बैकु΄ठपुर@प्रधानमंत्री ने संसद में पारित तीनों कृषि बिल लिया वापस,किसानों में हर्ष

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कांग्रेस ने कहा चुनाव को देखते हुये केन्द्रीय सरकार डरी,भाजपाईयों ने किसानों की खुशी के लिये बिल की हुयी वापसी

बैकु΄ठपुर 19 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र के नाम सम्बोधित करते हुये कहा कि कृषि कानूनों को वापस लिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी सरकार, किसानों के कल्याण के लिए, खासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए, देश के कृषि जगत के हित में, देश के हित में, गांव गरीबों के उज्जवल भविष्य के लिए, पूरी सत्य निष्ठा से, किसानों के प्रति समर्पण भाव से, नेक नीयत से ये कानून लेकर आई थी। लेकिन इतनी पवित्र बात, पूर्ण रूप से शुद्ध, किसानों के हित की बात, हम अपने प्रयासों के बावजूद कुछ किसानों को समझा नहीं पाए। इसलिए आज मैं सभी को बताना चाहता हूं कि हमने तीनों कृषि कानून को निरस्त करने का फ़ैसला किया है। जिसे लेकर कांग्रेस ने कहा कि सरकार फैसले लेने में काफी लम्बा समय लगा दी। चुनाव को देखते हुये ऐसा लिया गया है यदि किसानों का हित चाहती तो किसानों को मरने नहीं देती। वहीं भाजपाईयों ने कहा सरकार कृषि कानून बिल किसानों के लिये लायी थी, उन्हें समझाने का पूरा प्रयास किया गया। यदि उन्हें लगता है कि यह बिल उनके काम का नहीं तो सरकार ने भी उनके खुशियों की चिंता करते हुये उस बिल को वापस लेने का निर्णय लिया है।

चुनाव में नुकसान न उठाना पड़े इस डर से वापस लिया कृषि कानून बिल

नजीर अजहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा केंद्र सरकार ने साल भर किसानों को परेशान किया। आंदोलन में कई किसान भी मारे गये। अब जब चुनाव सामने हैं तो चुनाव में कैसे किसानों का वोट मिलेगा इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने कृषि बिल को वापस लिया है आज भी उन्हें किसानों की नहीं अपने वोट बैंक की राजनीति की चिंता है।

असत्य पर सत्य की जीत

योगेश शुक्ला प्रदेश सचिव छत्तीसगढ़ कांग्रेस इन्होंने कहा को असत्य पर सत्य की जीत हुई है किसानों का आंदोलन सफल हुआ है कांग्रेस पार्टी शुरू से ही कृषि बिल के विरोध में थी साथ ही किसानों के साथ थी और कृषि बिल वापसी की मांग भी किसानों के साथ कर रही थी, आखिर मोदी तानाशाह को झुकना पड़ा, साल भर बाद मोदी जी को समझ में आया कि मुझसे गलती हो गई आज माफी मांग रहे हैं यही काम पहले कर लेते तो इतने किसानों की मौत नहीं होती।

पांच राज्यों में हार का सामना ना करना पड़े इस डर से किसान बिल लिया वापस

वेदांती तिवारी जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोरिया इन्होंने ने कहा कि पांच राज्यों में चुनाव है इसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने कृषि बिल वापस लिया है उन्हें भी हार का डर सता रहा था जिसका परिणाम है कि कृषि बिल वापस लिया गया कृषि बिल वापस होना किसानों का सम्मान है।

किसान को मिला उनका हक

यवत सिंह किसान नेता व वरिष्ठ कांग्रेसी इन्होंने कहा कि सरकार को फैसला लेने में बहुत बड़ा वक्त लग गया इस फैसले को काफी पहले लेना चाहिए था तो शायद आज सरकार की आलोचना नहीं होती अतः सरकार ने किसानों के सामने घुटने टेके हैं किसानों का सम्मान किया है किसानों की जीत हुई है।

किसानों की लंबी लड़ाई का परिणाम है

बिहारी लाल राजवाड़े जिला महामंत्री कांग्रेस इन्होंने कहा कि देश का किसान काफी लंबी लड़ाई लड़ा है जिसका परिणाम ही है कि केंद्र सरकार ने तीनों के तीनों कृषि बिल वापस ले लिया इस बात का अफसोस भी रहेगा कि सरकार ने फैसले लेने में बहुत लंबा समय लगा दिया आज यही वजह है कि यह कहना कहीं से गलत नहीं होगा कि सरकार पांच राज्यों में चुनाव में नुकसान न उठाना पड़े इसे लेकर बिल वापस लिया है खैर कारण जो भी हो पर किसानों के लिए यह सम्मानजनक फैसला है उनके संघर्ष की जीत है, इस फैसले से किसान खुश है।

किसान बिल को समझ ही नहीं पाये तो ऐसे बिल का क्या काम

भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री और केन्द्रीय कृषि मंत्री किसानों के हित के लिये बिल लाया था। किसानों का समझाने का भी काफी प्रयास किया गया जब हमारे किसान ही इस बिल का लाभ समझना नही चाहते तो इसलिए प्रधानमंत्री ने बिल को वापस लेने का फैसला लेना सही समझा।

बिल वापस लेने में ही किसानों की खुशी थी इसलिऐ प्रधानमंत्री ने बिल वापस लिया

पूर्व केबिनेट मंत्री भईयालाल राजवाड़े ने कहा कि यह बिल किसानों के लिये था और यदि किसान ही इस बिल से संतुष्ट नहीं है तो हमारे प्रधानमंत्री ने किसानों की चिंता करते हुये उस बिल को वापस लिया है। किसान का हित ही सर्वोपरी है यह हमारे प्रधानमंत्री चाहते है।


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