लखनपुर @ विभागीय लापरवाही से लाखों करोड़ों की लागत से बना नहर चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट

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नहर में बड़ा होल होने से पानी खेतों में,किसान चिंतित,दर्जनों किसानों ने धान की फसल खराब होने की आशंका जताई

मनोज कुमार-

लखनपुर 12 अक्टूबर 2021 (घटती-घटना)। सिंचाई विभाग के द्वारा अलगा बांध पर 2 वर्ष पूर्व गांवो के बीचो बीच कंक्रीट नहर का निर्माण कार्य कराया गया था। जहां नहर के माध्यम से दर्जनों गांव के किसानों को इसका लाभ पहुंचाना था। परंतु आज यही नहर किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। नहर में बड़ा होल होने से इसका पानी दर्जनों किसानों के खेतों में जाने से धान की पक्की फसल खराब हो सकती है। मामला सरगुजा जिले के लखनपुर विकास खंड कहां है। जहां लाखों करोड़ों की लागत से बना नहर आज भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। जहां सरकार नहर के माध्यम से सैकड़ों किसानों को लाभ पाना पहुंचाना चाहती है परंतु विभागीय लापरवाही के कारण यह नहर किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। सिंचाई विभाग के द्वारा लाखों करोड़ों की लागत से 2 वर्ष पूर्व ग्राम बेलदगी अलगा बांध से ग्राम कोसंगा , लखनपुर भरतपुर गोरता तक नहर का निर्माण कार्य कराया गया था। विभागीय लापरवाही के कारण आज भी नहर निर्माण कार्य आधा अधूरा है। तो वहीं नहर में कई जगह दरारें पड़ चुकी है। जानकारी के मुताबिक ग्राम कोसंगा से होकर गुजरी नहर में बड़ा होल होने से नहर का पूरा पानी खेतो में जा रहा है। खेतों में पानी भरा होने से फसल खराब होने की आशंका किसानों ने जताई है। ग्राम कोसंगा के किसान लोचन सिंह , महेश सिंह, घूर साय, अशोक, फेकू, राम प्रशाद, राजनाथ, जगेस्व्र ,जयपाल, सतपाल,राम बाई, आनंद, नार सिंह, अमृत, चितरंजन, माइको बाई, सच्चा राम , सहित अन्य किसानों आरोप लगाते हुए कहा कि सिंचाई विभाग की लापरवाही का खामियाजा हम किसानों को भुगतना पड़ रहा है । पूर्व में नहर में छोटा होल हुआ था जांच करने आए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई थी। परंतु अधिकारियों के द्वारा उस छोटे होल को बंद नहीं किया गया। जिसके बाद यह होल बड़ा हो गया और नहर का पानी खेतों मे जाने से किसान धान की फसल नहीं काट पा रहे खेतो में ज्यादा पानी होने से धान की फसल भी खराब हो सकती है। कई बार इसे लेकर विभाग को सूचना भी दी गई परंतु आज तक विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। तो वही किसानों ने नहर का पानी बंद करते हुए नहर का मरम्मत कार्य कराए जाने की मांग शासन प्रशासन से की है।


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