैसे ही महोरा पहुंचा खनिज विभाग के कर्मचारीयों द्वारा वाहन पर कार्यवाही कर दी गयी।

प्रतिबंधित रेत खदान में वसूली के पीछे क्या खनिज विभाग की मौन स्वीकृति

लोगों का कहना है कि जब रेत खदान प्रतिबंधित किया जा चुका है और नया आदेश जारी नहीं हुआ है तो ठेकेदार रेत का परिवहन कैसे कर रहा है। पीटपास के नाम पर शुल्क वसूलकर रंग-बिरंगी पर्ची काट रहा है जबकि निरस्तीकरण आदेश में लिखा हुआ है कि रेत उठाव बन्द रहेगा। उसके बावजूद रेत उठाव परिवहन और शुल्क वसूली ठेकेदार द्वारा किये जाने से स्पष्ट है कि खनिज विभाग से मिलीभगत कर ठेकेदार गुंडा टैक्स वसुल रहा है। जिस पर खनिज विभाग को संज्ञान होने के बाद भी ठेकेदारों की कार्यो पर मौन स्वीकृति देना जैसा है।


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