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पैदल आए ग्रामीणों को बस से सकुशल पहुंचाया
रायपुर, २८ अक्टूबर २०२१ (ए)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर नारायपुर जिले से आए लोगों को उनके गांव तक वापस भेजने के लिए जिला प्रशासन रायपुर द्वारा आरटीओ रायपुर एवं आरटीओ कांकेर के माध्यम से बस की व्यवस्था कराके सभी ग्रामीण को सद्मद्दशल उनके गृह ग्राम तक पहुंचाया गया है। इसके लिए 26 अक्टूबर को 4 बस और 27 अक्टूबर को 5 बस आरटीओ के माध्यम से व्यवस्था कर ग्रामीणों को उनके गांव तक भेजा गया है।
गौरतलब है कि 26 अक्टूबर को कांकेर जिले के विभिन्न गांव के लोग अपने गांव को नारायणपुर जि़ले में शामिल करने की मांग को ले कर रायपुर आए थे। ये ग्रामीण अपने ग्राम से रायपुर तक पैदल और विभिन्न माध्यम से पहुंचे थे। मुख्यमंत्री बघेल को इस सम्बंध में सूचना मिलने पर तत्काल ही रायपुर कलेक्टर को निर्देशित किया गया की पैदल आए ग्रामीणजनों के उनके घर पहुंचने के लिए व्यवस्था की जाए।
दरअसल, छत्तीसगढ़ के अन्तागढ़ क्षेत्र अंतर्गत कोलर इलाके के 58 गांव के ग्रामीण राज्यपाल से मिलने 24 अक्टूबर को पदयात्रा कर मगंलवार को रायपुर पहुंचे। इनकी मांग है कि 58 गांव को नारायणपुर जिले में शामिल किया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर 45 दिन से ग्रामीण धरने पर बैठे हुए थे। ग्रामीणों की मांग अनसुनी किए जाने के बाद 58 गांव के करीब हजारों ग्रामीण पैदल ही राजधानी रायपुर पहुंचे। उनका कहना है कि राज्यपाल स्वयं आदिवासी समाज से आती है, लिहाजा वे हमारी समस्या को बेहतर समझेंगी।
ज्ञात हो कि 13 ग्राम पंचायत के 58 गांव के ग्रामीण साल 2007 से मांग कर रहे हैं कि उनके गांव को नारायणपुर जिले में शामिल किया जाए।लेकिन पूर्व सरकार से लेकर आज तक उनकी मांगों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।


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