रामानुजगंज @ महाविद्यालय के प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं से किया अभद्र व्यवहार,मामला पहुँचा थाने

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छात्राओं के साथ अपमान जनक व्यवहार किया,महाविद्यालय रामानुजगं के छात्र-छात्राओं में आक्रोश बढ़ा

पृथ्वीलाल केशरी-

रामानुजगंज 30 अक्टूबर 2021 (घटती-घटना)।शासकीय स्नातक महाविद्यालय रामानुजगंज के प्रभारी प्राचार्य एक बार फिर से विवादों के घेरे में हैं इस बार महाविद्यालय के छात्राओं के द्वारा एक सहायक प्राध्यापक के विरुद्ध आवेदन लिख कर देने से मना करने पर छात्राओं के साथ अपमान जनक व्यवहार किया गया जिससे पूरे महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं में आक्रोश व्याप्त हो गया एवं यह मामला थाने तक भी पहुंच गया हैं। गौरतलब है कि महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ आर बी सोनवानी के द्वारा महाविद्यालय की दो छात्राओं से महाविद्यालय में कार्यरत एक सहायक प्राध्यापक के विरुद्ध लिख कर देने को कहा गया जिस पर छात्राओं के द्वारा कहा गया कि हम लोग झूठा नहीं लिख सकते जिससे प्रभारी प्राचार्य छात्राओं पर भड़क गए और उन्हें अपने चेंबर में बुलाकर काफी उल्टा सीधा बोला यहां तक की कई अपमान जनक बातें भी की जिससे छात्राएं बहुत आहत हुई एवं जब इसकी जानकारी अन्य छात्र छात्राओं को लगी तो महाविद्यालय में आक्रोश पनप गया एवं काफी संख्या में छात्र-छात्राएं थाना पहुंचकर लिखित में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग करने लगे।

प्राचार्य ने दी भविष्य खराब कर देने की धमकी

छात्राओं के द्वारा सहायक प्राध्यापक के विरुद्ध झूठा लिखकर नहीं देने पर प्रभारी प्राचार्य इस कदर गुस्सा हो गए कि वह छात्राओं का भविष्य खराब कर देने तक की धमकी देने लगे। प्रभारी प्राचार्य की धमकी से महाविद्यालय के छात्रा-छात्राओं काफी डरी सहमी हुई है।

पूर्व में भी ठुमके लगाने को लेकर हो चुके हैं विवादित

विदित हो कि महाविद्यालय के प्राचार्य का कॉलेज द्वारा आयोजित एनएसएस कैंप के दौरान छात्राओं के साथ ठुमके लगाने का वीडियो वायरल हुआ था। जिसके बाद महाविद्यालय में इसे लेकर काफी विवाद भी हुआ था एवं यह मामला उच्च शिक्षा मंत्री तक पहुंचा था। लेकिन राजनीतिक संरक्षण के कारण आज तक मामला पेंडिंग पड़ा हुआ है और उसी विद्यालय में प्रचार अपना ड्यूटी बजा रहे हैं यही कारण है कि बढ़ते मनोबल के कारण कुछ भी करने को ततपर हैं अब देखना यह होगा कि इस मामले में भी शिक्षा विभाग द्वारा संज्ञान लिया जाता है या नेताओं की सोर्स सिफारिश पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।


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