बैकुण्ठपुर/पटना@तीन महीने पहले हुई लाखों की चोरी के मामले को सुलझाने में पुलिस को मिली सफलता

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एसईसीएल अधिकारी के घर हुयी थी चोरी,सौ से अधिक संदेही से गुजरना पड़ा पुलिस को

-रवि सिंह-

बैकुण्ठपुर/पटना। 12 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। थाना पटना के अंतर्गत सहक्षेत्र कटकोना में पदस्थ एसईसीएल अधिकारी के घर तीन महिने पहले हुयी चोरी को सुलझाने में पटना पुलिस को अंततः सफलता मिल गयी। मुख्य आरोपी बैकुण्ठपुर का बताया जा रहा है वहीं दो चोरी के समान खरीदने वाले आरोपी शामिल थे जिसमें एक की मृत्यू हो गयी वहीं दो आरोपी पुलिस के गिरफ्त में है जहां उन्हें कार्यवाही कर जेल भेजा गया।
मिली जानकारी के अनुसार कटकोना ऑफिसर कॉलोनी में रह रहे धर्मेष कुमार मंडलेकर के घर 12 अगस्त को कुछ घंटो के लिये गये बाहर इसी बीच चोर ने उनके घर का ताला तोड़ लगभभ लाखों की जेवरात चोरी कर लिये थे। जिसके बाद पुलिस चोरों की तलाश कर रही थी पर पुलिस के पास ऐसा कुछ भी सुराग नहीं था जिससे चोरों तक पहुंच सके। पुलिस ने काफी प्रयास किया कि चोरों तक पहुंच सके इसके लिये उन्होंने सौ से ज्यादा संदेहीयों से पूछताछ की तब जाकर सिर्फ चोरी की घटना दिनांक को एस सीसीटीव्ही कैमरे में धुंधला तस्वीर व उसके टी शर्ट के कलर पर चोर को ढुंढना शुरू किया। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के निर्देष पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन एवं उप पुलिस अधीक्षक कविता ठाकुर के नेतृत्व में पटना थाना प्रभारी सौरव द्विवेदी, पुलिस सहायता केन्द्र कटकोना प्रभारी चेतन राजवाड़े, प्रधान आरक्षक नवीन दत्त तिवारी, आरक्षक पुष्कल सिन्हा, प्रिंस राय की टीम बनाकर चोरों की पतासाजी की जा रही थी। विवेचना के दौरान मुखबिरों के सूचना पर संदेही से पुलिस ने पतासाजी की तो चोरी का टी शर्ट पहनकर मनोज कुमार राजवाड़े घुम रहा था। जिस पर पुलिस ने मनोज कुमार राजवाड़े को पकड़ा और कड़ाई से पुछताछ किया तो उसने चोरी करना स्वीकार किया। साथ में यह भी बताया कि चोरी के समान को कहां बेचा है। चोरी के समान बेचना उसने अजीत कुमार सोनी निवासी बैकुण्ठपुर तथा जितेन्द्र कुमार सोनी बैकुण्ठपुर को बेचना बताया है। जिसमें जितेन्द्र कुमार सोनी महिना भर पहले दुर्घटना से मृत्यू हो गयी। मनोज कुमार राजवाड़े व अजीत कुमार सोनी को चोरी के सोने के हार गला हुआ सोना, चांदी व चोरी में प्रयोग किया हुआ मोटर साईकिल एवं ताला तोड़ने में उपयोग किया सब्बल के साथ गिरफ्तार कर उसे रिमांड पर भेजा।

चोरी का शर्ट ने ही पहुंचाया चोर तक

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह ने बताया कि उक्त चोरी को सुलझाना काफी कठिन था क्योंकि इस चोरी में एस सिंगल व्यक्ति शामिल था और पुलिस के पास या घटना स्थल के पास से ऐसे सुराग नहीं मिल पा रहे थे जिससे चोर तक पहुंचा जा सके। जिस घर में चोरी की थी वहां से जेवरातों के साथ कुछ कपड़े भी नये चुराये थे जिसमें से आरोपी ने चोरी किये हुये टीषर्ट को पहनकर घुम रहा था टीशर्ट की पहचान होने तक चोर तक पहुंचने में पुलिस को सफलता मिली।

चोरी के मामले को सुलझाने के लिये लगभग सौ संदेहीयों से गुजरना पड़ा

पटना पुलिस के लिये इस चोरी को सुलझाना काफी कठिन था क्योंकि घटना स्थल और चोर का निवास की दूरी काफी था। नजदीकी चोर नहीं होना भी पुलिस के लिये काफी समस्या भरा था। पुलिस नजदीकी संदेहीयों पर नजर तो बनाये रखी और उनसे पुछताछ भी अपने स्तर पर कर रही थी। चोर को पकड़ने के लिये पुलिस अब तक सौ से ज्यादा संदेहीयों से पुछताछ कर चुकी थी। इसके बाद भी पुलिस को सफलता नहीं मिल पा रही थी। पुलिस के चोर तक पहुंचने के लगातार प्रयास से चोर के साथ चोरी की जेवरात भी बरामद हुयी।

2018 में ज्वेलरी दुकान में हुयी चोरी में भी शामिल होने की बात आयी थी सामने

पटना बाजारपारा स्थित दो ज्वेलरी दुकानों में ताला तोड़कर लाखों की ज्वेलरी चोरी की घटना हुयी थी। पर पुलिस उन चोरों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी थी। उस समय इन लोगों का नाम संदेही बतौर रखा गया था यदि उस समय भी पुछताछ हुयी होती तो उस समय भी मामला सुलझाया जा सकता था। लोगों की माने तो यह लोग आदतन बदमाश है और कई चोरीयों में शामिल होने का संदेश किया जा रहा है।


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