बिलासपुर ,28 सितम्बर 2021 (ए)। सरकारी कर्मचारी के परिवार को प्रोविडेंट फंड की रकम 44 साल के लंबे अंतराल के बाद मिल सकेगी। इस संबंध में पेश की गई याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की माननीय न्यायाधीश पी. सैम कोशी की एकल पीठ ने आदेश जारी किया है और 4 महीने के अंदर मृतक कर्मचारी की पत्नी को सभी दावों के भुगतान का निराकरण करने के लिए कहा है।
44 साल बाद जाकर मिलेंगे पति के प्रॉविडेंट फंड के पैसे
कर्मचारी की मृत्यु या सेवनिवृति पर निकलने वाले प्रॉविडेंट फंड की रकम पर कर्मचारी और उसके परिवार का अधिकार हैं । लेकिन छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भोयना गाँव में रहने वाली ख़ुबा बाई को उनके हक¸ की रक¸म के लिए 44 साल तक भटकना पड़ा। दरसल ख़ुबा बाई के पति बुधराम गोंड़ शिक्षा विभाग में कार्यरत थे । जिनकी मृत्यु 1977 को ही हो गयी थी और आज तक वह अपने प्रॉविडेंट फंड के लिए विभागों के चक्कर काट रही हैं।
उच्च न्यायालय बिलासपुर में ख़ुबा बाई ने रक¸म अदायगी के लिए याचिका लगायी थी। जिसमें माननीय न्यायाधीश श्री कोशी जी ने संज्ञान लेते हुए अकाउंटेंट जनरल, जç¸ला शिक्षा अधिकारी, धमतरी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी, धमतरी को 4 माह के अंदर अंदर ख़ुबा बाई के सभी दावों का निराकरण करने का आदेश पारित किया है।ख़ुबा बाई ने याचिका अधिवक्ता शान्तम अवस्थी, प्रांजल शुक्ला और अनिकेत वर्मा के माध्यम से प्रस्तुत की थी।
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