- स΄वाद्दाता-
रामानुजगंज 10 नवम्बर 2021 (घटती-घटना)। लोक आस्था का महापर्व छठ पर बुधवार को शाम भगवान अस्ताचल सूर्य को पहला अर्ध्य दिया गया। इसी तरह गुरुवार को सुबह का अर्ध्य देने के बाद अरुणोदय में सूर्य छठ व्रत का समापन किया जाएगा। अस्ताचल सूर्य को अर्र्ध्य दने के लिए कन्हर नदी में शाम को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
पूरे नगर में पारंपरिक
लोक गीत कि रही गूंज
श्रद्धालुओं ने अस्ताचल भगवान सूर्य को कन्हर नदी के किनारे विधि विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ जल अर्पित किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अस्ताचल भगवान सूर्य को अर्ध्य दिया और वैदिक रीति से पूजा-अर्चना की। कन्हर नदी के किनारे पूजा स्थल पर छठ पूजा के पारंपरिक लोक गीत गूंजते रहे।
उगते सूर्य को अर्ध्य देने
के साथ होगा समापन
इसके पहले व्रतियों ने मंगलवार की शाम भगवान सूर्य की अराधना की और खरना किया था। खरना के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो गया। पर्व के चौथे और अंतिम दिन यानी गुरुवार को उगते सूर्य को अर्ध्य देने के बाद श्रद्धालुओं का व्रत पूरा हो जाएगा। इसके बाद व्रती अन्न और जल ग्रहण करेंगे।
प्रकृति पूजा और
महापर्व का विशेष महत्व
छठ लोक आस्था और प्रकृति पूजा के उत्कृष्ट महापर्व के रूप में पहचान बना चुका है। यह एक ऐसा प्रकृति पर्व है, जिसकी सारी परंपराएं कुदरत को बचाने बढ़ाने और उनके प्रति कृतज्ञता जताने का संदेश देती है। इस पर्व में सबसे पहले साफ सफाई और पवित्रता पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है। घरों से लेकर घाटों तक की सफाई होती है। सूर्य को जल और दूध अर्पण करने के अतिरिक्त ऐसी कोई भी चीज विसर्जित नहीं की जाती, जो नदियों में प्रदूषण बढ़ाए। यह दुनिया का इकलौता ऐसा पर्व है जिसमें न सिर्फ उगते हुए बल्कि डूबते सूर्य की भी अराधना की जाती है।
शुद्धता और पवित्रता
के साथ 36 घंटे का
निर्जला उपवास
छठ मैय्या की आराधना के लिए व्रत के बहुत कठोर नियम है। इस पर्व पर श्रद्धालु 36 घंटे का निर्जला उपवास रखते हैं। छठ के दूसरे दिन यानी खरना की शाम को व्रती पूजा कर प्रसाद ग्रहण करते हैं। उसके बाद वह सीधे छठ के चौथे दिन यानी उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही अन्न जल ग्रहण करते हैं। इस व्रत में शुद्धता और पवित्रता का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।
सागर फाउंडेशन ने
छठ व्रतियों को बाटी सामग्री
शास्त्रों में बताया गया है कि छठ व्रतियों की सेवा करने से सभी प्रकार की मनोकामना पूरी होती है। इसी कामना के साथ नगर के समाज सेवी संस्था फाउंडेशन ने सभी छठ व्रतियों के बीच पूजन सामग्री सहित फल फूल एवं वस्त्र का वितरण किया गया। कन्हर नदी मार्ग पर स्थित महामाया चौक के समीप रेस्ट हाउस के पास संस्था के अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने अपने सहयोगियों के साथ छठ व्रतियों के सूपले में नारियल, सिंघाड़ा,नींबू,ईख,मूली,हल्दी अर्क पत्र आदि सहित कई सामग्री दी गई। इस अवसर प्रमोद कश्यप अतुल गुप्ता विजय गुप्ता राम आशीष मेहता अजय जयसवाल महेश अग्रवाल राजेश अग्रवाल रघुनंदन रवि टी आर शर्मा एस पी निगम अजय कुमार केशरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
नापाध्यक्ष के निर्देश पर हुई छठ घाटों की साफ-सफाई
कन्हर नदी में होने वाले आस्था का महापर्व छठ पूजा को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल के निर्देश पर छठ घाटों में राम मंदिर शिव मंदिर पुरानडीह सहित अन्य जगहों पर छठ व्रतियों की सुविधा हेतु छठ घाट जाने के कच्ची रास्ते को मरम्मत व छठ घाटों की साफ सफाई करायी गई इस दौरान जेसीबी के माध्यम से जर्जर रास्ते पर मिट्टी डलवाकर समतल कराया गया।छठ घाटों के आसपास जमे गंदगी व उगे झाडç¸यों की साफ सफाई के साथ ही लाइटिंग व्यवस्था भी कराई गई। नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने बताया कि कोरोना काल को छोड़कर बाकी पिछले कई वर्षों से छठ व्रतियों की सुविधा के लिए नदी में बाढ़ के कारण जर्जर रास्ते की मरम्मत व छठ घाटों की साफ सफाई कराई जाती है। और यह कर्म आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने आस्था का महापर्व छठ पूजा पर नगर वासियों सहित मौके पर उपस्थित अपने सगे संबंधी एवं इष्ट मित्रों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
Check Also
कोरिया/सूरजपुर/सरगुजा@ कुदरत का अनमोल खजाना: सरगुजा की वादियों में बिखरे जन्नत के नज़ारे
Share सोनहत से कुदरगढ़ तक — सरगुजा की धरती पर प्रकृति, आस्था और रोमांच का …
घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur घटती-घटना – Ghatati-Ghatna – Online Hindi News Ambikapur