अम्बिकापुर@पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी,आरोपी गिरफ्तार

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महिला को प्रेमी ने दिया था धोखा,दरिमा क्षेत्र के झांगझरिया पहाड़ी के नीचे युवती की मिली थी अधजली लाश

अम्बिकापुर 25 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रकेली खाई से एक अज्ञात महिला के शव को अर्ध्यजली हालत में पुलिस की टीम ने बरमाद किया था। पीएम रिपोर्ट आने के बाद खुलासा हुआ कि महिला की किसी अज्ञात व्यक्ति ने गला दबाकर पहले हत्या की फिर शिनाख्त छुपाने के लिए उसके शव को जलाल दिया। इसके बाद पुलिस की टीम अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच में जुट गई। इधर अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम कंबाले ने विशेष टीम का गठन किया। इसके बाद पुलिस ने हर दिशा में जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती मृतका की शिनाख्ती थी। इस चुनौती को सरगुजा पुलिस में स्वीकार करते हुए जांच को आगे बढ़ाएं और लगभग सैकड़ों गुम इंसान की तस्दीक की गई। यही नहीं पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए लगभग सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और इस कार्य के लिए पुलिस को 700 घंटे से ऊपर का वक्त लगा। लेकिन पुलिस पूरी धैर्य के साथ अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए लगी रही। इसी बीच घटनास्थल से बरामद हुए मृतका के चप्पल, कपड़े और शिव की मूर्ति के जरिये पुलिस मृतिका के घर तक पहुंच गई। जब पुलिस ने बरामद समान को मृतका के परिजनों को दिखाया तो उन्होंने मृतिका की शिनाख्ती की। मृतिका दीक्षा सिंह बलरामपुर जिले के राजपुर की रहने वाली थी। इधर मृतका की शिनाख्ती होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि राजपुर में वह एक मोटरसाइकिल के शोरूम में काम करती थी। वही शोरूम में कार्यरत अशोक कौशिक से उसका प्रेम संबंध था। पुलिस को जब इस मामले की जानकारी लगी तो पुलिस ने अशोक कौशिक को हिरासत में लेकर पूछताछ किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने प्रेमिका की हत्या करने का गुनाह स्वीकार किया। उसने बताया कि उसकी प्रेमिका पहले से शादीशुदा थी और वह उससे शादी करना चाहती है। लेकिन आरोपी नहीं चाहता था कि उसकी शादी मृतिका से हो। वही प्रेमिका को शादी से मना करने पर वह थाने में एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देती थी। कानूनी पेच में फंसने के डर से आरोपी ने अपनी प्रेमिका को 25 अक्टूबर की रात गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। फिलहाल इस मामले में पुलिस आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर उसे न्यायिक रिमांड में पेश करने के बाद जेल दाखिल कर दी है।
इस मामले का खुलासा करते हुए सरगुजा एसपी अमित तुकाराम कामले ने बताया कि 2 नवंबर को दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम रकेली स्थित झांगझरिया पहाड़ी के नीचे एक महिला की खाई में अर्ध जली लाश मिली थी। पुलिस को घटनास्थल से मृतिका के अधजले कपड़े, चप्पल, स्वेटर व शिव जी की मूर्ति मिले थे। इसी अवशेष के आधार पर पुलिस पहले मृतिका की पहचान कराई। पुलिस को इसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस को इसके लिए जिले के जिले एवं सरहदी जिलों के थानों से संपर्क कर गुम महिलाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करनी पड़ी। इस संबंध में पुलिस को जानकारी मिली की राजपुर थाना क्षेत्र की महिला दीक्षा सिंह 25 अक्टूबर से वह अपने घर से निकली है। पुलिस ने उसके घर जाकर परिजन से जानकारी ली तो मृतिका की बहन ने कपड़े के अवशेष देखकर पहचान कर ली। परिजन ने पुलिस को बताया कि मृतिका का प्रेम संबंध राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम परसागुड़ी निवासी अशोक कौशिक पिता रामदास कौशिक उम्र 25 वर्ष से था। जबकि मृतिका पूर्व से शादी सुदा थी। वह अपने ससुराल नहीं जाना चाहती थी और अशोक कौशिक के साथ जीवन बीताना चाहती थी और उससे शादी करना चाहती थी। 25 अक्टूबर की सुबह दीक्षा अपना घर परिवार छोड़कर अशोक से शादी करने के लिए निकली थी। पुलिस ने उसके प्रेमी अशोक को हिरासत में लेकर पूछताछत की तो वह जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया है। प्रेस कांफे्रंस के दौरान एसपी के अलावा एडिशनल एसपी विवेक शुक्ला, सीएसपी पुष्कर शर्मा, एसडीओपी अखिलेश कौशिक उपस्थित थे। वहीं संपूर्ण कार्रवाई में दरिमा थाना प्रभारी आशा तिर्की, उप निरीक्षक शिशिरकांत, सहायक उपनिरीक्षक भूपेश सिंह, सरफराज फिरदौसी, राकेश यादव, राकेश मिश्रा, प्रधान आरक्षक सुरजीत कोरी, आरक्षक राकेशयार्मा, संजय केरकेट्टा, सोहन राजवाड़े, अनुग्रह तिर्की, शहबाज अंसारी, संजय राजवाड़े, साइबर सेल से सुधीर सिंह, प्रवीण राठौर, विरेंद्र पैकरा, अंशुल शर्मा, जितेश मुख्य रूप से सक्रिय रहे।

आरोपी साजिश पूर्वक दिया था घटना को अंजाम

मृतिका दीक्षा ङ्क्षसह पूर्व से शादी सुदा थी। वह ससुराल नहीं जाना चाहती थी और मायके में रहकर राजपुर एक शो रूम में काम करती थी। वहीं पर पदस्थ कर्मचारी अशोक कौशिक से उसका प्रेम संबंध हो गया था। वह उसी से शादी करना चाहती थी। 25 अक्टूबर को घर से विवाद कर अपने साथ मोबाइल व भगवन शिव की मूर्ति लेकर निकली थी। दीक्षा रास्ते में आकर घर से निकल जाने की जानकारी मोबाइल से अपने प्रेमी अशोक को दी। अशोक ने शादी करने की बाता से डर गया और उसे मार देने की मन बना लिया। अशोक ने साजिश पूर्वक पहले उसे सूदूर क्षेत्र जरगढ़ तक बस से बुलाया और रास्ते में ही उसका फोन बंद करा दिया था। जरगढ़ के बाद अशोक उसे अपनी बाइक से लेकर मैनपाट घाट की ओर ले गया। और दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम रकेली स्थित झांगझरिया पहाड़ी के नीचे ले जाकर उसकी गला घोट कर पहले हत्या कर दी फिर उसके शव को अपने गाड़ी से पेट्राल निकाल कर गाड़ी साफ करने वाले कपड़ा से मृतिका के पूरे शरीर में पेट्राल लगाया और जला दिया।

700 घंटे से ज्यादा का खंगाला गया फुटेज

महिला का लाश अर्द्ध जली होने के कारण पहले उसका पहचान करना पुलिस के लिए काफी चुनौती साबित हो रहा था। पुलिस को आरोपी व मृतिका की पहचान कराने के लिए मात्र घटना स्थल पर मिले चप्पल, कपड़े के अवशेष व मूर्ति ही थे। पुलिस ने आस पास के हाट बाजार में जाकर चप्पल के संबंध में जानकारी ली की वह किस-किस क्षेत्र में इस तरह के चप्पल बेचे जाते हैं। वहीं घटना पहाड़ी क्षेत्र के होने के कारण शहरी क्षेत्र से लेगे सीमा पर सीसीटीवी फुटेज की जांच की पुलिस ने सौकड़ों सीसीटीवी एवं 700 घंटे से ज्यादा का सीसीटीवी फुटेज खंगालना पड़ा।


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